छत्तीसगढ़

CG News : छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को बड़ा झटका, 28 हजार शिक्षकों का नहीं होगा प्रमोशन, सामने आई ये बड़ी वजह…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर लागू नई अनिवार्यता का सीधा असर हजारों शिक्षकों की पदोन्नति पर पड़ता नजर आ रहा है। TET पास नहीं करने वाले करीब 28 हजार शिक्षक प्रमोशन से वंचित हो सकते हैं। करीब छह महीने पहले आयोजित TET परीक्षा में प्रदेशभर से 32 हजार से अधिक शिक्षकों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा परिणाम में करीब 4,500 शिक्षक ही पात्रता परीक्षा पास करने में सफल रहे। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षक TET की पात्रता पूरी नहीं कर पाए हैं।

बताया जा रहा है कि प्रभावित शिक्षकों में ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं, जिनकी सेवा अवधि या वर्तमान पद पर पोस्टिंग को अभी 8 से 10 वर्ष ही हुए हैं। TET की अनिवार्यता के चलते अब इन शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर विभाग के इस फैसले से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित होंगे। वहीं, TET की अनिवार्यता और पदोन्नति पर इसके असर को लेकर शिक्षकों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है।

टेट परीक्षा में 20-25 साल के स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक भी शामिल हुए थे। इनमें से अधिकतर शिक्षक TET परीक्षा में कामयाब नहीं हो सके हैं। ऐसे में अब इन 28 हजार से ज्यादा शिक्षकों का प्रमोशन तो अटक ही गया है। उधर, सोमवार, 10 अगस्त को हुई स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक ने शिक्षकों की चिंता और बढ़ा दी है। जिसमें फैसला लिया गया कि TET पास किए बिना किसी भी शिक्षक को प्रमोशन नहीं दिया जाएगा।

प्रदेश के शिक्षक संगठन TET के ऑप्शन में विभागीय स्तर पर परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं। मांग नहीं मांगे जाने पर अब शिक्षक संगठन लामबंद की तैयारी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षि संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे का कहना है कि बरसों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों के लिए TET जैसी प्रतियोगी परीक्षा पास करने की अनिवार्यता गलत है। इनके लिए विभागीय परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए। यह खास तौर से 20-25 साल से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को मुश्किल में डालना है।

TET की आड़ में प्रमोशन रोकने का प्रयास

छग विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि शिक्षा विभाग ने केवल प्रायमरी और मिडिल के शिक्षकों के प्रमोशन के लिए टेट अनिवार्य किया है। यह पूरी तरह से गलत है। इसे सभी श्रेणी के शिक्षकों पर लागू करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि यह शिक्षकों की प्रमोशन रोकने का प्रयास है। एकाएक टेट की अनिवार्यता लागू करने से शिक्षक कभी पात्र नहीं हो सकेंगे। इसलिए हम विभागीय परीक्षा की मांग कर रहे हैं।

सीनियर्टी लिस्ट तैयार नहीं, शिक्षकों के प्रमोशन की डेट बढ़ी

स्कूल शिक्षा विभाग में प्रमोशन को लेकर सोमवार, 10 अगस्त को सभी संभागीय संयुक्त संचालक (JD) और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई।

बैठक में अधिकतर अधिकारियों ने अभी तक वरिष्ठता सूची तैयार नहीं होने की बात कही। साथ ही बताया कि दावा-आपत्ति के लिए भी समय कम मिला है। इसलिए सीनियर्टी लिस्ट तैयार नहीं हो सकी। इसके लिए समय बढ़ाने का आग्रह किया गया। जिसके बाद प्रमोशन कमेटी ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त सयम देकर 30 अगस्त तक कर दिया है। इससे पहले कमेटी की बैठक 30 जून को हुई थी। जिसमें प्रमोशन 15 अगस्त तक प्रमोशन की कार्रवाई पूरी करने का शेड्यूल तय हुआ था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button