छत्तीसगढ़

CG – नहीं थम रहा कुकुर्दीकला में रेत की चोरी और कालाबाजारी रोड़ किनारे जगह जगह किया जा रहा डंप खनिज विभाग की कार्रवाई का इंतजार पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//मस्तूरी जनपद के ग्राम पंचायत कुकुर्दीकला इन दिनों रेत माफियाओं का अड्डा बना हुआ है। शिवनाथ नदी से रोजाना खुलेआम रेत की चोरी कर गांव में जगह-जगह अवैध तरीके से डंप किया जा रहा है माफियाओं ने इसे संगठित धंधा बना लिया है, लेकिन खनिज विभाग की कार्रवाई न होने से अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रोज का बन गया खेल…

कुकुर्दीकला और भिलौनी से लगे शिवनाथ नदी के घाटों से दिनदहाड़े ट्रैक्टर-हाईवा से रेत निकाली जा रही है। इसी नदी में कई जगह रात 10 बजे के बाद तो पनडुब्बी और JCB मशीनें भी उतार दी जाती हैं। कुकुर्दीकला की खाली जमीनों, खेतों और सड़क किनारे रेत के बड़े-बड़े डंप बना दिए गए हैं। 10 से ज्यादा जगहों पर रेत डंप है माफिया ₹500 प्रति ट्रैक्टर रॉयल्टी चोरी कर रेत निकालते हैं। फिर ₹3000-4000 प्रति ट्रैक्टर निर्माण साइटों पर बेचते हैं। मानसून में प्रतिबंध के बावजूद सप्लाई धड़ल्ले से जारी है।

खनिज विभाग पर सवाल…

ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी खनिज निरीक्षक और उड़नदस्ता मौके पर नहीं पहुंचता। “फोन करो तो बहाना बनाते हैं – गाड़ी खराब है, स्टाफ नहीं है। पंच प्रतिनिधि ने नाम न छापने की शर्त पर कहा। पिछले 3 महीने में कुकुर्दीकला में एक भी बड़ी जब्ती नहीं हुई।

राजस्व का नुकसान, नदी का दोहन…

बिना रॉयल्टी पर्ची एक हाईवा रेत से शासन को ₹1500 का नुकसान। और ट्रैक्टर से 500रु का रोज दर्जनों हाइवा और सैकड़ो ट्रैक्टर निकलें तो महीने का ₹15 लाख का घाटा इससे सरकार कों रोजाना भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पर्यावरण खतरे में…

तय सीमा से ज्यादा गहराई तक खनन से शिवनाथ का जलस्तर गिर रहा है। तट कटाव से किसानों की जमीन नदी में समा रही है। 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से रेत खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बाद भी खनन खुलेआम जारी है।

इन जगहों पर हो रही डंपिंग…

रोहित पैकरा के घर के सामने अवैध डंपिंग बजरंग चौक के किनारे अवैध डंपिंग और ऐसे कई जगह हैं जहाँ यहाँ के रेत माफिया अवैध तरीके से रेत कों बारिश पूर्व चोरी कर डंपिंग किया जा रहा है और बाद में इसी कों ऊंचे दामों में बेचा जाएगा यही हाल भिलौनी का भी है जहाँ नदी किनारे दोनों साइड जमकर डंपिंग किया जा रहा है पर कार्रवाई अब तक नहीं क्यों विभाग के जिम्मेदारों नें अपना आंख बंद कर लिया है सोचने वाली बात है।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी में खनिज विभाग के अधिकारी ना सिर्फ सरकार कों लाखों का राजस्व का बड़े आराम से चुना लगने दे रहें है बल्कि इससे सरकार की सुशासन की छवि भी ग्रामीणो के बीच धूमिल हो रही है लोंगो कों लगता है की रेत माफियाओ पर ज़ब कार्रवाई नहीं होती तो इनकों सह दिया जा रहा है इसलिए इनका हौसला बुलंद है ज़ब की दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद लोंगो की समस्या हेल्पलाइन के माध्यम से सुन भी रहें है और उसका तुरंत निराकरण भी कर रहें है पर मस्तूरी में बैठे खनिज और राजस्व के जिम्मेदार आंख बंद कर के गहरी नींद में सो रहें है।

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