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Uttarakhand News: ‘योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं मिलता था…भर्तियों में पारदर्शिता पर बोले सीएम धामी – नकल माफिया पर लगा अंकुश, 44% महिलाओं ने हासिल किया स्थान….

देहरादून। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सरकार भर्ती को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में भर्तियों के समय किस तरह पक्षपात होता था, योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं मिल पाता था। उनकी प्रतिभा और क्षमता के साथ न्याय नहीं हो पाता था। जिसका फायदा उठाकर भ्रष्टाचारियों, रिश्वतरखोरों और नकल माफिया द्वारा खेल खेला जाता था। जिस पर अंकुश लगाने के लिए हमने सख्त नकलविरोधी कानून लागू किया।

44 प्रतिशत महिलाओं ने अपना स्थान पाया

सीएम धामी ने इस भर्ती में 44 प्रतिशत महिलाओं ने भी अपना स्थान पाया है। आपकी असली परीक्षा अब शुरू होने वाली है। इस नियुक्ति के साथ ही बड़ी जिम्मेदारी भी आप सभी को मिलने वाली है। आप सभी प्रदेश की कानून और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना योगदान देंगे। हर साल प्रदेश में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, जिनका प्रबंधन भी आप सभी को करना है।

सीएम धामी ने आगे कहा कि आज के इस आधुनिक युग में अपराधों के बदलते स्वरूप में पुलिस की भूमिका पहले से चुनौतीपूर्ण हो गई है। ऐसे में नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। अब पुलिस को कानून व्यवस्था के साथ ही आर्थिक क्राइम, नशे के खिलाफ मुहिम में भी भूमिका निभानी होती है।

हमारी सरकार उत्तराखण्ड पुलिस को आधुनिक एवं स्मार्ट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे जवानों को कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है। कई बार पुलिस जवानों को आठ घंटे से अधिक ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में उनके कल्याण के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 215 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे, कहा – प्रदेश की सुरक्षा और जनसुरक्षा में निभाएं पूरी निष्ठा और समर्पण से भूमिका…..

उत्तराखंड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में 215 उपनिरीक्षकों (SI) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए. जिसमें 104 उप-निरीक्षक, 88 गुल्मनायक (PAC) और 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने नवनियुक्त उप निरीक्षकों से कहा कि अब तक की उनकी परीक्षा केवल शुरुआत थी, असली परीक्षा अब शुरू हो रही है. उन्हें अब प्रदेश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा.

सीएम ने कहा कि उत्तराखण्ड दो अंतरराष्ट्रीय और दो आंतरिक सीमाओं से लगा राज्य है. राज्य में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा, साइबर क्राइम, महिला अपराध, यातायात, आपदा प्रबंधन, चारधाम और कांवड़ यात्रा जैसे अनेक मोर्चों पर पुलिस की प्रभावी भूमिका होती है. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्मार्ट पुलिस’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और उत्कृष्ट प्रशिक्षण से परिपूर्ण करने के लिए कृतसंकल्प है. बीते तीन वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवास के लिए करीब 500 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं और कैशलैस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को Artificial Intelligence, Cyber Security और Data Analytics जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

महिला सुरक्षा को लेकर उत्तराखण्ड पुलिस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने महिला अपराधों के निस्तारण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त की है और गृह मंत्रालय की रिपोर्ट अनुसार POCSO और महिला अपराधों के मामलों के निस्तारण में देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है. इसके परिणामस्वरूप बीते चार वर्षों में 26 हजार से और युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है. राज्य में सभी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त कार्मिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे और राज्य की शांति, सुरक्षा एवं जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाएंगे.

Uttarakhand News: केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान पर तेजी, सीएस ने सुगम संचालन के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश…..

उत्तराखंड : मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों समेत जिलाधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा सुगम और व्यवस्थित रूप से संचालित किए जाने के लिए केदारनाथ और बद्रीनाथ में यात्रा मार्ग और दर्शन में आने वाली व्यवहारिक समस्याओं को पहचान कर निराकरण किया जाना आवश्यक है.

