छत्तीसगढ़

CG – ठगों के जाल में फंसे 43 शिक्षक : पर्सनल लोन के नाम पर लगाया करोड़ों का चूना, 5 आरोपी गिरफ्तार, लैपटॉप और चेकबुक समेत कई अहम दस्तावेज बरामद……

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में शिक्षकों को एक साथ कई बैंकों से पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कोंडागांव पुलिस ने पांच ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनके कारनामे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। पकड़े गए आरोपी सिर्फ शिक्षकों से ही ठगी करते थे। आरोपियों ने अबतक के 43 शिक्षकों से करोड़ों की ठगी की थी। पीड़ितों की शिकायत के बाद एसपी पंकज चंद्रा ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई करते हुए अलग-अलग जिलों से 5 आरोपियों को दबोचा गया।

शातिर ठगों के गिरोह ने फरसगांव, केशकाल, बड़ेडोंगर, धनोरा, विश्रामपुरी सहित कई क्षेत्रों के शिक्षकों को अपने झांसे में लिया था। मामले में थाना फरसगांव और केशकाल में चार अपराध दर्ज है।

जानिए क्या थी शिकायत

दरअसल, फरसगांव निवासी संजय कोडोपी ने थाने में ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने बताया था कि वो एक शिक्षक है और उसने व उसके साथी शिक्षकों ने पर्सनल लोन के लिए अप्लाई किया था। ठगों ने लोन दिलाने के नाम से करीब दो करोड़ की ठगी की।

इसी तरह केशकाल क्षेत्र के शिक्षकों ने भी करोड़ों की ठगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिक्षकों के साथ हो रही ठगी की शिकायत को एसपी पंकज चंद्रा ने गंभीरता से लिया और मामले में जांच कर आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए।

ऐसे देते थे ठगी को अंजाम

जांच में पता चला कि आरोपियों द्वारा संगठित गिरोह बनाकर इस पूरे नेटवर्क को चलाया जा रहा था। पुलिस की टीम ने पीड़ित शिक्षकों से संपर्क कर घटना के संबंध में पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि ठग शिक्षकों को पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद पीड़ितों से लोन एजेंटों के माध्यम से आवेदन करवाते थे। लोन पास होने के बाद शिक्षकों को सिर्फ 40 प्रतिशत राशि देते थे और खुद शेष 60 प्रतिशत राशि अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।

पीड़ितों को ठग झांसा देते थे कि तीन वर्षों के भीतर उनका पूरा लोन उनके द्वारा चुका दिया जाएगा। भरोसा देने के बाद शिक्षकों के सिर पूरा कर्ज छोड़ आरोपी शेष रकम लेकर गायब हो जाते थे।

विशेष टीम गठित कर पकड़ा गया

पूछताछ में मिली जानकारी के बाद एसपी ने पुलिस की विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस ने बैंक डिटेल्स, फोन नंबर समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान पांच आरोपियों का लोकेशन छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में मिला।

पुलिस की टीम ने रेड कार्रवाई कर अंबिकापुर से शिवशंकर दास, दिलीप कुमार सोनी, विरेंद्र तिर्की जशपुर, श्यामसुंदर जांगड़े सारंगढ़, अंशुमान सिंह अंबिकापुर को गिरफ्तार किया।

आरोपियों के कब्जे से मोबाइज, बैंक चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी व रजिस्टर, लैपटाॅप कंप्यूटर जब्त किया गया। पुलिस द्वारा मामले में आगे की जांच कार्रवाई की जा रही है।

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