
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में कृषि विभाग ने कृषि केंद्रों पर बड़ी कार्रवाई की है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी व अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए विभाग की संयुक्त टीम ने कई कृषि केंद्रों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद नोटिस जारी करने के साथ-साथ बड़ी मात्रा में खाद भी जप्त की गई है।
उपसंचालक कृषि मोनेश साहू के निर्देशन में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लाकेश कुमार साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मयंक नागवंशी एवं घनानंद साहू की संयुक्त टीम ने बेलरगांव, भुरसीडोंगरी और घुरावड़ क्षेत्र के कृषि केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों में नियमों के उल्लंघन और रिकॉर्ड संधारण में अनियमितताएं पाई गईं।
घुरावड़ स्थित के.के. कृषि केंद्र में वितरण रजिस्टर के संधारण में गड़बड़ी मिलने पर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं कई कृषि केंद्रों में मूल्य सूची, लाइसेंस और आवश्यक सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाए गए, जिसे कृषि विभाग ने नियमों का उल्लंघन माना है।
भुरसीडोंगरी के मां कर्मा कृषि केंद्र में कृषि व्यवसाय के साथ अन्य हार्डवेयर व्यवसाय संचालित होने का मामला सामने आया। विभाग ने इसे नियमों के विपरीत मानते हुए संचालक से स्पष्टीकरण मांगा है।
सबसे बड़ी कार्रवाई बेलरगांव में हुई, जहां पवार ट्रेडर्स एवं कृषि केंद्र में मिस ट्रेडिंग और खाद विक्रय संबंधी अनियमितता पाए जाने पर लगभग 30 टन खाद जप्त कर लिया गया। इसके अलावा जय किसान कृषि केंद्र में भी खाद विक्रय में गड़बड़ी मिलने पर विभाग ने खाद जप्त करने की कार्रवाई की है।
भवानी ट्रेडर्स एवं कृषि केंद्र सहित अन्य प्रतिष्ठानों में भी मूल्य सूची और लाइसेंस का प्रदर्शन नहीं मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही, कालाबाजारी या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लाकेश कुमार साहू, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, नगरी…किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान जहां भी अनियमितता मिली है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की गई है। आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के कृषि व्यवसायियों में हड़कंप है। विभाग का कहना है कि लगातार निगरानी और कार्रवाई से कृषि आदानों की बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।



