सामूहिक विवाह से सजी अंगारमोती माता मंदिर प्रांगण, 59 जोड़ों ने रचाई नई जिंदगी की शुरुआत…

आदिवासी विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने नव दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की
धमतरी… मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गंगरेल स्थित अंगारमोती माता मंदिर प्रांगण में आज भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में गोंड समाज सहित विभिन्न समाजों के कुल 59 जोड़ों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ वैवाहिक बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। पूरे आयोजन स्थल को पारंपरिक सजावट और सांस्कृतिक रंगों से सजाया गया, जिससे वातावरण उत्सवमय हो उठा

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आदिवासी विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने नव दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसी पहलें सामाजिक समरसता, एकता और पारस्परिक सहयोग की भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा है, जिससे विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार को गरिमामय ढंग से संपन्न करने में मदद मिलती है।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है और आगामी समय में महिलाओं से संबंधित नीतिगत प्रावधानों के लागू होने से उन्हें और अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इस अवसर पर उन्होंने अर्जुनी स्थित गोंड समाज की भूमि पर सामाजिक भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपए की स्वीकृति की घोषणा की। साथ ही गंगरेल क्षेत्र एवं अंगारमोती माता मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु आवश्यक पहल किए जाने की बात भी कही।
कार्यक्रम की शुरुआत में आदिवासी गोंड समाज के जिला अध्यक्ष श्री माधव ठाकुर ने आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अंगीरा ध्रुव सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती जगरानी एक्का तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख एवं नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान नव दंपत्तियों को आवश्यक गृहस्थी सामग्री, आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान की गईं। सामूहिक विवाह के इस आयोजन ने न केवल सामाजिक सहयोग और समरसता का संदेश दिया, बल्कि जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।