CG – एक तरफ खंड शिक्षा कार्यालय का में रिश्वत खोरी तो दूसरी तरफ मोटे रकम की मांग नहीं हुई पूरी बीईओ ने सेवानिवृत्त भृत्य का स्वत्व भुगतान एवं पीपीओ रोका कलेक्टर से न्याय की फरियाद पढ़ें पुरी ख़बर
कोरबा//जिले के पोड़ी उपरोड़ा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सबकुछ ठीक- ठाक नही चल रहा है। कभी नोटिस की आड़ में उगाही तो संलग्नीकरण का खेल,अनुपस्थित शिक्षकों को वेतन लाभ देने का मामला तो कभी अकारण वेतन रोके जाने सहित अन्य भर्राशाही मामले में सुर्खियां बटोरने वाले बीईओ कार्यालय एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पूर्व में वित्तीय अनियमितता को लेकर निलंबित हो चुके यहां पदस्थ सहायक ग्रेड- 2 बाबू प्रदीप मिश्रा पर आर्थिक अपराध के मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई की गाज गिरी है, जहां एक सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल से उनकी जीपीएफ पासबुक में कटौती की एंट्री करने के एवज में 40 हजार की घुस लेते उन्हें एंटी करप्शन ब्यूरो ने रंगे हाथों पकड़ा है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कम मच गया है तो दूसरी ओर सेवानिवृत्त भृत्य द्वारा बीईओ पर मुहमांगी रकम न मिलने से स्वत्व भुगतान (रिटायरमेंट पर मिलने वाले अंतिम लाभों) एवं पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) रोके जाने के मामले को लेकर कलेक्टर से फरियाद लगाने के बाद खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा के क्रियाकलापों को कटघरे में ला खड़ा कर दिया है। चतुर्थ श्रेणी से सेवानिवृत्त पलटन राम यादव द्वारा बीते 22 मई को कलेक्टर को दिए अपने आवेदन में बताया है कि वे भृत्य के पद पर कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पोड़ी उपरोड़ा के अंतर्गत पदस्थ था। दिनांक 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुआ हूँ।
मेरे साथ पूर्व माध्यमिक शाला पोड़ीकला के प्रधान पाठक राजेन्द्र तिवारी, तानाखार हाईस्कूल व्याख्याता सुखनंदन सिंह पैकरा भी सेवानिवृत्त हुए है। मुझे छोड़कर उन्हें सेवानिवृत्ति दिनांक को ही उनके स्वत्व का चेक एवं पीपीओ प्रदान किया गया है। मैं चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पोड़ी उपरोड़ा द्वारा चाही गई रकम देने में सक्षम नही हूँ, इसलिए मेरे स्वत्व का भुगतान एवं पीपीओ नही बनाया गया है। उक्त सेवानिवृत्त भृत्य ने कलेक्टर से स्वत्व का भुगतान व पेंशन दिलाने फरियाद लगाई है।
विभागीय सूत्रों के मुताबित मामले में कलेक्टर ने जिला शिक्षाधिकारी को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए तथा बीईओ को कड़ी फटकार के बाद आनन- फानन में सेवानिवृत्त भृत्य का स्वत्व का भुगतान एवं पीपीओ बीते दिनों जारी किया गया है। सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में भ्रष्ट्राचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है और प्रशासन को नियमानुसार कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए है, लेकिन फिर भी जिले के भ्रष्ट्र किस्म के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा बेलगाम घोड़े की भांति सरकार के नीति विपरीत कार्य कर कई सवाल खड़े कर दिए है। जिस पर सरकार और प्रशासन को गंभीरता से ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।