सीएस ने कहा कि चारधाम यात्रा पर श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान और वापसी तक का सुखद अनुभव लेकर जाना चाहिए. हमें इस स्तर की तैयारियां करनी हैं. श्रद्धालुओं को दर्शन टोकन देते समय मंदिर में अभी किस नंबर का दर्शन चल रहा है, इसकी जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर मिलनी चाहिए. इस बार चारधाम यात्रा के लिए इसकी अनिवार्य रूप से व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. टोकन लेते समय श्रद्धालु को दर्शन में लगने वाला सम्भावित समय भी बताया जाना चाहिए. उन्होंने चलने में अक्षम श्रद्धालुओं के लिए Wheelchairs, Golf Cart और All-Terrain Vehicles की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक और उपयुक्त जानकारी प्राप्त हो इसके लिए विभिन्न प्रकार की जानकारियों के लिए जगह-जगह Signage और QR code आधारित सूचना पटल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों के लिए सर्टिफाइड गाइड व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए. उन्होंने गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पर्यटन विभाग कार्ययोजना तैयार करे.

सीएस ने कहा कि केदारनाथ रोपवे संचालित होने के बाद केदारनाथ मंदिर परिसर, गौरीकुंड और सोनप्रयाग में श्रद्धालुओं का अत्यधिक दबाव बढ़ने की सम्भावना को देखते हुए अभी से तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं. उन्होंने इसके लिए केदारनाथ मंदिर परिसर क्षेत्र विस्तार और गौरीकुंड और सोनप्रयाग में पार्किंग समेत अन्य सुविधाओं के लिए क्षेत्र विस्तार की सम्भावनाओं को तलाशने के भी निर्देश दिए.

Uttarakhand News- चमोली में बड़ा हादसा: सुरंग में दो लोको ट्रेनें टकराईं, 60 लोग घायल – मुख्यमंत्री धामी ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश…

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीवीएम साइट पर मंगलवार शिफ्ट चेंज के समय एक हादसा हुआ। आरंभिक जानकारी के अनुसार टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई, जिससे काफ़ी संख्या में मजदूर घायल हो गए।

60 लोगों के घायल होने के सूचना

हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और वहां भर्ती घायलों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 100 लोगों में से लगभग 60 घायल होने की सूचना है। जिसमें 42 घायल मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में तथा 17 घायल मजदूरों का उपचार विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में किया जा रहा है अन्य की स्थिति सामान्य है।

सीएम धामी ने एक्स पर किया ट्वीट

वहीं घटना को लेकर सीएम धामी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट किया कि चमोली जनपद के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड़ – पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइट पर हुई दुर्घटना के संबंध में जिलाधिकारी चमोली से निरंतर संपर्क में हूं। सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सालयों में रेफर करने के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से सभी घायल श्रमिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

Uttarakhand News: मैनें सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को करीब से देखा है…CM धामी ने पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में कहा – उत्तराखंड वीरों की भूमि, सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध….

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को हाथीबड़कला, देहरादून में नव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सैनिकों और पूर्व सैनिकों की वीर भूमि है और राज्य सरकार उनके सम्मान, पुनर्वास और कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील और सक्रिय है. सैनिक पुत्र होने की वजह से उन्होंने सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को करीब से देखा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सैनिकों से संबंधित हर कार्यक्रम में जाने का प्रयास करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर महत्वपूर्ण अवसर पर सैनिकों के बीच जरूर जाते हैं. सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के तीव्र विकास, सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरणों, आवास और कल्याण सुविधाओं में लगातार वृद्धि की गई है, जिससे सक्रिय सैनिकों के साथ-साथ पूर्व सैनिक समुदाय का मनोबल और गौरव भी और अधिक बढ़ा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शहीद आश्रितों, पूर्व सैनिकों और सेवा निवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए विविध कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है.

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।सीमा पर देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी प्रदान करने का संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने लिया है.

कम लागत में अधिक मुनाफा दिला रही प्राकृतिक खेती : जीवामृत, नीमास्त्र और हरी खाद से सशक्त होती मिट्टी….

