CG – मस्तूरी के सरकारी संजय फल उद्यान से 50 पंचायतों को मिल रहे 20 हजार पौधे हरित मस्तूरी की ओर बढ़ा कदम उद्यान अधिकारी निशा नें क्या बताया वृक्षारोपण का इद्देश्य जानें पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//मस्तूरी के सरकारी संजय फल उद्यान से क्षेत्र के पर्यावरण और पोषण को बेहतर बनाने की पहल शुरू हुई है। यहां से मस्तूरी क्षेत्र की करीब 50 ग्राम पंचायतों को फलदार और छायादार पौधे वितरित किए जा रहे हैं। प्रत्येक पंचायत को 400 पौधे दिए जा रहे हैं।
किस योजना के तहत?
मस्तूरी उद्यान की अधिक्षिका निशा चंदेल ने बताया कि ये पौधे मुख्य रूप से मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना और मनरेगा(वी बी जी राम जी) के अंतर्गत चल रही अमृत वाटिका / हरित उद्यान योजना के तहत बाँटे जा रहे हैं।
योजना के 4 मुख्य उद्देश्य…
पर्यावरण संरक्षण वनों और हरियाली को बढ़ाकर हवा-पानी को शुद्ध रखना और ग्लोबल वार्मिंग को कम करना ग्रामीणों को अतिरिक्त आय पंचायतों और किसानों की खाली पड़ी जमीन पर फलदार पेड़ लगाकर भविष्य में आय का स्रोत बनाना। पोषक तत्वों की उपलब्धता कुपोषण दर को कम करने के लिए ग्रामीणों और बच्चों को घर-आंगन में ही पौष्टिक फल उपलब्ध कराना। रोजगार सृजन पौधारोपण, देखभाल और उद्यानिकी से जुड़े कार्यों में स्थानीय लोगों को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
कौन-कौन से पौधे?
अधिकारीयों के अनुसार इसमें आम, अमरूद, नींबू, आंवला, कटहल जैसे फलदार पौधे और सागौन, नीम अशोक जैसे छायादार पौधे शामिल हैं। पंचायतों को पौधों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जा रही है।
अधिकारी का कहना…
निशा चंदेल ने कहा “हमारा लक्ष्य है हर पंचायत को हरित बनाना। अगर हर घर में 4-5 फलदार पेड़ लग जाएं तो कुपोषण और आय दोनों की समस्या दूर होगी”।




