CG High Court ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षाकर्मी के आश्रितों के लिए बड़ी राहत, योग्यता न होने पर भी नहीं छिन सकती अनुकंपा नौकरी……

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षाकर्मियों की अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ किया है कि यदि किसी मृत शिक्षक के आश्रित के पास शिक्षक पद के लिए निर्धारित तकनीकी योग्यता नहीं है, तब भी उसे पूरी तरह नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने दुर्ग जिला पंचायत के पुराने आदेश को असंवैधानिक और मनमाना बताते हुए रद्द कर दिया है।
क्या है पूरा मामला ?
यह पूरा मामला दुर्ग जिले का है, जहां सहायक शिक्षक चमन लाल वर्मा का 15 अक्टूबर 2015 को निधन हो गया था। Compassionate Appointment Rules MP CG इसके बाद उनके बेटे राकेश कुमार वर्मा ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। लेकिन, दुर्ग जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 30 जुलाई 2018 को यह कहकर आवेदन खारिज कर दिया कि आवेदक के पास शिक्षक बनने के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं है। इस फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याचिकाकर्ता के वकील बी.पी. राव ने कोर्ट में दलील दी कि नीतियों में बदलाव के कारण कई आश्रित नौकरी से वंचित हो रहे हैं, जबकि नियम के तहत योग्यता न होने पर ग्राम पंचायत सचिव या अन्य उपयुक्त पदों पर विचार किया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की और कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का मूल उद्देश्य परिवार को अचानक आए आर्थिक संकट से बचाना और सहारा देना है, न कि केवल तकनीकी योग्यता के आधार पर अवसर खत्म करना।



