गंगरेल बांध के सुदूर क्षेत्रों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की पहल…कलेक्टर मिश्रा ने नाव से किया दुर्गम इलाकों का निरीक्षण, विकास कार्यों के लिए दिए निर्देश…

तुमराबाहरा को “मछुआरा गांव” थीम पर विकसित कर स्थानीय रोजगार सृजन पर जोर
धमतरी, 26 फरवरी 2026/ जिले की प्राकृतिक संपदा और जल संसाधनों से समृद्ध गंगरेल बांध के आसपास स्थित सुदूर एवं कम चर्चित क्षेत्रों को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज नाव के माध्यम से डुबान क्षेत्र एवं दुर्गम ग्रामों का स्थल निरीक्षण कर वहां उपलब्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया तथा पर्यटन विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा डुबान क्षेत्र के सटियारा ग्राम पहुंचे, जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति में निर्मित गांधी मंदिर का अवलोकन किया। उन्होंने मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन, संपर्क सड़क, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि ऐतिहासिक एवं आस्था स्थलों का संरक्षण एवं सुव्यवस्थित विकास स्थानीय पर्यटन को नई पहचान दे सकता है। उन्होंने सटियारा ग्राम को ग्रामीण पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कुछ तस्वीरें मोबाइल में कैद की ।
इसके पश्चात कलेक्टर तुमराबाहरा ग्राम पहुंचे, जो पूर्णतः मछुआरा समुदाय का गांव है। यहां की अधिकांश आबादी मत्स्याखेट एवं मछली विक्रय पर निर्भर है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि इस ग्राम को “मछुआरा गांव” की थीम पर विकसित किया जाए। मछुआरों की पारंपरिक जीवनशैली, उपकरण, नौकायन पद्धति, स्थानीय व्यंजन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का दस्तावेजीकरण कर इसे एक थीम आधारित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्थानीय संस्कृति का संरक्षण होगा, बल्कि स्वरोजगार एवं आयवृद्धि के नए अवसर भी सृजित होंगे। आवश्यकतानुसार मत्स्य विभाग एवं ग्रामीण आजीविका मिशन के समन्वय से प्रशिक्षण एवं विपणन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने इसके उपरांत राम टेकरी का निरीक्षण किया, जो ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के राम वन पथ गमन मार्ग में स्थित है। यहां उपलब्ध प्राचीन शिलाचित्रों एवं अवशेषों का अवलोकन करते हुए उन्होंने इसे संरक्षित कर पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थल धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्र में पहुंच मार्ग सुदृढ़ीकरण, पेयजल व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था तथा होम-स्टे की सुविधा विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो तथा स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल सके।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि गंगरेल बांध क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य, जल पर्यटन, ग्रामीण संस्कृति एवं ऐतिहासिक धरोहरों का अद्वितीय संगम है। समेकित कार्ययोजना बनाकर चरणबद्ध तरीके से इन स्थलों का विकास किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर राज्य शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, सीईओ जनपद पंचायत श्रीमती वर्षा रानी, एपीओ जिला पंचायत (मनरेगा) श्री धरम सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे ।