क्रिकेट खेलने के विवाद ने लिया हिंसक रूप, समझाने पहुंचे चाचा-भतीजे पर प्राणघातक हमला बाघामुड़ा में बच्चों के क्रिकेट खेलने को लेकर दो पक्षों में मारपीट, युवक के सिर पर पत्थर मारकर किया घायल पंडरिया पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर,जांच जारी

पंडरिया/पंडरिया विकासखंड के ग्राम बाघामुड़ा में बच्चों के क्रिकेट खेलने के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि विवाद सुलझाने पहुंचे चाचा-भतीजे पर तीन लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें एक युवक के सिर पर पत्थर लगने से गंभीर चोट आई और उसे सात टांके लगाने पड़े। मामले में पंडरिया पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार शाम लगभग 5:30 बजे गांव के महादेव दुकान के पीछे स्थित खेत में ओम तिवारी अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान ओम तिवारी और पवन चंद्राकर के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर पवन चंद्राकर ने ओम तिवारी के साथ गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ मार दिया।
घटना के बाद ओम तिवारी ने घर पहुंचकर अपने बड़े भाई हर्ष तिवारी और चाचा राजकुमार तिवारी को घटना की जानकारी दी। विवाद को शांत कराने और समझाइश देने पहुंचे राजकुमार तिवारी के साथ भी बहस हो गई। पीड़ित पक्ष के अनुसार पवन चंद्राकर अपने दो अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा और तीनों ने मिलकर राजकुमार तिवारी तथा हर्ष तिवारी के साथ मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट के दौरान पवन चंद्राकर द्वारा पत्थर उठाकर हर्ष तिवारी के सिर पर हमला किए जाने का आरोप लगाया गया है। पत्थर लगने से हर्ष तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका सिर फट गया। उपचार के दौरान उसके सिर पर सात टांके लगाए गए। वहीं राजकुमार तिवारी और ओम तिवारी को भी चोटें आई हैं।
घटना के दौरान शोर-शराबा सुनकर गांव के पार्थ तिवारी, समीर डहरिया, अजय डहरिया सहित अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर विवाद को शांत कराया।
घायल हर्ष तिवारी ने तत्काल डायल-112 को सूचना दी। उपचार के बाद रात 9:18 बजे पंडरिया थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पंडरिया पुलिस ने पवन चंद्राकर एवं उसके दो साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 115(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
मामले की जांच एएसआई माणिक लाल सिन्हा द्वारा की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।



