CG – सीपत के गुड़ी में 17 साल तक सोते रहें सरपंच सचिव खरीदी बिक्री पर भी नहीं खुली नींद अब बनें तहसीलदार और कर दी गरीब परिवार के खिलाफ बेदखली की नोटिस जारी एसडीएम से शिकायत पढ़े पूरी ख़बर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुड़ी से एक ऐसा ख़बर सामने आ रहा हैँ जो सभी कों हैरान कर रहा हैँ एक तरफ राज्य और केंद्र की सरकार गरीबों कों प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए छत(घर) दे रहें हैँ पर यहाँ गरीब का घर तोड़ने का फरमान सरपंच सचिव जारी कर रहें हैँ,जिसमें एक गरीब परिवार के खिलाफ गुड़ी पंचायत के द्वारा एकतरफ़ा कार्रवाई करने और गरीब परिवार के सिर से छत छीनने का कार्य हो रहा हैँ अजीब बात ये हैँ की जिसने सरकारी जमीन कों बेचा स्टाम्प में लिख कर नगद पैसा लिया तब पंचायत सो रहा था और 17 साल बाद इनकों याद आया की जमीन सरकारी हैँ और इनकी हिम्मत तो देखिए ये तहसीलदार खुद बन गए और बेदखली का नोटिस पंचायत से जारी किया गया जिसको लेकर गरीब परिवार नें मस्तूरी एसडीएम से शिकायत किया हैँ और बताया हैँ की उनका नाम प्रतिमा साहू उम 36 वर्ष, पति लखनलाल, पिता भागवत प्रसाद साहूँ, ग्राम गुडी,थाना सीपत,जिला बिलासपुर की निवासी हैँ। मुझे ज्ञात हुआ है कि ग्राम पंचायत द्वारा बिना वैधानिक अधिकार के,दुर्भावना भरा हुआ बेदखली एवं तोड़फोड़ नोटिस भेजा गया है।
यह नोटिस विधिसम्मत नहीं है, क्योंकि हमने 45 वर्ष पहलें से इस जगह कों अहिल्या यादव के पूत्र अरविंद यादव से नगद स्टाम्प में बिक्रीनामा कर रकम देकर नौटरीकृत क्रय किया है,जो कि विगत 17 वर्षो से हम प्रतिमा साहू पति लखनलाल साहूँ अपने परिवार के साथ काबिज चले आ रहे है।
ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव द्वारा 26/03/2026 को व्हाटसएप ग्रुप में भेजा गया नोटिस भयभीत करने एवं मानसिक तनाव पहंचाने वाला है, जो भू राजस्व संहिता के प्रावधा्नों के विपरीत है। राजस्व अधिकारी तहसीलदार को ही यह अधिकार है, सरपंच या सचिव को नहीं। इससे हम अत्यंत भयभीत एवं आत्महत्या करने के कगार पर हैं। यदि ऐसी स्थिति बनी रहती है, तो हम आत्मह्त्या कर लेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरपंच दूर्गा प्रसाद साहू व सचिव इूमन सिंह मरपच्ची एवं संबंधित अधिकारियों की होगी।
ग्राम गुडी में लगभग 70-80% आबादी भूमी है। जिस पर भुरथुल साहू ,परमा साहू , अजीत साहू,भुलाउराम साहू, लब्ला (रघुनाथ) साहू, बन्लू साहू, श्रीराम साहू, संतोष यादव सहित कई लोग काबिज है, फिर भी केवल हमारे मकान तोड़ने का नोटिस जारी किया गया है, जो न्यायसंगत नहीं है। अतः आपसे निवेदन है दुर्भावना से प्रेरित कार्यवाही को रोका जाए और हमें न्यायसंगत कानुनी सुरक्षा प्रदान की जाए।




