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मुख्यमंत्री साय से क्रेडाई और रियल एस्टेट के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की,इंक्रीमेंटल प्रणाली की समाप्ति और मूल्यांकन प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए जताया आभार..

रायपुर, 08 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम उनके निवास कार्यालय में क्रेडाई,रियल एस्टेट और बस्तर चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज जगदलपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।

उल्लेखनीय है कि राज्य में 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और आपत्तियों पर विचार करने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के निर्देश पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक कल 07 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी। बैठक में पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कई व्यापक निर्णय लिए गए, जो 08 दिसंबर से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। प्रतिनिधि मंडल ने सरकार द्वारा लिए गए उक्त महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और विधायक श्री किरण देव उपस्थित थे।

कुनकुरी नगर को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिया बड़ा तोहफ़ा

रायपुर, 8 दिसंबर 25/ कई प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, योग केंद्र और वेलनेस हब खुद को नेचुरोपैथी कहते हैं। जो प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान करता है और बापू भवन इसका ऐतिहासिक घर है, जिसे गांधीजी ने अपनाया था। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्देश्य प्राकृतिक उपचार, योग, आहार, मिट्टी स्नान और हर्बल दवाओं के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य प्रदान करना है। जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नेचुरोपैथी भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 62 लाख रुपए की मंजूरी प्रदान की है।

निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। भवन तैयार हो जाने के बाद कुनकुरी नगरवासियों को प्राकृतिक चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधा अपने ही नगर में उपलब्ध होगी। यह भवन न सिर्फ लोगों को आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की ओर प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए बड़ी राहत भी देगा। अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नगरवासियों ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा और नई उम्मीद लेकर आएगी।

*स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाई को छूता जशपुर*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सौगातें मिल चुकी है। मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ा कदम उठातेे हुए वित्त विभाग से 359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है । इसी प्रकार 220 विस्तर अस्पताल के लिए 32 करोड़ की मंजूरी, नर्सिंग महाविद्यालय भवन के 8 करोड़ की मंजूरी, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय के 14 करोड़ की मंजूरी, कल्याण आश्रम अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन के लिए 35 करोड़ की मंजूरी, ग़िनाबहर में मातृत्व शिशु चिकित्सालय भवन निर्माण के 8 करोड़ की मंजूरी सहित कई सौगातें दी गई है, जो जिले वासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए वरदान साबित होंगी।

नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 8 दिसम्बर 2025/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है।

उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना” अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

Uttarakhand News: ‘प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ…’ CM धामी ने गोवा की दुःखद घटना पर जताया शोक, कहा – गोवा प्रशासन से समन्वय बनाकर हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाए….

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोवा की दुःखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत लोगों की आत्म शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने इस घटना में उत्तराखण्ड के नौ लोगों के निधन को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठोर समय में प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाए

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गोवा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्रता से पूरा कराया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

वन मंत्री से लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट…

रायपुर: वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप से आज नया रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के प्रबंधकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ अध्यक्ष श्री रूप साय सिंह सलाम के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की।

वन मंत्री से लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट

इस अवसर पर प्रदेश प्रबंधक संघ के अध्यक्ष श्री राजू सोनी, कार्यकारिणी अध्यक्ष श्री विनोद सिन्हा, श्री लोकेश्वर डड़सेना, श्री निर्मल कुमार विश्वास, श्री ललित कश्यप, श्री यशवंत चंद्राकर, श्री राधेश्याम सहित अन्य प्रबंधक उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने वन मंत्री श्री कश्यप को विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया और उनके समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। वन मंत्री ने सभी बिंदुओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

वन मंत्री से लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट

सरगुजा का अब तेजी से हो रहा विकास – उप मुख्यमंत्री अरुण साव…

रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में 82 करोड़ 23 लाख 71 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने शहर के स्वच्छता पार्क में 50 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित अटल परिसर के लोकार्पण के साथ ही लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री ने 82.24 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरगुजा तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। केवल 23 महीनों में ही अम्बिकापुर शहर के विकास के लिए 209 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा सरगुजा संभाग में सड़कों के कायाकल्प के लिए 1737 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विष्णु के सुशासन में प्रदेश सरकार तेजी से विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज लोकार्पित और भूमिपूजन किए गए कार्यों से सरगुजा में न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि पर्यटन, कृषि और स्थानीय व्यापार को नई दिशा मिलेगी। महापौर श्रीमती मंजूषा भगत ने अपने संबोधन में कहा कि शहर के विकास के लिए स्वीकृत बड़े कार्यों से अम्बिकापुर का तेजी से विकास होगा और जन सुविधाएं बढ़ेंगी। उन्होंने स्वीकृत सभी कार्यों के लिए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रति शहरवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया।

