छत्तीसगढ़

CG Rain Alert : मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट, एडवाइजरी जारी……

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का नया दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान सिर्फ पानी ही नहीं बरसेगा, बल्कि गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। ऐसे में लोगों को घरों से निकलते वक्त खास सावधानी बरतने को कहा गया है।

मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए अलर्ट जारी किया है। जिन इलाकों में शाम के वक्त मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक हो सकता है, उनमें राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा और जांजगीर-चांपा शामिल हैं। इसके अलावा महासमुंद, बलौदाबाजार, कबीरधाम, बेमेतरा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी और राजनांदगांव के आसपास के इलाकों में भी आकाशीय बिजली गिरने और अचानक तेज अंधड़ चलने की आशंका जताई गई है। इन जिलों के प्रशासन को भी अलर्ट रहने के संकेत मिले हैं।

अनुमान के मुताबिक, जैसे-जैसे शाम ढलेगी और रात गहराएगी, बादलों की गरज और उनकी सक्रियता और ज्यादा बढ़ती जाएगी। कई जिलों में रुक-रुक कर मूसलाधार बौछारें पड़ सकती हैं। इस तेज बारिश की वजह से शहरों और गांवों के निचले इलाकों में पानी भरने यानी जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर उन जिलों के लोगों को ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है, जहां पिछले दो-तीन दिनों से लगातार पानी गिर रहा है और जमीन पहले से ही पूरी तरह गीली हो चुकी है।

आकाशीय बिजली और टूटते पेड़ों से रहें सावधान

इस मानसूनी सिस्टम में सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली (गाज) और तेज हवाओं को लेकर है। 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं कमजोर मकानों के ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, और सड़कों पर पेड़ या बिजली के खंभे गिर सकते हैं जिससे बत्ती गुल होने की नौबत आ सकती है। मौसम विभाग ने साफ तौर पर अपील की है कि जब मौसम खराब हो, तो भूलकर भी खुले मैदानों, बड़े पेड़ों के नीचे या बिजली के टावरों के पास पनाह न लें।

किसानों और राहगीरों के लिए जरूरी हिदायत

खेतों में काम कर रहे अन्नदाताओं और सड़कों पर सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। किसानों से कहा गया है कि जैसे ही आसमान में बिजली कड़कने लगे, वे तुरंत खेतों का काम छोड़कर किसी पक्के मकान की शरण लें और अपने मवेशियों को भी सुरक्षित बांधें। वहीं, वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि भारी बारिश के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम हो सकती है, इसलिए गाड़ियों की रफ्तार धीमी रखें और बहुत जरूरी न हो तो सफर टाल दें।

23 जुलाई तक बारिश की संभावना

मौसम विभाग के लॉन्ग टर्म फॉरकास्ट के अनुसार, राज्य में अगले कुछ दिनों तक मानसून का यह उग्र रूप बरकरार रहने वाला है। आने वाली 23 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर भी देखने को मिल सकता है। पल-पल बदलते इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए मौसम विभाग के डेली अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।

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