CG – पूरे भारत से चयनित 100 युवा जनजातीय नेताओं में बस्तर के हेमंत कश्यप ने बनाई जगह…

पूरे भारत से चयनित 100 युवा जनजातीय नेताओं में बस्तर के हेमंत कश्यप ने बनाई जगह
जगदलपुर/बस्तर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मोंगरापाल के युवा आदिवासी नेतृत्व हेमंत कश्यप का प्रतिष्ठित “इंडियन ट्राइबल लीडरशिप 2026” कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है। यह उपलब्धि पूरे बस्तर, छत्तीसगढ़ और आदिवासी समाज के लिए गर्व एवं सम्मान का विषय है।
देशभर के विभिन्न राज्यों से प्राप्त हजारों आवेदनों में से भारत के सभी राज्यों के कोने-कोने से केवल 100 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य से मात्र 5 युवाओं को स्थान मिला है, जबकि बस्तर जिले से चयनित होने वाले हेमंत कश्यप एकमात्र प्रतिभागी हैं।
यह नेतृत्व कार्यक्रम 21 जून 2026 से 28 जून 2026 तक बेंगलुरु, कर्नाटक में आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य देश के उभरते हुए जनजातीय युवाओं को नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सशक्तिकरण, सामुदायिक विकास और नीति निर्माण के क्षेत्र में प्रशिक्षित करना है।
माँ दंतेश्वरी की पावन धरती बस्तर से निकलकर ग्राम मोंगरापाल के युवा आदिवासी प्रतिनिधि हेमंत कश्यप ने अपने संघर्ष, समाजसेवा और जनहित के कार्यों के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हासिल की है।
हेमंत कश्यप लंबे समय से आदिवासी समाज के मुद्दों को जमीनी स्तर पर उठाते रहे हैं। वे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को राशन कार्ड बनवाने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा आदिवासी आश्रमों में बच्चों के खान-पान, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
इसके साथ ही वे युवाओं को सामाजिक नेतृत्व के लिए प्रेरित करते हुए आदिवासी समाज को शिक्षा, अधिकार, संगठन और जागरूकता के प्रति निरंतर प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि समाज की उन्नति के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जागरूक नेतृत्व अत्यंत आवश्यक है।
हेमंत कश्यप का चयन इस बात का प्रमाण है कि यदि दृढ़ संकल्प, सामाजिक प्रतिबद्धता और समाज सेवा का जज़्बा हो, तो गाँव से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई जा सकती है।
इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं एवं आदिवासी समाज के लोगों ने हेमंत कश्यप को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए इसे बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
संदेश :-
“गाँव से बेंगलुरु तक — संघर्ष से नेतृत्व तक”
“हमारी संस्कृति, हमारी पहचान — हमारा नेतृत्व, हमारा अभिमान”
“सशक्त नेतृत्व, समृद्ध जनजातीय समाज, सशक्त भारत”



