मासिक स्वच्छता दिवस’ पर विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत: मासिक धर्म कोई समस्या नहीं, बल्कि प्रकृति का वरदान।


उदयपुर नयाभारत सितेश सिरदार:–’स्वस्थ नारी, सशक्त नारी’ के संकल्प के साथ आज 28 मई को “मासिक स्वच्छता दिवस” के अवसर पर एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वच्छता अपनाना, जीवन संवारना और मासिक धर्म से जुड़ी रूढ़िवादिता व झिझक को दूर करना है।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स और यूनिसेफ (unicef) के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में हाई स्कूल फुलचुही, उदयपुर के स्काउट्स मास्टर विपिन बिहारी गहवई ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया है। इस अवसर पर मासिक रक्षा सूत्र भी पहनाकर समाज के संदेश दिया गया।
मुख्य उद्देश्य और पाँच प्रतिज्ञाएँ
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य व सम्मान को बढ़ावा देने के लिए पाँच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया:
स्वच्छता रखें, स्वस्थ रहें: संक्रमण से बचने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता को प्राथमिकता देना।
सही जानकारी, सुरक्षित भविष्य: भ्रांतियों को दूर कर सही वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करना।
सैनिटरी पैड का उपयोग करें: पारंपरिक कपड़ों के बजाय सुरक्षित और स्वच्छ सैनिटरी पैड्स को अपनाना।
समय पर पैड बदलें: अच्छे स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए समय-समय पर पैड बदलना अनिवार्य है।
खुलकर बात करें, शर्म को दूर करें: मासिक धर्म पर बिना किसी संकोच के चर्चा कर सामाजिक झिझक को समाप्त करना।
स्वच्छता ही सुरक्षा है
अभियान के तहत ‘एक कदम स्वच्छता की ओर, एक कदम सशक्त समाज की ओर’ का नारा दिया गया। आयोजकों का मानना है कि जब देश की महिला स्वस्थ होगी, तभी एक सशक्त परिवार और मजबूत समाज का निर्माण संभव है। इस अवसर पर लोगों से ‘स्वच्छता अपनाएँ’, ‘सफाई का ध्यान रखें’, ‘सही उत्पाद का उपयोग करें’ और ‘जानकारी बढ़ाएँ, जागरूक बनें’ जैसे संकल्प लेने की अपील की गई।कार्यक्रम में 80 महिला और किशोरियों के साथ लगभग 10 पुरुषों ने भी अपनी भागीदारी दिया।
कार्यक्रम के अंत में संदेश दोहराया गया कि “स्वच्छता ही सुरक्षा है, जागरूकता ही समाधान है।”