रायपुर: रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के भकुरा गाँव में रहने वाले श्री जयकुमार गुप्ता साधारण किसान नहीं, बल्कि नई सोच के प्रतीक हैं। बी.ए.तक शिक्षित जयकुमार ने नौकरी की राह छोड़कर खेती को ही अपना भविष्य बनाया और यह साबित कर दिया कि सही सोच और तकनीक से खेती भी लाभ का बड़ा माध्यम बन सकती है। जहाँ एक ओर कई किसान रासायनिक खेती की बढ़ती लागत से परेशान हैं, वहीं जयकुमार गुप्ता प्राकृतिक खेती के सहारे न केवल निश्चिंत हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन चुके हैं।

प्राकृतिक खेती कर रहे जयकुमार आज भी पशुधन को खेती की रीढ़ मानते हैं। उनके पास 3 गायें और 2 बैल हैं, जो उनकी खेती की आत्मा हैं। एक ही फसल पर निर्भर न रहकर वे धान, उड़द, मूंगफली और विभिन्न सब्जियों की खेती करते हैं। यह फसली विविधता न केवल उनकी आय को सुरक्षित करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी बनाए रखती है।

जयकुमार की प्राकृतिक खेती, किसानों को दे रही नई प्रेरणा

विज्ञान और परंपरा के संतुलन से वे जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और हरी खाद का उपयोग करते हैं। ढैंचा और सनई जैसी फसलों से हरी खाद, फसलों के अवशेषों से कम्पोस्ट, फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप और ट्राइकोडर्मा जैसे उपाय उनकी खेती को कीट और रोगों से सुरक्षित रखते हैं। केंद्र व राज्य सरकार की योजना नेशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग तथा कृषि विभाग रायगढ़ का मार्गदर्शन उनके आत्मविश्वास को और मजबूती देता है।

जयकुमार गुप्ता की खेती के आंकड़े हर किसान को सोचने पर मजबूर करते हैं। प्राकृतिक खेती से वे प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी लागत मात्र ढाई हजार रुपये प्रति एकड़ आती है, जबकि शुद्ध मुनाफा लगभग 70 हजार रुपये प्रति एकड़ तक पहुँच जाता है। जयकुमार कहते हैं कि खेती में मुनाफा कमाने के लिए भारी खर्च नहीं, बल्कि सही ज्ञान, धैर्य और प्रकृति से तालमेल जरूरी है। प्राकृतिक खेती करके श्री जयकुमार गुप्ता अन्य किसानों के प्रेरणास्त्रोत बन चुके है।

बिहान योजना से बदली सिवनी की रूखमणी पाण्डेय की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’ और महिला आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल….

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड बलौदा अंतर्गत ग्राम सिवनी निवासी श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है। कभी पूर्णतः घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली रूखमणी पाण्डेय आज प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं।

कोरोना काल एवं लॉकडाउन के दौरान पशुपालन व्यवसाय में हुए आर्थिक नुकसान के बाद परिवार की आय का प्रमुख स्रोत प्रभावित हुआ, जिससे आर्थिक चुनौतियां बढ़ीं। इस कठिन समय में श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।

स्व-सहायता समूह के माध्यम से बढ़ी आय, ग्रामीण महिलाओं को मिला सशक्तिकरण और सम्मान

आरबीके दीदी के सहयोग से ग्राम सिवनी में महिलाओं को संगठित कर उन्होंने ‘जय अम्बे महिला स्व सहायता समूह’ का गठन किया। 25 फरवरी 2020 को गठित यह समूह उन्नति महिला ग्राम संगठन सिवनी तथा बिहान महिला क्लस्टर संगठन कुरदा से संबद्ध है। समूह के माध्यम से बैंक लिंकेज के तहत एक लाख रुपये का ऋण तथा अतिरिक्त समूह ऋण प्राप्त कर उन्होंने पारंपरिक पशुपालन व्यवसाय को पुनः प्रारंभ किया। इसके साथ ही आचार, पापड़, मसाला एवं अगरबत्ती निर्माण जैसी विविध आजीविका गतिविधियों को अपनाया, जिससे उनकी आय में सतत वृद्धि हुई।

आज श्रीमती रूखमणी पाण्डेय न केवल अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर रही हैं, बल्कि स्व सहायता समूह की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांव की अनेक महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं।

श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने कहा कि ‘लखपति दीदी पहल’ ने उन्हें आत्मविश्वास, पहचान और सम्मान प्रदान किया है। उन्होंने इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी सफलता यह प्रमाणित करती है कि प्रभावी मार्गदर्शन, समूह की सामूहिक शक्ति और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर समाज में सशक्त भूमिका निभा सकती हैं।

सियादेवी जलाशय बनेगा इको-टूरिज्म केन्द्र : एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का हुआ शुभारंभ….

