
Chhattisgarh धमतरी…खरीफ सीजन शुरू होते ही किसानों के सामने खेती-किसानी की चुनौतियां बढ़ गई हैं। मौसम की मार के बीच अब खाद की उपलब्धता और कथित तौर पर ऊंचे दामों पर बिक्री की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में किसानों ने यूरिया खाद निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेचे जाने की शिकायत की है। शिकायत की पड़ताल करने पहुंची टीम को बेलरगांव क्षेत्र में खाद से लदे वाहनों की आवाजाही भी मिली।
बताया जा रहा है कि जैतपुरी के पास एक पिकअप वाहन में 75 बोरी यूरिया खाद बस्तर की ओर ले जाई जा रही थी। वाहन में मौजूद किसान ने बताया कि उसने घुरावड़ की एक दुकान से यूरिया खरीदी थी और एक बोरी के लिए 500 रुपये का भुगतान किया। किसान के मुताबिक उसे मशीन से बिल देने के बजाय जीएसटी अंकित बिल बुक से बिल दिया गया।

इसी दौरान करीब 150 बोरी यूरिया खाद लेकर ओडिशा जा रहे एक मेटाडोर को भी रोका गया। वाहन चालक के पास खाद से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले। चालक ने बताया कि खाद बेलर क्षेत्र की एक कृषि दुकान से लोड की गई है और वाहन मालिक तथा दुकान संचालक के बीच पहले से बातचीत हुई थी।
गौर करने वाली बात यह है कि बेलरगांव से जैतपुरी होकर बस्तर और ओडिशा जाने वाला यह मार्ग अंतरराज्यीय आवाजाही का प्रमुख रास्ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर प्रभावी जांच व्यवस्था नहीं होने के कारण खाद की आवाजाही पर निगरानी का अभाव है।
अब सवाल यह है कि किसानों के लिए उपलब्ध यूरिया खाद आखिर किन परिस्थितियों में ऊंचे दामों पर बिक रही है और बड़ी मात्रा में खाद दूसरे राज्यों की ओर कैसे पहुंच रही है।




