CG – अमलडीहा में करोड़ों के एनीकट में चोरी की रेत से निर्माण 15 जून से रेत घाट बंद फिर भी मशीनों से हो रही डंपिंग विद्युत व खनिज विभाग नतमस्तक एसडीएम तहसीलदार की चुप्पी क्या हैँ मज़बूरी?पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//जिले के मस्तूरी के ग्राम अमलडीहा में शिवनाथ नदी पर बन रहे करोड़ों के एनीकट निर्माण में अवैध रेत का खुला खेल चल रहा है। मानसून के चलते 15 जून से प्रदेश के सभी रेत घाट बंद हैं, फिर भी यहाँ बड़ी मशीनें लगाकर नदी से रेत निकालकर सीधे निर्माण में डंप और उपयोग की जा रही है। आरोप है कि बिना रॉयल्टी की इस चोरी से सरकार को लाखों का चूना लग रहा है, लेकिन बिलासपुर खनिज विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला…
1.प्रतिबंध के बाद भी खनन NGT और राज्य शासन के आदेश पर 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से रेत खनन पूर्णत: प्रतिबंधित है। इसके बावजूद अमलडीहा एनीकट साइट पर पनडुब्बी और चेन माउंटेन मशीन से रेत निकाली जा रही है।
2.सीधे साइट पर डंप ठेकेदार हाईवा से रेत निकालकर भंडारण किया जा रहा हैँ मौके पर रॉयल्टी पर्ची,की जाँच क्यों नहीं करती खनिज विभाग यहाँ भारी मात्रा गिट्टी और रेत का अवैध भण्डारण किया गया हैँ जिसकी जाँच होनी चाहिए।
3.सरकार को लाखों का नुकसान एक हाईवा रेत की रॉयल्टी ₹1500 है। रोज यहाँ रेत का उपयोग हो रही है। यानी सरकार कों रोज भारी राजस्व का नुकसान।
4.खनिज विभाग मौन ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर खनिज विभाग कों और और उच्च अधिकारियों कों भेजा लेकिन आज तक न जांच हुई, न मशीन जब्त हुई। “बिलासपुर में बैठे अफसर सब जानते हैं। करोड़ों का प्रोजेक्ट है, ऊपर तक हिस्सा रहा हैँ?
गुणवत्ता से भी खिलवाड़…
एनीकट में M-25 ग्रेड कंक्रीट के लिए धुली हुई मोटी रेत जरूरी है। लेकिन ठेकेदार नदी से निकली कच्ची, मिट्टी मिली रेत सीधे उपयोग कर रहा है। इससे एनीकट की उम्र 50 साल की जगह 5 साल भी नहीं बचेगी। पिछली बारिश में मुंगेली का एनीकट इसी वजह से बह गया था।
ठेकेदार की मनमानी…
जल संसाधन विभाग के ठेकेदार को रेत बाजार से खरीदकर रॉयल्टी पर्ची जमा करनी होती है। लेकिन यहाँ ठेकेदार ने साइट से 200 मीटर दूर नदी में ही अवैध घाट बना लिया। दिन में अधिकारी आते हैं तो मशीन बंद कर देता है, रात में फिर चालू। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी दिया हैँ।
नियम मानसून में रेत खनन पर NGT का पूर्ण प्रतिबंध। पकड़े जाने पर 5 लाख जुर्माना, 5 साल जेल और मशीन-वाहन राजसात। सरकारी काम में चोरी की रेत उपयोग पर ठेका निरस्त 15 जून से एनी कट निर्माण में सिर्फ बाहर का कार्य करना हैँ अंदर काम अभी नहीं किया जा सकता।
एसडीएम तहसीलदार मौन…
मस्तूरी मुख्यालय में बैठे एसडीएम शिव कुमार कंवर और पचपेड़ी तहसीलदार निलम पिस्दा दोनों कों नियम पता हैँ पर यहाँ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हो रहा ना किया जा रहा आखिर क्यों इतनी लापरवाही के बाद भी यहाँ अधिकारी मेहरबान हैँ इसी तरह से बिजली विभाग की मेहरबानी देखी जा सकती हैँ यहाँ बड़े बड़े मशीन लगाए गए हैँ पर क्या यहाँ से बिजली बिल का भुकतान हो रहा हैँ?
ग्रामीणों कों इस बात की चिंता हैँ की यहाँ एनी कट निर्माण होनें के कारण ठेकेदार के लोंगो नें नदी की बहाव कों नदी के पथ्थर कों काट काट कर पूरी तरह से रोक दिया हैँ जिसके कारण पानी यहाँ से आगे निकल हीं नहीं पा रहा जबकि नियम की मुताबीक यहाँ अभी तक अंदर का कार्य बंद हो जाना चाहिए था अगर भारी बारिश होती हैँ तो यहाँ बाढ़ की स्थिति बन जाएगी जिसकी जिम्मेदारी किसकी होंगी।




