CG – विधवा महिला ने पीएम और सीएम को भेजा पत्र, मांगी इच्छा मृत्यु, वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान……

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले में धोखाधड़ी का एक अलग ही मामला सामने आ गया है। इस बारे में पुलिस के आईजी से शिकायत कर कोटा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेलगहना निवासी बालकुंवर बसोर पति स्वर्गीय गंगाराम बसोर ने आरोप लगाया है कि उनके दूर के रिश्तेदार फागुन प्रजापति ने धोखाधड़ी कर उनके बैंक खाते से 23 लाख रुपए और लगभग 6 एकड़ जमीन अपने नाम करा ली।
न्याय की तलाश में वर्षों से अफसरों के चक्कर काट रही एक वृद्ध महिला ने अब निराश होकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने के लिए पत्र लिखा है। बेलगहना निवासी बालकुंवर बसोर का आरोप है कि, उनके एक रिश्तेदार ने धोखाधड़ी कर बैंक खाते से 23 लाख रुपए निकलवा लिए और करीब 6.50 एकड़ जमीन भी अपने नाम करा ली।
बालकुंवर बसोर ने IG कार्यालय में दिए आवेदन में बताया कि, केंदा निवासी फागुन प्रजापति उनके बेटे की मौत के बाद रिश्तेदार होने के नाते घर आता-जाता था। महिला के अनुसार 14 दिसंबर 2021 को पेंशन खाते से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने वह उन्हें बैंक ले गया और खाते में जमा 23 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
महिला का आरोप है कि, बाद में धान बिक्री की राशि और जमीन संबंधी दस्तावेजों का हवाला देकर उसे कोटा ले जाया गया, जहां पावर ऑफ अटॉर्नी कराने के नाम पर ग्राम लुफा स्थित उसकी करीब 6.50 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री आरोपी ने अपने नाम करा ली। इसमें खसरा नंबर 763 की 4.40 एकड़ और खसरा नंबर 991 की 1.94 एकड़ भूमि शामिल है।
बालकुंवर का कहना है कि, जब उन्हें रुपयों की जरूरत पड़ी और वह बैंक पहुंचीं तो खाते में जमा राशि नहीं मिली। वहीं सहकारी बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके नाम पर धान बिक्री भी नहीं हुई है। जांच करने पर उन्हें जमीन हस्तांतरण की जानकारी मिली।
महिला ने बेलगहना चौकी, SP कार्यालय और अन्य अफसरो से शिकायत की। उनका आरोप है कि दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने के बावजूद पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की और धारा 155 के तहत कार्रवाई कर न्यायालय जाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि रजिस्ट्री दस्तावेज में जिस चेक भुगतान का उल्लेख है, उसकी राशि उन्हें कभी प्राप्त नहीं हुई।
पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट बालकुंवर ने अब IG कार्यालय में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनके पास जीवन जीने का कोई कारण नहीं बचा है।
जब मामला एसएसपी रजनेश सिंह तक पहुंचा तब उन्होंने जांच कर केस दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद फगुन प्रसाद प्रजापति के खिलाफ धोखाधड़ी, छलपूर्वक संपत्ति हड़पने और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस अब बैंक लेन-देन, जमीन की रजिस्ट्री और वाहन ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।



