रात में मुरूम माफिया सक्रिय, 5 हाइवा और मशीनों से अवैध उत्खनन,ग्रामीण बोले- आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह खेल?

धमतरी जिले नगरी ब्लाक में एक भी मुरूम मिट्टी खादान नहीं धड़ल्ले से अवैध मुरूम उत्खनन और परिवहन सांकरा के बाद फरसिया महामही के उद्गम स्थल से मूरूम कि चोरी
ग्राम साँकरा के pwd विभाग के अंतर्गत बांध के निचे सड़क निर्माण हो रहा उसमें बिना रायल्टी बिना परमिट परमिशन के बेधड़क सड़क निर्माण में मुरूम डाला जा रहा वो विभाग सोया, ग्रामीण सोए और तो और जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी सोए तब मुरूम माफिया द्वारा रात के अंधेरे में मुरुम डाला जा रहा है क्या है राज है।
राजस्व विभाग और खनिज विभाग के उच्चाधिकारियों को पता ही नहीं रहता कि क्षेत्र में ऐसा भी कुछ हो रहा है
खनिज विभाग…ग्राम पंचायत साँकरा के अंतर्गत भोथली रोड पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने स्थित तालाब दो दिनों पहले अवैध मुरूम उत्खनन और परिवहन को लेकर गंभीर विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस तालाब में पहले ही डूबने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, उसी तालाब को अब भारी मशीनों से और अधिक गहरा किया जा रहा था, जिससे भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई थी
यह तालाब रामनगर, शंकर नगर, नन्दी चौंक सहित आसपास के ग्रामीणों के दैनिक उपयोग का प्रमुख जलस्रोत है। तालाब के किनारे ग्रामीणों द्वारा भव्य भगवान शंकर मंदिर का निर्माण भी कराया गया है। इसके बावजूद तालाब की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जिम्मेदार विभागों की उदासीनता सवालों के घेरे में है।
सांकरा के बाद फरसिया महामही का उद्गम स्थान पर रात में अवैध मूरूम खनन किया जा रहा है।
चैन मौनटेन मशीन और पांच हाइवा से चल रहा परिवहन, फिर भी प्रशासन बेखबर!
ग्रामीणों के अनुसार तालाब से मुरूम निकालने के लिए चैन मौनटेन मशीन लगाई गई है तथा पांच हाइवा वाहनों से लगातार परिवहन किया जा रहा है। इतनी बड़ी गतिविधि दिनभर रातभर खुलेआम चलने के बावजूद राजस्व अमले और संबंधित विभागों की चुप्पी कई गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है।
नियमानुसार मुरूम उत्खनन एवं परिवहन के लिए ग्राम पंचायत का प्रस्ताव, पटवारी प्रतिवेदन, तहसीलदार की अनुशंसा तथा खनिज विभाग की विधिवत अनुमति एवं रॉयल्टी पिटपास आवश्यक होता है। इससे शासन को राजस्व प्राप्त होता है। लेकिन यहां नियम-कायदों को दरकिनार कर खुलेआम उत्खनन और परिवहन किए जाने के आरोप लग रहे हैं।
गरीबों पर सख्ती, ठेकेदारों पर मेहरबानी?….
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा अन्य निजी निर्माण कार्यों के लिए यदि कोई व्यक्ति दो-चार ट्रिप मुरूम भी परिवहन करता है तो तत्काल राजस्व अमला और जनप्रतिनिधि सक्रिय होकर कार्रवाई कर देते हैं। लेकिन जब एक तालाब के बाद राजस्व के जमिनो से भारी मशीनों और कई हाइवा वाहनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर मुरूम निकाला जा रहा है, तब सभी जिम्मेदारों की खामोशी आखिर क्या संकेत देती है?
मिलीभगत की आशंका, जवाबदेही तय करने की मांग…
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि यह कार्य वैधानिक अनुमति के बिना हो रहा है तो यह सीधे-सीधे शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का मामला है। वहीं यदि अनुमति प्राप्त है तो संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिनभर से रात में जब शासन विभाग, जिम्मेदार अधिकारी हो जाते तब मशीनों और हाइवा वाहनों से उत्खनन एवं परिवहन रातो रात होने के बावजूद क्या वास्तव में राजस्व अमला अनजान था? यदि हां, तो यह प्रशासनिक विफलता है, और यदि नहीं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
अधिकारियों के बयान…”मुझे तालाब में अवैध उत्खनन और परिवहन की जानकारी नहीं थी। मीडिया द्वारा जानकारी मिली है इस पर जांच कर अवैध उत्खनन किये जाने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।”
— प्रीति दुर्गम, एसडीएम नगरी द्वारा सांकरा तालाब में खोदाई हो रहा था तब सम्पर्क किया गया था।
अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की शिकायतों और उठ रहे गंभीर सवालों के बाद प्रशासन अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है। फिलहाल ग्रामीणों ने तत्काल खनन और परिवहन बंद कराने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने स्पष्ट कहा है कि 15जून से जे से बी मशीन उपकरणों का कार्य स्तर पर बंद रहता है साथ ही साथ अवैध उत्खनन गैरकानूनी है ऐसे करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी जिला प्रशासन कि ओर से।
सरपंच ग्राम पंचायत फरसिया केशव टेकाम का कहना है
हम लोग कोई अनुमति नहीं दिए हैं। गांव के काम के लिए आवश्कता था तब निकाला गया है।रात को निकाला जा रहा है उसके बारे मुझे मालूम नहीं है।रात को निकाला जा रहा है अवैध उत्खनन कार्यवाही कर जांच कर कार्रवाई कराया जाएगा।