12 साल से केंद्र में भाजपा की सरकार, फिर लोकतंत्र बचाने की जरूरत क्यों पड़ी? जनता के सवालों से बच नहीं सकती केंद्र सरकार : विधायक अंबिका मरकाम

नगरी। सिहावा विधानसभा क्षेत्र की विधायक अंबिका मरकाम ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में पिछले 12 वर्षों से भाजपा की सरकार होने के बावजूद लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लोकतंत्र बचाओ मुहिम देश के संविधान, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा के लिए जरूरी है।
विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल चुनाव कराना या सत्ता में बने रहना नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को निर्भीक होकर अपनी बात रखने का अधिकार देना, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाना भी है। जब लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवाल उठते हैं, तब विपक्ष का आवाज बुलंद करना उसकी जिम्मेदारी बन जाती है।
महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरा
अंबिका मरकाम ने कहा कि आज देश का आम नागरिक महंगाई से परेशान है। खाद्य सामग्री, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का बढ़ता खर्च आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर असर डाल रहा है। युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं और किसान अपनी उपज का उचित मूल्य तथा आर्थिक सुरक्षा चाहते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता रोजगार, महंगाई से राहत और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रही है, तब केंद्र सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर ठोस जवाब क्यों नहीं दे रही है?
संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता लोकतंत्र की पहचान
विधायक ने कहा कि चुनाव आयोग, न्यायपालिका, संसद और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास कायम रहना चाहिए। लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और जनता की समस्याओं को सामने रखने का पूरा अधिकार है। आलोचना को विरोध मानकर नजरअंदाज करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार लोकतंत्र की बुनियादी पहचान है। इन अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक सरकार की जिम्मेदारी है।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जारी रहेगा संघर्ष…
अंबिका मरकाम ने कहा कि कांग्रेस की लोकतंत्र बचाओ मुहिम किसी राजनीतिक पद या सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का अभियान है। जनता को केवल भाषण और नारों की नहीं, बल्कि रोजगार, महंगाई से राहत, किसानों की खुशहाली, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के बेहतर भविष्य की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर जनता की समस्याओं को उठाते रहेंगे। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सरकार की जवाबदेही भी जनता के प्रति ही होनी चाहिए।
विधायक ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल रैलियों और नारों से नहीं, बल्कि संविधान के मूल्यों का पालन करने, नागरिक अधिकारों का सम्मान करने और सरकार को जवाबदेह बनाने से होती है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।

