CG- 8 प्राचार्य निलंबित, 14 प्राचार्यों के वेतन वृद्धि पर लगी रोक, एसोसिएशन ने कार्रवाई को लेकर कही ये बात……

रायपुर। बालोद जिले में बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होने के पश्चात कमजोर परीक्षा परिणाम के लिए सीधे प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय की गई है, छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा, शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर जिले के 8 प्राचार्यों को निलंबित व 14 प्राचार्यों के वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई बालोद के जिला कलेक्टर द्वारा की गई है जो अनुचित है, उपरोक्त एकपक्षीय की गई कार्रवाई पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने विरोध जताते हुए कहा है कि बालोद जिला शिक्षा अधिकारी ही जिम्मेदार है।
वहीं पदाधिकारियों ने प्राचार्यों के निलंबन पर कहा कि कलेक्टर को प्राचार्यों के निलंबन का अधिकार नहीं है, किसी कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जा सकती है, विदित हो कि शिक्षा विभाग द्वारा कार्यवाही के लिए जारी सूची में दो वर्षों के परिणाम को आधार बनाया गया है। आश्चर्य है कि 50 प्रतिशत परिणाम व उससे उपर पर भी कार्रवाई तय की गई है, परिणामों में अंतर पर विभाग की सूची में किसी कक्षा में 100 प्रतिशत परिणाम पश्चात इस वर्ष में कमी व कुछ स्कूलों में पिछले वर्ष की तुलना में एक कक्षा परिणाम में वृद्धि पर भी प्रस्ताव की गई है जो अनुचित है।
संघ ने आरोप लगाया है कि उक्त परिणाम के लिए ज़िम्मेदारी जिले के शिक्षा विभाग के प्रमुख की तय कर कार्यवाही किया जाना था, अपनी जिम्मेदारी न लेते हुए डीईओ ने प्राचार्य पर कार्यवाही प्रस्तावित किया है, जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को अपने अधिनस्थ पर संस्थापित कर रही है उसे तत्काल डीईओ के पद से पृथक किया जाना चाहिए।
संजय शर्मा व पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उक्त कार्रवाई के पहले किसी प्राचार्य का पक्ष सुना नहीं गया है व बिना स्पष्टीकरण एक पक्षीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है जो पूर्णतः अनुचित है।
लगातार गैर शैक्षणिक आयोजन व विभिन्न कार्यक्रमों में शिक्षकों को शामिल रखना, लगातार परीक्षा जिसमें माह सितम्बर में त्रैमासिक परीक्षा, दिसंबर में अर्धवार्षिक इसी बीच टेक्नोफेस्ट आयोजन, जनवरी में प्री बोर्ड व प्रोजेक्ट/ प्रेक्टिकल व हजारों शिक्षकों को जम्बूरी आयोजन सहित अन्य कार्य के प्रयोग में शिक्षकों व छात्रों को तैयारी करने अपेक्षित समय नहीं मिला है, ये सभी दायित्व डीईओ बालोद ने दिया है, इसीलिए वही जिम्मेदार है।
परिणाम के लिए विद्यार्थी व पालक की भी जिम्मेदारी होती है, 70 प्रतिशत व उससे अधिक परिणाम वाले स्कूलों पर भी उक्त कार्यवाही से डीईओ व शिक्षा विभाग पर सवाल उठ रहे हैं, विदित हो कि जिन प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही की गई है उनमें से अधिकांश प्राचार्य दो तीन माह पहले ही पदोन्नति से पदांकित हुए हैं, जिन पर कार्यवाही करना पूर्णतः ग़लत है।