उप मुख्यमंत्री ने 82.24 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

विधायक श्री प्रबोध मिंज और श्री रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, कलेक्टर श्री विलास भोसकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल और नगर निगम के कमिश्नर श्री डी.एन. कश्यप सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के 27.95 करोड़ के 6 सड़कों का भूमिपूजन

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा कुल 27 करोड़ 94 लाख 86 हजार रुपए की लागत से बनाए जाने वाले छह सड़कों का भूमिपूजन किया। इनमें फरसाबहार–धरमपुर मार्ग, लंबाई 4 किमी, लागत 602.58 लाख, बतौली–शांतिकुंज मार्ग, लंबाई 3 किमी, लागत 344.16 लाख, फरसाबहार–जनरलगो सड़क, लंबाई 3.50 किमी, लागत 373.58 लाख, डूमरपाखना–पेण्डरमारी रोड, लंबाई एक किमी, लागत 260.56 लाख, कटकोना शिवान रोड, लंबाई 4.20 किमी, लागत 504.05 लाख तथा पोईबोहरा–गुढ़उपूरीगुड़ा–बुढ़ा गांव मार्ग, लंबाई 5 किमी, लागत 709.93 लाख शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन बेहतर होगा, व्यापारिक गतिविधियों को सुगमता मिलेगी और ग्रामीण संपर्क मार्ग मजबूत होंगे।

उप मुख्यमंत्री ने 82.24 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

नगर निगम क्षेत्र में 33.79 करोड़ के कार्यों की सौगात

श्री साव ने अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत 33 करोड़ 78 लाख 75 हजार रुपए की लागत के छह शहरी परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल परिसर के लोकार्पण के साथ ही 11 करोड़ 59 लाख रुपए के माँ महामाया कॉरिडोर निर्माण तथा दो करोड़ 39 लाख रुपए लागत के पुष्प वाटिका, सरगवा पार्क तथा पेयजल पाइप लाइन विस्तार कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने दो करोड़ 76 लाख रुपए के दीनदयाल उपाध्याय मांगलिक भवन, 11 करोड़ 18 लाख रुपए के नालंदा परिसर तथा पांच करोड़ 35 लाख रुपए लागत के स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के कार्यों के लिए भी भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से शहर के सौंदर्यीकरण, नागरिक सुविधाएं, स्वच्छता और सामुदायिक ढांचा मज़बूत होगा।

उप मुख्यमंत्री ने 82.24 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

32 करोड़ से अधिक की नल जल योजनाओं से हर घर पहुंचेगा शुद्ध जल

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत भिट्टीकला, कंचनपुर, नवानगर, देवीटिकरी, तेंदुटिकरा, बकनाकला, बरगीडीह, चिरगा, गंगापुर, करांकी, दर्रीटोला, बतौली, नवडीहा, दोरना, तेंदूडांड, कुनकुरी, कछारडीह, डूमरभावना, लैगू एवं चैनपुर में कुल 32 करोड़ नौ लाख रुपए की नल-जल योजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इन योजनाओं से हर घर में नल से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

CG – मस्तूरी विधायक लहरिया ने जयरामनगर धान मंडी का किया औचक निरीक्षण किसानों से चर्चा कर जानी समस्या टोकन कों लेकर कही ये बात जानें पढ़े पूरी ख़बर

मस्तूरी//बिलासपुर विधायक दिलीप लहरिया ने सोमवार कों जयरामनगर स्थित धान खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहाँ उपस्थित किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएँ जानी तथा खरीदी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि अभी भी किसानों को टोकन के लिए भटकना पड़ रहा है। जो चिंता का विषय हैँ उन्होंने बताया की महासमुंद में टोकन न मिलने से एक किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया, यह घटना बताती है कि किसान कितने परेशान है टोकन की समस्या को लेकर। किसान अपनी ही फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहे है। समितियों में 70 प्रतिशत ऑनलाइन और 30 प्रतिशत ऑफलाइन टोकन करने का नियम बनाया गया है। ऑफलाइन टोकन करने के लिए भी किसानों को कई दिनों तक सोसायटी के चक्कर लगानें पड़ रहे है।

