अब तक 96 मौत:जांच से इलाज तक लापरवाही, कोरोना मरीज ने तोड़ दिया दम

अब तक 96 मौत:जांच से इलाज तक लापरवाही, कोरोना मरीज ने तोड़ दिया दम

जगदलपुर

जगदलपुर. शिविर लगाकर कोरोना जांच की जा रही है।

संक्रमित महिला को 5 दिन दूसरे मरीजों के साथ रखा

मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना पॉजिटिव 67 वर्षीय महिला मरीज ने इलाज के दौरान शनिवार को दम तोड़ दिया है। महिला की मौत के बाद परिजन को शव सौंपने से पहले पूरे सुरक्षा नियमों का पालन तय किया जा रहा है और अंतिम संस्कार में मदद के लिए प्रशासन की टीम को भी परिजन के साथ लगाया गया है। मेकॉज के डाॅक्टरों की मानें तो महिला कोरोना पॉजिटिव थी लेकिन उसकी मौत की असली वजह कार्डियक प्राब्लम थी।
महिला दिल की बीमारी से जूझ रही थीं और हॉस्पिटल में भी उन्हें इसी बीमारी की शिकायत के बाद भर्ती किया गया था इसके बाद जब हॉस्पिटल में महिला का कोरोना टेस्ट किया गया तो वह पॉजिटिव निकली थीं। महिला के पॉजिटिव होने के मामले में भी बड़ी लापरवाही सामने आई थी। दरअसल, जब महिला को हॉस्पिटल में भर्ती किया गया तब उनका एंटीजेन टेस्ट निगेटिव आया था, लेकिन एंटीजेन टेस्ट के दौरान ही आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूने लिए गए थे और महिला को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया था।
इसके अगले ही दिन महिला की आरपीटपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई लेकिन यह रिपोर्ट न तो परिजन को मिली और न ही आईसीयू स्टाफ के पास पहुंची। इसके बाद जानकारी के अभाव में यहां तैनात स्टाफ पॉजिटिव महिला का इलाज करते रहे। करीब 5 दिनों के बाद अचानक ही खुलासा हुआ कि महिला पॉजिटिव है तो हड़कंप मच गया और आनन-फानन में महिला को कोरोना हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।
सुपरिटेंडेंट डॉ केएल आजाद ने कहा कि अभी तक रिपोर्ट सीधे मरीज के मोबाइल में भेजी जा रही थी महिला का मामला सामने आने के बाद हमने नई व्यवस्था बनाई है इसके तहत कोरोना जांच की रिपोर्ट मरीज के रजिस्टर्ड नम्बर पर तो भेजी ही जाएगी इसके अलावा अब हॉस्पिटल के दो डॉक्टर को देंगे।
मौत का आंकड़ा 96 पर पहुंचा, लेकिन सरकारी गिनती 86 पर अटकी
इधर महिला की मौत के बाद अब कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 96 पर पहुंच गया है। बस्तर जिले में कोरोना संक्रमणकाल से लेकर अब तक 96 लोगों ने पॉजिटिव होने के बाद दम तोड़ा है हालांकि सरकारी आंकड़ों में अभी भी मौतों की संख्या 86 पर ही पहुंच पाई है।
बताया जा रहा है कि सरकारी मौतों के सरकारी आंकड़ों में जिले के जिन लोगों की मौत पॉजिटिव होने के बाद दूसरे जिले में इलाज के दौरान हुई उनको नहीं जोड़ा है। ऐसा क्यों किया गया इसकी कोई विशेष जानकारी साझा नहीं की गई है।
नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में एक भी नया केस नहीं
इधर बस्तर संभाग के तीन जिले पूरी तरह से कोरोना मुक्त होने के कगार पर पहुंच चुके हैं इनमें नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा जिला शामिल हैं। सुकमा और दंतेवाड़ा जिले में तो एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं बचा है और पिछले 72 घंटों में कोई नया मरीज भी नहीं मिला है।
इसी तरह नारायणपुर में भी पिछले 48 घंटों में कोई नया मरीज नहीं मिला है, लेकिन यहां अभी दो मरीज ऐसे हैं जो पॉजिटिव होने के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। बस्तर जिले में भी अभी गिनती के ही मरीज सामने आ रहे हैं।

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