
धमतरी जिले के नगरी विकासखण्ड के वनांचल का गौरव ग्राम दुगली में रुढ़ि प्रथा परंपरा अनुसार पुर्वजों से चली आ रही परंपरा जुड़वास माता पहुंचानी परब बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। ग्राम के माताओं और बच्चों ने थाली में तेल हल्दी,दाल, चांवल,नारियल लेकर माता देवालय पहुंचे।सर्व प्रथम ग्राम के भूमियार,झांकर के व्दारा विधि-विधान से गाजा बाजा के साथ शितला माता की सात फेरे के साथ सेवा की शुभारंभ हुई।फिर ग्राम गायता गुलेश नेताम और वरुण देव नेताम ने परंपरा अनुसार माता शितला की सेवा अर्जी किया।इस रोज तेल हल्दी को नीम पत्ती से माता सेवा उपरांत,ग्रामीण को पुजारी व्दारा गांव वासियों के ऊपर छिड़काव किया जाता है। पुर्वजों से चली आ रही रस्म को निभाने के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में रवानगी प्रथा निभाया को विधि-विधान से निभाया गया। सुरेन्द्र राज ध्रुव अध्यक्ष अंगार मोती सेवा समिति दुगली के _जुड़वास याने माता पहुंचानी गांव की सबसे बड़ा परब माना जाता है।यह पर्व जब से हमारा गांव बसा है तब से आदिवासी प्रथा परंपरा अनुसार माटी सेवा की सेवा अर्जी भूमियार पुजारी की उपस्थिति में मनाया जाने वाला परब है। वहीं इस पर्व दौरान ग्राम के पुजारी के माध्यम से नई फसल बोनी के साथ गांवों में नये सत्र की शुभारंभ होती है और गांव में किसी भी प्रकार की बिमारी न आए साथ ही नई फसल भी सुरक्षित रहे अच्छी उपज हो इस दृष्टि से नीम के पत्तों से तेल हल्दी का छिड़काव ग्रामीणों के ऊपर किया जाता है। वैज्ञानिक पद्धति से भी अगर देखा जाए तो हल्दी तेल और नीम पत्ती में औषधीय गुण होती है।इस लिए यह परंपरा और परंपराओं से खास है।साथ ही यह परब गांवों में चेचक जिसका अंग्रेजी नाम चिकन पाक्स है।जिनको आम भाषा में माता बोलते हैं खासकर पुजारी व्दारा रोकथाम के लिए मन्नतें मांगी जाती है।जुड़वास कार्यक्रम दौरान,शंकर लाल नेताम,खम्मन सिंह मरकाम,बिसरु राम सोरी,गजराज ध्रुव,लुकाऊ राम शोरी, बन्टी नेताम,सोनदेव मरकाम,मोहन मरकाम,सुर्या सलाम, श्यामा चरण मंडावी,चमन लाल सोरी,सुरेश यादव, हलालखोर शोरी,शंभु लाल मरकाम,अमरोतीन बाई,दशोदा बाई, मोनिका नेताम,रामिन बाई नेताम,दशोदिया बाई ध्रुव सहित ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।