CG – ‘सरपंच पति’ का राज, मौन सचिव और बेपरवाह सीईओ; आखिर कब जागेगा प्रशासन ? : राजा ध्रुव

‘सरपंच पति’ का राज, मौन सचिव और बेपरवाह सीईओ; आखिर कब जागेगा प्रशासन ? : राजा ध्रुव
बस्तर/ जगदलपुर। कुछ समय पूर्व ग्राम पंचायत तेली मरेगा में पंचायती राज नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ‘सरपंच पति’ के अवैध कब्जे और दखलअंदाजी की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर के माध्यम से यह साफ दिखाया गया था कि कैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अपनी आंखें मूंदे हुए हैं। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर खुलासे के बाद भी स्थानीय प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है।
सचिव की आंखों पर पट्टी, सीईओ मौन
पंचायत की कमान कागजों पर भले ही महिला सरपंच के हाथ में हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सारे फैसले और रसूख सरपंच पति द्वारा ही चलाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले में पंचायत सचिव की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, जिन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध रखी है। सबसे बड़ा सवाल जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पर उठता है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी या राज है, जिसके कारण सीईओ साहिबा सब कुछ जानते हुए भी इस मामले पर पूरी तरह चुप्पी साधे बैठे हैं? क्या इस शह के पीछे कोई बड़ा प्रशासनिक संरक्षण है?
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार, कब जागेगा तंत्र?
पहली खबर के बाद जनता को उम्मीद थी कि वरिष्ठ अधिकारी मामले को संज्ञान में लेंगे, जांच टीम बैठेगी और इस असंवैधानिक दखलअंदाजी पर रोक लगेगी। परंतु, धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक लचरता को साफ बयां करता है। नियम-कायदों को ताक पर रखकर चलाई जा रही इस पंचायत व्यवस्था से ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश है।
अब देखना यह होगा कि इस दूसरी खबर के बाद भी जिला प्रशासन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी मौन रहते हैं या फिर मामले को गंभीरता से लेते हुए धरातल पर कोई कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।



