छत्तीसगढ़

CG – चिंताजनक : सेमरदाह पुलिया की नींव खोखली झुका ढांचा दे हादसे की आशंका गांवों का पाली मुख्यालय से टूटेगा नाता हजारो ग्रामीण होंगे बुनियादी सुविधाओं से वंचित पढ़े पूरी ख़बर

0 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित है पुलिया.

कोरबा//विकासखण्ड पाली के कोडार से हरदीकछार मार्ग पर स्थित सेमरदाह पुलिया इस मानसून में किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी यह पुलिया गत वर्ष भारी बारिश में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पुलिया के बीम कॉलम का निचला हिस्सा खोखला हो चुका है और यह बीच से खतरनाक तरीके से झुक गया है। चिंताजनक पहलू यह है कि विभाग का इस ओर अब तक कोई ध्यान नही है।

ग्राम कोडार से हरदीकछार के मध्य निर्मित सेमरदाह नाला पर यह पुलिया सिर्फ सीमेंट, छड़, गिट्टी का ढांचा नही, बल्कि जमनीपानी, दुमदुमी, छिंदवार, पहाड़जमड़ी, सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों की लाइफलाइन है, जो गत भारी बारिश में नीचे से नीव खोखला हो गया है और पुल बीच से करीब एक फीट झुक गया है। यदि इस बारिश पुलिया बरसाती पानी का दबाव झेल नही पाया और टूट गया तो हजारों ग्रामीणों का ग्राम कोडार सहित ब्लाक मुख्यालय पाली से सीधा संपर्क टूट जाएगा और वे स्वास्थ्य, शिक्षा एवं राशन जैसी बुनियादी जरूरतों से वंचित होकर लाचार हो जाएंगे। गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, वृद्धों के लिए जान का खतरा बन जाएगा। हाईस्कूल- कालेज के सैकड़ो छात्र- छात्राएं पढ़ाई से वंचित हो जाएंगे।

पीडीएस का राशन, सब्जी- मंडी, बैंक- कचहरी का काम पूरी तरह ठप हो जाएगा। एंबुलेंस, पुलिस वाहन जैसे अन्य शासकीय सेवाएं गांवों तक नही पहुँच पाएगी। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल बारिश में पुलिया के कालम नीचे का कांक्रीट बहने से लगभग 2- 3 फीट तक खोखला हो चुका है, ऐसी स्थिति में कॉलम कभी भी बैठ सकती है। वहीं पुल बीच से भी झुक गया है और कालम व बीम के जोड़ कमजोर हो चुके है, नीचे नदी का बहाव सीधे कॉलम की बची- खुची नीव को काट रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सुशासन तिहार में आवेदन देने और संबंधित इंजीनियर को बताने के बाद भी आज पर्यन्त कोई अधिकारी झांकने तक नही आया। ऊपर से रोजाना छोटी- बड़ी गाड़ियां चल रही है, कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

ऐसे में देखा जाए तो क्या प्रशासन किसी हादसे या जनआंदोलन का इंतजार कर रहा है? बरसात पूर्व पुलिया के मरम्मत ही एकमात्र विकल्प है, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों की प्रशासन से मांग है कि अविलंब पीएमजीएसवाय की तकनीकी टीम भेजकर पुलिया की स्थिति का आंकलन किया जाए और मानसून पूर्व मरम्मत/ सुधार कार्य पूर्ण की जाए, ताकि बरसाती पानी का दबाव पुलिया झेल सके और आवागमन सुचारू बना रहे।

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