CG – मस्तूरी के मुड़पार तेंदुआ में विवाद थमने का नाम नहीं मनरेगा से बन रहे PDS भवन में सरपंच पर अपनों की फर्जी हाजिरी भरने का आरोप जानें पूरा मामला पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//मस्तूरी विधानसभा में सीपत क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुड़पार तेंदुआ एक बार फिर विवादों में है। यहाँ मनरेगा से निर्माणाधीन PDS भवन में सरपंच पर अपने घर के सदस्यों की फर्जी हाजिरी भरकर मजदूरी निकालने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला…
मुड़पार तेंदुआ में मनरेगा योजना से PDS भवन यानी सार्वजनिक वितरण प्रणाली का गोदाम बनाया जा रहा है। इसके लिए लाखों का बजट स्वीकृत है।
जिस पर ग्रामीण लगातार सरपंच पर आरोप लगा रहें है कि मस्टररोल में अपने परिवार के उन सदस्यों के नाम दर्ज किए हैं जो कभी काम पर आए ही नहीं। कुछ सदस्य तो गांव से बाहर नौकरी करते हैं, फिर भी उनकी रोज की हाजिरी लगाई जा रही है।
ग्रामीणों का बयान…
ग्रामीणों का कहना है कि काम पर 4-5 मजदूर दिखते हैं, पर मस्टररोल में 15-20 लोगों की हाजिरी भरी जा रही है। सरपंच के के भाई पत्नी के साथ अन्य परिवार के सदस्यों के नाम से पैसा निकाला जा रहा है” – नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया। मुड़पार तेंदुआ में पहले भी तालाब गहरीकरण, सड़क निर्माण और पंचायत भवन में भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। पंचों ने एक बार अविश्वास प्रस्ताव भी लाया था और ऐसा ही माहौल फिर से बन रहा है।
ग्रामीणों जल्द कर सकते है शिकायत…
गांव के पंच और ग्रामीण इन सभी मामलों कों लेकर जल्द लिखित शिकायत करने की बात कह रहें है और इस पुरे मामले की जाँच की मांग कर सकते है उनका कहना है की PDS भवन मस्टररोल, जॉब कार्ड और पेमेंट लिस्ट की जांच कराई जाए। काम की जगह पर फोटो-वीडियोग्राफी कराई जाए और फर्जी हाजिरी का पैसा रिकवर किया जाए। और भ्रष्टाचार करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इसकी पुनारावित्ती ना हों।
सरपंच नें क्या कहा..
इस मामले में सरपंच से संपर्क किया गया तो उन्होंने आरोपों गलत बताया और कहा की वो खुद पीडीएस भवन कों बनवा रहें है और उनके घर के सदस्य जिनका नाम हाजरी लगाई जा रही है वो काम करने आते है। और”सभी काम नियमानुसार हो रहे हैं। विरोधी मुझे बदनाम कर रहे हैं। जो भी मजदूर काम कर रहे हैं उन्हीं की हाजिरी लग रही है। प्रशासन जांच कर ले।”
रोजगार सहायक कहते है की उनकों जैसा सरपंच बोल रहें है वो वैसा ही कर रहें है सरपंच PDS भवन का निर्माण करा रहें है इसलिए वो जिनका हाजरी डालने बोलते है उनका डालता हूं।
मनरेगा में गड़बड़ी पर क्या है नियम…
मनरेगा अधिनियम के तहत फर्जी मस्टररोल भरना दंडनीय अपराध है। दोषी सरपंच-सचिव से राशि की वसूली के साथ 2 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही 5 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगती है।




