धमतरीनगरी

CG खबर का असर: महंगी यूरिया बिक्री पर प्रशासन का एक्शन, 2 खाद केंद्र 15 दिन बैन; 6 कीटनाशी केंद्रों पर भी कार्रवाई

 महंगे दाम पर यूरिया बिक्री मामले में बड़ी कार्रवाई, नगरी के 2 खाद केंद्रों पर 15 दिन का प्रतिबंध,घुरावड़ के के.के. कृषि केन्द्र और माधुरी बीज भण्डार पर गिरी गाज, 6 कीटनाशी विक्रय केन्द्रों पर भी कार्रवाई

Chhattisgarh dhamtari नगरी/धमतरी। किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया खाद बेचे जाने के मामले में आखिरकार कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नयाभारत लाइव ने 20 अगस्त को नगरी-बेलरगांव क्षेत्र में महंगे दामों पर खाद बिक्री और खाद के परिवहन से जुड़े मामले को प्रमुखता से उठाया था। खबर सामने आने के बाद कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और अब विकासखंड नगरी के दो उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर आगामी 15 दिनों के लिए खाद बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

कृषि विभाग की कार्रवाई के बाद किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने और खाद बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासन की सख्ती सामने आई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, बिना बिल खाद बेचने, अवैध भंडारण, कालाबाजारी अथवा अमानक कृषि आदानों की बिक्री पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

266 रुपये की यूरिया 500 से 800 रुपये में बेचने का मामला

बेलरगांव क्षेत्र में किसानों को 266 रुपये निर्धारित मूल्य वाली यूरिया खाद 500 से 800 रुपये तक में बेचे जाने संबंधी समाचार सामने आने के बाद कृषि विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया। विभाग की ओर से संबंधित विक्रय केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और मामले की जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी कृषि को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया।

निर्देश के बाद जांच अधिकारी ने 27 अगस्त 2026 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जांच में नगरी विकासखंड के मेसर्स के.के. कृषि केन्द्र, घुरावड़ और मेसर्स माधुरी बीज भण्डार में खाद बिक्री से संबंधित विभिन्न अनियमितताओं की पुष्टि हुई।

अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए अनुज्ञा अधिकारी सह उप संचालक कृषि, जिला धमतरी ने दोनों विक्रय केन्द्रों के खिलाफ उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश, 1985 के खण्ड 8(4) एवं 35(1)(बी) के तहत आगामी 15 दिवस के लिए उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही संबंधित विक्रेताओं से अनियमितताओं को लेकर जवाब भी मांगा गया है।

6 कीटनाशी विक्रय केन्द्रों पर भी 15 दिन का प्रतिबंध

इधर कृषि विभाग ने कीटनाशी विक्रय केन्द्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। जिले में चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के दौरान नगरी विकासखंड के छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों में अनियमितताएं पाई गई थीं।

इन विक्रेताओं को नोटिस जारी कर दो दिवस के भीतर जवाब मांगा गया था। निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए—मेसर्स महेन्द्र कृषि केन्द्र, नगरी,मेसर्स देवांगन ट्रेडर्स, नगरी,मेसर्स महामाया ट्रेडर्स, नगरी,मेसर्स बालाजी राघव कृषि केन्द्र, सांकरा,मेसर्स एस.एस. कृषि केन्द्र, सांकरा,मेसर्स रघुपति कृषि केन्द्र, सांकरा,पर आगामी 15 दिनों के लिए कीटनाशी विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत की गई है।
खबर के बाद जांच और कार्रवाई से किसानों में उम्मीद

खाद की कीमत और बिक्री में अनियमितता को लेकर किसानों के बीच लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में नयाभारत लाइव द्वारा 20 अगस्त को मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद कृषि विभाग की जांच और कार्रवाई को खबर का असर माना जा रहा है।

अब विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले में उर्वरक और कीटनाशी विक्रय केन्द्रों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बिना बिल खाद खरीदने से बचें किसान

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक और कीटनाशी खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें। साथ ही उत्पाद की पैकिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि, वैधता तिथि और निर्धारित मूल्य की जांच करें।

यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है, बिना बिल सामग्री देता है अथवा अमानक उत्पाद बेचता है, तो किसान इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दे सकते हैं।

लाइसेंस निलंबन और निरस्तीकरण तक होगी कार्रवाई

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता विभाग की प्राथमिकता है। अनियमितताओं के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण सहित कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।

 नयाभारत लाइव की खबर के बाद शुरू हुई जांच में दो उर्वरक और छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों पर कार्रवाई से अब खाद-कीटनाशी बिक्री में नियमों के पालन को लेकर प्रशासन का रुख सख्त नजर आ रहा है।

 

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