छत्तीसगढ़

CG – पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन के अध्ययन हेतु रेडक्रॉसएवम् नेस्ट दल का हिमाचल भ्रमण…

पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन के अध्ययन हेतु रेडक्रॉसएवम् नेस्ट दल का हिमाचल भ्रमण

जगदलपुर। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की पर्यावरण उप समिति के सदस्य एवं जूनियर रेडक्रॉस सोसायटी जगदलपुर के जिला सहायक नोडल अधिकारी मनीष कुमार अहीर के मार्गदर्शन में प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा छत्तीसगढ़ की 26 सदस्यीय टीम ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली, सोलन, रोहतांग दर्रा, अटल टनल एवं आसपास के क्षेत्रों का शैक्षणिक एवं पर्यावरणीय भ्रमण किया।

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, जल स्रोतों का संरक्षण, प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूकता तथा रेडक्रॉस के मानवीय मूल्यों को व्यवहारिक रूप से समझना था। टीम ने कुल्लू एवं मनाली क्षेत्र में बहने वाली व्यास नदी का अध्ययन करते हुए हिमालयी नदियों के महत्व, जल संरक्षण एवं नदी तंत्र की विशेषताओं को जाना। रिवर राफ्टिंग के दौरान नदी सुरक्षा एवं आपदा की स्थिति में बचाव संबंधी जानकारियाँ भी प्राप्त की गईं।

मनाली में आयोजित मॉर्निंग नेचर वॉक के दौरान देवदार, चीड़ तथा अन्य स्थानीय वनस्पतियों का अवलोकन किया गया। टीम ने जोगिनी वाटरफॉल, वशिष्ठ तपोवन, स्थानीय कृषि प्रणाली, सेब के बगीचों, सीढ़ीदार खेती तथा ग्रामीण जीवन शैली का अध्ययन किया। स्थानीय किसानों से बातचीत कर हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरण अनुकूल खेती एवं जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की जानकारी प्राप्त की गई।

रोहतांग दर्रा एवं अटल टनल के भ्रमण के दौरान हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र, बर्फीले क्षेत्रों की जैव विविधता, हिमनदों के महत्व तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में मानव जीवन की चुनौतियों को समझा गया। टीम ने प्राकृतिक आपदाओं, भूस्खलन एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन किया, जो रेडक्रॉस के आपदा राहत एवं मानव सेवा कार्यों से सीधे जुड़ा हुआ है।

सोलन क्षेत्र में टीम ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया। यात्रा के दौरान स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक वास्तुकला, लोक जीवन एवं पर्यावरण के बीच संबंधों को भी समझा गया। जिला नोडल एलेक्स जेंडर ने बताया कि रेडक्रॉस सोसायटी सभी मानवीय मूल्यों के लिए काम करती है।

जिला सहायक नोडल अधिकारी एवं यात्रा मार्गदर्शक मनीष कुमार अहीर ने बताया कि रेडक्रॉस केवल स्वास्थ्य एवं आपदा राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जनजागरूकता भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। इस प्रकार की अध्ययन यात्राएँ युवाओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, सेवा भावना तथा आपदा प्रबंधन कौशल विकसित करने में सहायक होती हैं।

यात्रा से लौटकर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, स्वच्छ पर्यावरण एवं स्थानीय समुदायों द्वारा प्रकृति संरक्षण के प्रयास प्रेरणादायक हैं। टीम ने संकल्प लिया कि वे अपने क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण एवं रेडक्रॉस की जनसेवा गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे।

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