CG -साधु के भेष में दरिंदे : भगवा चोला धारण कर ट्रेन में ले जा रहे थे ये सामान, RPF ने खोला राज, पंजाब के 2 तस्कर गिरफ्तार, लाखों का माल बरामद……

बिलासपुर। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरभ कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टास्क टीम ने कटनी रेल मार्ग के निगौरा रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए साधु का भेष धारण कर गांजा तस्करी कर रहे दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 15.540 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.77 लाख रुपये बताई जा रही है। दोनों आरोपी कथित तौर पर साधु का वेश धारण कर गांजे की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। विशेष टास्क टीम ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आरपीएफ की टास्क टीम निगौरा स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त और संदिग्धों की जांच कर रही थी। इसी दौरान भगवा कपड़ों में साधु का भेष धरे दो व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियों पर जवानों की नजर पड़ी। जब टीम ने उनसे पूछताछ की और उनके पास रखी कपड़ों की पोटलियों की तलाशी ली, तो उसमें से भारी मात्रा में पैकेटबंद गांजा बरामद हुआ।
पंजाब से जुड़े हैं नेटवर्क के तार
आरपीएफ की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाले हंसा नाथ (40 वर्ष) और मनता नाथ उर्फ लंबू (39 वर्ष) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान हंसा नाथ की पोटली से 7.280 किलोग्राम और मनता नाथ के पास से 8.260 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। आरपीएफ ने दोनों तस्करों को बरामद माल सहित कानूनी कार्रवाई के लिए जैतहरी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया है। पुलिस ने धारा 8/20(ख) के तहत अपराध दर्ज कर नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है।
साल 2026 में 3 करोड़ से ज्यादा का गांजा जब्त
बिलासपुर मंडल आरपीएफ नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कड़ा रुख अपनाए हुए है। अकेले वर्ष 2026 में अब तक सघन चेकिंग अभियानों के जरिए लगभग 550 किलोग्राम से अधिक गांजा पकड़ा जा चुका है, जिसकी बाजार में कुल कीमत 3 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई है। रेलवे परिसर और ट्रेनों के जरिए नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए आरपीएफ की विशेष टीमें लगातार मुस्तैद है।



