छत्तीसगढ़

CG – ख़बर का असर:मुनगाडीह सरपंच-सचिव के भ्रष्ट्राचार की खबर पर जिला पंचायत सीईओ ने लिया संज्ञान पंचायत उप संचालक को दिए जांच कराने निर्देश 03 दिवस के भीतर मांगा रिपोर्ट पढ़े पूरी ख़बर

0 सरपंच- सचिव के फूलने लगे हाथ- पांव, उड़ने लगी हवाइयां.

0 जिपं सीईओ का दो टूक- पंचायतों को जारी विकास राशि मे भ्रष्ट्राचार बर्दास्त नही.

कोरबा//जिले के पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मुनगाडीह सरपंच- सचिव के मिलीभगत से ग्राम विकास के लिए जारी 15वें वित्त मद की राशि मे लाखों के भ्रष्ट्राचार की खबर को जिला पंचायत सीईओ ने गंभीरता से संज्ञान में लिया और पंचायत उप संचालक को जांच के निर्देश दिए हैं, जहां उप संचालक द्वारा जनपद सीईओ को 03 दिवस के भीतर जांच कर अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने आदेश जारी किए है। इससे भ्रष्ट्र सरपंच- सचिव के हाथ- पांव फूलने लगे हैं।

ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत मुनगाडीह सरपंच- सचिव द्वारा आपसी सांठगांठ से ग्राम विकास और ग्रामीणों के बुनियादी जरूरतों के लिए शासन से जारी 15वें वित्त की राशि मे जमकर भ्रष्ट्राचार किया गया है। ग्राम में संचालित मिडिल स्कूल के शौचालय निर्माण, प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष मरम्मत, चारपारा प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, नाली साफ- सफाई कार्य, चारपारा नाली मरम्मत कार्य, सबमर्सिबल पंप व पाइप लाइन विस्तार एवं पेयजल स्रोतों के रखरखाव और नए पेयजल स्रोतों पर कागजों में काम दिखाकर व फर्जी बिलों के सहारे लाखों की राशि डकार ली गई है। जिन भ्रष्ट्राचार को खबरों के माध्यम से उजागर किया गया। बीते गुरुवार को भी प्रमुखता से प्रसारित खबर शीर्षक *”ग्राम पंचायत मुनगाडीह में भ्रष्ट्राचार की लगी झड़ी- अधिकारियों की नजर नही पड़ी…! 15वें वित्त की राशि मे लाखों की धांधली कर सरपंच- सचिव मस्त”* समाचार को जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने गंभीरता से संज्ञान में लिया और उन्होंने पंचायत उप संचालक को जांच के निर्देश दिए, जहां उप संचालक द्वारा पाली जनपद सीईओ मोहनीश देवांगन को दिनांक 14 मई 2025 को आदेश क्र./ 2721/ पंचा./ शिका./ 2026, के तहत जांच ज्ञापन प्राप्ति के 03 दिवस के भीतर जांचकर जांच प्रतिवेदन अभिमत सहित मांगा है। इस जांच आदेश से भ्रष्ट्र सरपंच- सचिव के हाथ- पांव फूलने के साथ चेहरे पर हवाइयां भी उड़ने लगी है। पंचायतों में भ्रष्ट्राचार मामले को लेकर संवेदनशील जिपं. सीईओ श्री नाग का सरपंचों- सचिवों को दो टूक कहना है कि ग्राम विकास के लिए जारी राशि मे वित्तीय अनियमितता कतई बर्दाश्त नही की जाएगी और ऐसे मामलों पर दोषी सरपंच/सचिव के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 व 92 के तहत कार्यवाही कर राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी। बहरहाल आगे देखना यह है कि जांच आदेश के परिपालन में पाली सीईओ द्वारा गठित जांच टीम मुनगाडीह में हुए भ्रष्ट्राचार की निष्पक्ष जांच करती है या फिर दोषियों को क्लीन चिट देती है? ग्रामीणों की भी निगाहें जांच को लेकर टिकी है।

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