छत्तीसगढ़

CG – वनभूमि पर बस रहा नया नकटी पाली के धौराभांठा में मुख्यमार्ग किनारे ग्रामीणों ने बांट ली जमीन! पहले झोपड़ी, फिर पक्का मकान, फिर विवाद पढ़े पूरी ख़बर

कोरबा//विकासखण्ड पाली के ग्राम पंचायत धौराभांठा में मुख्यमार्ग किनारे वनभूमि को खुलेआम नीलाम किया जा रहा है। यहां ग्रामीणों ने सरकारी भूमि पर अपना- अपना हिस्सा तय कर लिया है और आधा दर्जन से अधिक झोपड़ीनुमा दुकाने तन चुकी है तथा पीछे एक भव्य मकान का निर्माण जोरो पर है। धीरे- धीरे यहां मकान- दुकान की बस्ती बसाने की तैयारी है। और संबधित विभाग तमाशा देख रहा है।

धौराभांठा का यह अवैध कब्जा वाला मामला नकटी गांव की याद दिलाती है। वहां भी वर्षो पहले शासकीय जमीन पर धीरे- धीरे कब्जा हुआ और देखते ही देखते पूरी बस्ती बस गई। जब प्रशासन ने अवैध मकान तोड़ा तो भारी विरोध और बवाल हुआ। अब वही खेल धौराभांठा में शुरू हो गया है, जहां मुख्यमार्ग किनारे आधा दर्जन झोपड़ीनुमा दुकाने तैयार है और पीछे एक पक्का मकान निर्माण जोरो पर है।

ग्रामीणों ने जमीन के टुकड़े बांट ली है, अब बारी- बारी से निर्माण होगा। बताया जा रहा है कि जिस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है वह वन विभाग की आरक्षित जमीन है। नियमतः यहां एक ईंट भी नही लगनी चाहिए। लेकिन यहां तो बिना रोक- टोक दुकान- मकान बन रहे हैं। यह भी बताया जा रहा कि प्लानिंग के तहत गरीबों को मोहरा बनाकर पहले छोटी दुकानें फिर पक्का मकानें, बाद में बोलेंगे की पीढ़ियों से रह रहे हैं। इस कब्जे को लेकर लोगों का कहना है- अगर अभी नही रोका गया तो 2 साल बाद यहां भी धौराभांठा नकटी बस जाएगी।

फिर तोड़ने जाओगे तो विवाद और मारपीट होगी। यदि आज इस अवैध निर्माण पर संज्ञान नही लिया गया तो नकटी घटना में शासन- प्रशासन को जिस विरोध का सामना करना पड़ रहा है, वही स्थिति यहां भी बनेगी। फर्क सिर्फ इतना है कि नकटी में गलती हो चुकी, धौराभांठा में अभी वक्त है। सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि सभी अवैध दुकानों और निर्माण को गिराया जाकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आगे कोई अवैध कब्जा न कर सके। समय कम है, आज एक दुकान, कल पूरा गांव की तर्ज पर एक बार बस्ती बस गई तो फिर मानवीय आधार का रोना शुरू हो जाएगा।

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