छत्तीसगढ़

CG – यह कैसा एक पेड़ मां के नाम : वृक्षारोपण हुआ लेकिन लोकतंत्र की जड़ें कटी…! विकासखण्ड स्तरीय कार्यक्रम में गिनती भर जनप्रतिनिधि अन्य को किया गया नजरअंदाज पढ़े पूरी ख़बर

0 ये वृक्षारोपण नही, अहंकार रोपण हैं- नाराज जनप्रतिनिधियों ने की कलेक्टर, डीईओ से कार्रवाई की मांग.

कोरबा//एक पेड़ मां के नाम के पवित्र अभियान को पाली ब्लाक मुख्यालय में शिक्षा विभाग ने विभागीय अहंकार की भेंट चढ़ा दिया। बीते मंगलवार 28 जुलाई, दोपहर 12 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाली एवं स्वामी आत्मानंद स्कूल प्रांगण में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय वृक्षारोपण कार्यक्रम में गिनती भर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण भेजा गया, ज्यादातर की घोर उपेक्षा की गई। नतीजतन कार्यक्रम तो हुआ लेकिन सम्मान नही बचा।

कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पाली के नाम से जारी हुआ था। पत्र में लिखा था- मान्यवर, श्रीमान/श्रीमती। आगे आमंत्रण पत्र था पर ज्यादातर मंशा नही की तर्ज पर नगर के गिनती भर जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया, वहीं कार्यक्रम के अहम भागीदार शिक्षा समिति पीआईसी मेम्बर, वार्ड पार्षद, जनपद पंचायत शिक्षा समिति के सभापति सहित अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण देना उचित नही समझा गया और कार्यक्रम को महज खानापूर्ति के पौधे लगाते व फोटो खिंचवाते हुए निपटा दिया गया। सूत्रों के अनुसार जब कार्यक्रम के दौरान अन्य अहम जनप्रतिनिधि कहां हैं?

की चर्चा होने लगी और माहौल गरमाने लगा, तब आनन- फानन में मोबाइल निकाले गए और कार्यक्रम निर्धारण समय से डेढ़ घण्टे विलंब उपेक्षित जनप्रतिनिधियों को फोन पर आमंत्रण दिया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस उपेक्षा से आहत जनप्रतिनिधियों ने आमंत्रण ठुकरा दिया। उनका साफ कहना था- जब कार्यक्रम तय करना था, पौधा लगाना था, फोटो खिंचवानी थी तब हम याद नही आए। और जब किरकिरी होने लगी तब फोन घुमाया जा रहा है।

हम भीड़ बढ़ाने की शोपीस नही हैं। ये एक पेड़ मां के नाम नही, एक तमाचा लोकतंत्र के नाम है। सार्वजनिक कार्यक्रम को विभागीय तमाशा बना दिया गया। अब पूरे मामले को लेकर शिक्षा विभाग कटघरे में खड़ा है और सवाल यह उठता है कि वृक्षारोपण का उद्देश्य क्या सिर्फ “एक पेड़ मां के नाम” का सरकारी फाइल पूरा करना था? अगर जनजागरण था तो जनता के चुने हुए अन्य जनप्रतिनिधियों को क्यों भुलाया गया? आमंत्रण पत्र क्या केवल खानापूर्ति के लिए छपवाया गया था?

विकासखण्ड स्तरीय कार्यक्रम क्या गिने- चुने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संभव है? विकासखण्ड स्तरीय पौधारोपण का मतलब सिर्फ गड्ढा खोदकर पौधा लगाना नही होता। उसका मतलब होता है समाज को जोड़ना, जनभागीदारी बढ़ाना। लेकिन पाली में उल्टा हुआ, एक पेड़ मां के नाम के बहाने लोकतंत्र की जड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई और शिक्षा विभाग के नौकरशाहों द्वारा छात्रों के बीच आपसी रूप से कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाया गया, जिसमे गिनती के जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया और जहां स्थानीय अधिकतर जनप्रतिनिधि व आम जनता का नामोनिशान नही था। इस उपेक्षित मामले से नाराज स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर और डीईओ से विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पाली के इस लापरवाही पर आवश्यक कार्रवाई किये जाने मांग की हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button