CG – मस्तूरी का वो रास्ता जो मौत को दे रहा दावत बूढीखार-जैतपुर मुख्य मार्ग पहली बारिश में ही ध्वस्त, हादसे के इंतजार में प्रशासन? विधायक से भी नाराज ग्रामीण जानें पूरा मामला पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//मस्तूरी क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला बूढीखार से जैतपुर जाने वाला मुख्य मार्ग पहली ही बारिश में उखड़कर खाई में तब्दील हो गया है। इस सड़क से रोज सैकड़ों लोग मल्हार और मस्तूरी आते-जाते हैं, लेकिन सड़क की हालत देखकर हर किसी की रूह कांप जाती है। ग्रामीणों का सवाल है – “क्या कोई बड़ी दुर्घटना के बाद ही अधिकारी और विभाग जागेंगे?”गाँव वालों का गुस्सा मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया पर भी फूटा उनका कहना हैँ कि विधायक सिर्फ किसी कार्य के उद्घाटन करने या विशेष कार्य में ही पहुंचते हैँ पर समस्या में ग्रामीणों के साथ कभी खड़ा नहीं होते।
क्या है हालत?
ख़ौफ़नाक मंजर साफ दिख रहा है कि सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह धंस चुका है। किनारे की मिट्टी कटकर खेत में जा गिरी है। बीच सड़क में गहरे गड्ढे और कीचड़ भरा पानी जमा है। RCC पाइप भी टूटकर नीचे लटक रही है। दो पहिया वाहन तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा है।
क्यों है ये सड़क अहम?
1. लाइफलाइन है बूढीखार, जैतपुर, बैटरी अकोला टिकारी चौहा के अलावा 8-10 गांवों कों जोड़ता हैँ,लोग इसी रास्ते से मस्तूरी और मल्हार बाजार, अस्पताल और कॉलेज जाते हैं।
2. पहली बारिश में ही टूटा मानसून शुरू होते ही डामर उखड़ गया और सड़क बैठ गई। गुणवत्ता पर सीधा सवाल।
3. स्कूली बच्चे-बीमार सबसे ज्यादा परेशान एंबुलेंस और स्कूल बस का इस रास्ते से निकलना लगभग बंद है। मरीजों को 4 किमी घूमकर जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का गुस्सा…
“रोज यहां से 200 से ज्यादा बाइक, ट्रैक्टर और मालवाहक गुजरते थे अब उनको कई किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता हैँ पर सैकड़ो लोंग अब भी यही से गुजारा कर रहें हैँ किसी दिन बड़ा हादसा होगा तब जिम्मेदार आएंगे” स्थानीय युवा ने कहा। महिलाओं का कहना है कि बरसात में प्रसव वाली महिलाओं को ले जाने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है।
विभाग मौन, जिम्मेदारी तय नहीं…
ग्रामीणों ने कई अधिकारियों को मौखिक और लिखित शिकायत की, लेकिन आज तक कोई मरम्मत नहीं हुई। सड़क किस विभाग के अधीन है ये भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा। दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
अधिकारियों से अपील…
ग्रामीणों ने कलेक्टर बिलासपुर और मस्तूरी विधायक से मांग की है कि मानसून से पहले इस सड़क का तत्काल मरम्मत कराया जाए और उनकी समस्या दूर कि जाए।
खतरा सड़क धंसने से किनारे से गुजरते समय वाहन पलटने का खतरा बना हुआ है। रात में बिना लाइट के यहां से गुजरना जानलेवा साबित हो सकता है।




