
Chhattisgarh dhamtari उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर नगरी में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी बैठक हुई। सड़क, बिजली, पुल-पुलिया और प्रधानमंत्री आवास जैसे मुद्दों पर ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद की। सवाल यही है कि क्या इस बार समाधान निकलेगा?
धमतरी जिले के नगरी जनपद पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर अबिनाश की अध्यक्षता में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के विकास को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय विधायक अम्बिका मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, पूर्व विधायक श्रवण मरकाम समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अभयारण्य क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने साफ शब्दों में कहा कि आज भी उनके गांव सड़क, बिजली, पेयजल, पुल-पुलिया और प्रधानमंत्री आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उनका कहना था कि विकास के दावे कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
बैठक के दौरान वन विभाग पर भी सवाल उठे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टाइगर रिजर्व का हवाला देकर विकास कार्यों की अनुमति नहीं दी जाती, जिससे वर्षों से सड़क और अन्य जरूरी परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इससे पहले भी हजारों ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर धमतरी कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन कर चुके हैं। तब प्रशासन ने जल्द समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन ठोस नतीजा नहीं निकल सका। यही वजह है कि ग्रामीणों की उम्मीदें इस बैठक से और बढ़ गई हैं।
समाचार लिखे जाने तक बैठक जारी थी और प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर बिंदुवार चर्चा कर रहा था। अब देखना होगा कि क्या इस बैठक से उदंती-सीतानदी क्षेत्र के लोगों को वर्षों से इंतजार कर रही बुनियादी सुविधाओं की सौगात मिल पाती है या नहीं।