रायपुर: मनोरम प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित सियादेवी जलाशय को इको-टूरिज्म केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सियादेवी जलाशय का नैसर्गिक सौंदर्य, शांत वातावरण और प्राकृतिक संरचना इसे पर्यटन की दृष्टि से मनोरम स्थल है। गुरूर विकासखंड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय में नवस्थापित एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का शुभारंभ आज कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में हुआ।

कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने फीता काटकर एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र न केवल जिले के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण बनेगा, बल्कि इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

सियादेवी जलाशय क्षेत्र का विकास इको-टूरिज्म की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर ने ग्रामीणों से इस पर्यटन स्थल की स्वच्छता, सुरक्षा एवं समुचित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही, क्षेत्रीय विकास एवं नहर मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव प्रेषित किए जाने की बात कही।

स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं स्थानीय समुदाय के सहयोग से प्रारंभ किया गया यह एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल है। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा ने इस पहल को जिले के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जनपद पंचायत गुरूर की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू सियादेवी जलाशय क्षेत्र के समग्र विकास का आग्रह किया।

इस अवसर पर सभी ने बैम्बू राफ्टिंग कर जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं पर्यटक उपस्थित थेे।

CG -बर्खास्त ब्रेकिंग : धान खरीदी के बिच बड़ी कार्रवाई, चार कर्मचारी बर्खास्त, इस वजह से हुई सेवा समाप्त, जाने पूरा मामला……

जांजगीर। धान खरीदी में अनियमितता करने पर कार्यवाही की गई है। टोकन काटने में मनमानी और अवैध धान मिलने पर पिछले तीन दिनों में चार कर्मचारियों को बर्खास्त करने की कार्यवाही की गई है। पिछले दिनों कलेक्टर जन्मेजय महोबे और एसपी विजय पांडे ने धान खरीदी केंद्रों का जायजा लिया था। इस दौरान बोड़सरा और कोसमंदा धान खरीदी केंद्र में टोकन काटने की मनमानी और फर्जी धान खपाने की तैयारी थी। जिस पर चार कर्मचारियों के बर्खास्तगी की कार्यवाही की गई है।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से की गई है। जो 31 जनवरी तक चलेगी। जांजगीर जिले में धान खरीदी के लिए 129 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीकृत एक लाख 25 हजार किसानों से धान खरीदी की जा रही है। शुरुआत में धान खरीदी की आवक काफी धीमी रही और लगभग एक पखवाड़े तक नहीं के बराबर धान समितियों में आया। कुछ समितियों में तो बोहनी तक नहीं हो सकी थी। दिसंबर माह की शुरुआत के साथ धान खरीदी के कार्य में गति आई। तेजी से धान खरीदी होने और धान खरीदी की रफ्तार बढ़ने के साथ ही धान खरीदी में गड़बड़ी सामने आने लगी है।

कहीं समितियों में अधिक तौल की शिकायत मिल रही है तो कहीं तो कही टोकन काटने में मनमानी की जा रही है। वहीं कुछ जगह पर बाहरी और फर्जी धान खपाने की शिकायत भी सामने आई है। जिसके चलते पिछले दिनों कलेक्टर जन्मेजय महोबे और एसपी विजय पांडे ने संयुक्त रूप से धान खरीदी केंद्रों का संयुक्त रूप से दौरा किया था। जिसमें गड़बड़ियां सामने आई।

