धमतरी

भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण ने धमतरी में विकास कार्यों का किया निरीक्षण…जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन मॉडल की सराहना…

 

 

 

 

 

धमतरी… भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय अंतर्गत भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण ने आज धमतरी जिले के विभिन्न विकास एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जल संरक्षण, सिंचाई, वृक्षारोपण, आजीविका संवर्धन तथा महिला स्व सहायता समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन कर जिले में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
सचिव श्री भूषण ने कुरूद विकासखंड के ग्राम सांकरा में निर्मित चेकडेम (एनआरएम) का निरीक्षण किया और ग्रामीणों तथा महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों से चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि चेकडेम निर्माण के बाद लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र तक भू-जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे अब किसान खरीफ के साथ-साथ रबी फसल भी ले पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल उपलब्धता बढ़ने से खेती की स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आया है और किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।

निरीक्षण के दौरान सचिव श्री भूषण ने किसानों को गर्मी के मौसम में धान के स्थान पर कम पानी वाली फसलें, सब्जी उत्पादन तथा वैकल्पिक खेती को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के साथ फसल विविधीकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने चेकडेम के समीप तालाब में स्थित विद्युत पोल को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग से समन्वय कर पोल शिफ्ट कराने अथवा ऊँचा सुरक्षा चबूतरा निर्माण कराने की बात कही।
इस दौरान महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि वे दोना-पत्तल निर्माण के साथ घरेलू उपयोग एवं सजावटी सामग्री भी तैयार कर रही हैं। सचिव श्री भूषण ने महिलाओं के नवाचार एवं आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि समूह आधारित गतिविधियाँ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में प्रभावी साबित हो रही हैं।
इसके पश्चात उन्होंने ग्राम सौंगा में अमरूद प्लांटेशन का अवलोकन किया। समूह की महिलाओं से चर्चा करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि अमरूद उत्पादन को केवल सीजनल बिक्री तक सीमित न रखते हुए कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं का उपयोग कर ऑफ-सीजन में विपणन किया जाए, जिससे अधिक लाभ अर्जित किया जा सके।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सचिव को जिले में जल संरक्षण, भू-जल स्तर सुधार, प्लांटेशन, औषधीय खेती तथा अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
प्रवास के दौरान सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने सौंगा में वृक्षारोपण, बैलोदी में सब्जी उत्पादन, बोड़ा एवं गाड़ाडीह में अमृत सरोवर तथा सिंचाई कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लिफ्ट इरिगेशन प्रणाली तथा दोना-पत्तल एवं बढ़ई कार्य से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन कर ग्रामीणों के प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर , उपसंचालक कृषि श्री मोनेश साहू, के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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