गुरूवार 25 दिसंबर को कलेक्टर जन्मेजय महोबे व एसपी विजय पाण्डेय ने केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बोड़सरा धान खरीदी केन्द्र में 98 बोरी में रखा अवैध धान मिला। इस धान की ना तो किसी प्रकार की एंट्री थी और ना ही टोकन कटा था। कलेक्टर ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर विभाग ने केन्द्र प्रभारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। मामले में केन्द्र प्रभारी श्रीहरि यादव और कम्प्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार तिवारी के साथ ही समिति में अवैध धान लाने वाले चौकीदार निरंजन साहू को पद से पृथक करने की कार्रवाई की है। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र कोसमंदा में मनमाने तरीके से कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा टोकन काटने की शिकायत हुई थी। शिकायत की जांच के बाद कम्प्यूटर ऑपरेटर छबिलाल मन्नेवार की मनमानी और टोकन काटने में गड़बड़ी पाए जाने पर बर्खास्त करने की कार्यवाही की गई है।

अवैध धान पर कार्यवाही

राजस्व विभाग एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम कटौद में अवैध धान भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने पहारु ट्रेडर्स के परिसर से 50 कट्टी तथा कश्यप ट्रेडर्स से 60 कट्टी, कुल 110 कट्टी धान का अवैध भंडारण पाए जाने पर मौके पर ही जब्ती की कार्रवाई की गई है। धान खरीदी में तेजी आते ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रकार के अवैध मेडारण, कोचिया -बिचौलिया गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को सतत निगरानी, आकस्मिक निरीक्षण तथा कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

CG News : छत्तीसगढ़ की इस अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी को खेलते समय लगी गंभीर चोट, पिता ने सरकार से लगाई मदद की गुहार……

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की अंतराष्ट्रीय बैंडमिंटन खिलाड़ी तनु चन्द्रा मैच खेलने के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हो गई थी। जिन्हें इलाज के लिए मुंबई के कोकिला बेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां ईलाज जारी है। ईलाज के लिए काफी बजट लग रहा है, अब तक साढ़े तीन लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, जो परिवार के लिए काफी ज्यादा बजट है, खिलाड़ी के पिता ने ईलाज के लिए राज्य सरकार से मदद करने की गुहार लगाई है। तनु अब तक कई राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुकी है।

दरअसल, सक्ती जिले की अंतरराष्ट्रीय बैंडमिंटन खिलाड़ी तनु चंन्द्रा आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में बैंडमिंटन खेलने गई हुई थी। 24 दिसंबर को खेल रही थी एक मैच जीतने के बाद दूसरे मैच खेल रही थी, इसी दौरान वह चोटिल वह गई थी, जिससे गंभीर चोंटे आई थी। तत्काल ईलाज के लिए मुंबई के कोकिला बेन अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। जहाँ इलाज जारी है और आज पैर का सर्जरी होना जिसके लिए बहुत ज्यादा बजट लग रहा है। ऐसे में खिलाड़ी के पिता ने राज्य सरकार से बेटी के इलाज के लिए मदद करने की गुहार कर रहे हैं।

तनु चंद्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर परिवार व राज्य को गौरवांवित कर चुकी है। तनु के पिता ने जानकारी दी कि बताया कि उनकी बेटी तनु और बेटा बाबा प्रदीप चंद्रा को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। जिसमें तनु की कोई रुचि नहीं थी। इस पर पिता निराश जरूर हुए, लेकिन अपने बच्‍चों को कुछ बनाने की ठानी। तनु ने मात्र चार साल की उम्र में ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था। वह पिता के साथ घर पर ही मस्‍ती के साथ बैडमिंटन खेलती थी।

यहीं से पिता को लगा कि अब तनु को बैडमिंटन में रुचि है, इसी में आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए वे एक इवेंट में भी शामिल होने गए। जहां बैडमिंटन ऐसोसिएशन ऑफ छत्‍तीसगढ़ के जिला सचिव ब्रजेश अग्रवाल ने तनु का खेल देखा। उस समय तनु मात्र नौ साल की थी। उन्‍होंने तनु को बड़ा प्‍लेटफॉर्म उपलब्‍ध कराने पिता को कहा था और यहीं से तनु सफलता की ओर बढ़ती जा रही थी।