दिलीप लहरिया ने मांग की है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से 50-50 प्रतिशत टोकन करने की व्यवस्था की जाए। जिससे किसानों को परेशानी न झेलनी पड़े।

समितियों में खरीदी सीमा लागू होने के कारण बहुत कम मात्रा में धान की खरीदी हो पाई है। अधिकांश समितियों मे खरीदी लिमिट कम होने के कारण किसान चिंतित है। किसानों के हित में तत्काल बढ़ाया जाना चाहिये! दिलीप लहरिया ने कहा कि गलत नीति के चलते रकबा कटौती की समस्या से किसान जूझ रहे हैं। तथा तहसील कार्यालय एवं पटवारियों के चक्कर काट रहे है। सच्चे अर्थों में किसान हितैषी होना हैँ तो प्रतिदिन खरीदी लिमिट बढ़ाए तथा एग्रीटेक पोर्टल में पंजीकृत समस्त किसानों का संपूर्ण धान खरीदकर उन्हें सुविधा प्रदान करे।

राज्यपाल रमेन डेका ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की भूमि को यथावत रखने के दिए निर्देश…

रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की भूमि पर अवैध कब्जा और अन्य निर्माण कार्य किए जाने को गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल कार्रवाई करने और भूमि को यथावत रखने के निर्देश दिए हैं।

राज्यपाल श्री डेका ने आज लोकभवन में मुख्य सचिव श्री विकास शील से इस संबंध में चर्चा की और स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की जमीन पर कब्जा और अनाधिकृत निर्माण हटाया जाए और भूमि को यथावत विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में सुरक्षित रखा जाए।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय की भूमि पर किसी भी तरह के अतिक्रमण, बाहरी निर्माण या अन्य गतिविधि शिक्षा के अधिकार, संस्थागत विकास और भविष्य की पीढ़ियों के हितों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र का यह विश्वविद्यालय अध्ययन, अनुसंधान और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए स्थापित किया गया है। इस पर अतिक्रमण या राजनीतिक-प्रशासनिक हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं होगा।

रेमन डेका

समन्वित प्रयासों से बालोद में सफल होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी- मंत्री गजेन्द्र यादव…..

रायपुर: स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सभी विभागों एवं अधिकारी-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से बालोद जिले में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा। मंत्री श्री यादव आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जंबूरी के सफल आयोजन हेतु आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं और सभी अधिकारी पूर्णनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।

 सभी विभागों को सौंपे गए दायित्व, तैयारियों की विस्तृत समीक्षा 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से बालोद जिले को यह राष्ट्रीय आयोजन मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। शिक्षा मंत्री श्री यादव ने सभी विभाग प्रमुखों से क्रमवार चर्चा कर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा तैयारियों की समीक्षा भी की। बैठक में इन सभी व्यवस्थाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

 जिला प्रशासन ने दिया सफल आयोजन का आश्वासन 

बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मंत्री श्री यादव को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की टीम अपने दायित्वों का सर्वाेत्तम निर्वहन करते हुए राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का सफल और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करेगी। समीक्षा बैठक में जंबूरी डायरेक्टर श्री अमर क्षेत्री, भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, डीपीआई डायरेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, राज्य एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, तथा अन्य अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

स्वतंत्रता सेनानियों और पूर्व सैनिकों की स्मृति संरक्षण के लिए राज्यपाल रमेन डेका की पहल…..

रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्वतंत्रता सेनानियों और देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व सैनिकों की स्मृति को संरक्षित करने के लिए ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

राज्यपाल श्री डेका ने आज लोकभवन में राजधानी रायपुर के कलेक्टर श्री गौरव सिंह से इस संबंध में चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से स्वतंत्रता सेनानी श्री रामकृष्ण तिवारी का उल्लेख किया जिन्होंने आजादी के आंदोलन में परिवार सहित अपना सब कुछ बलिदान कर दिया। उन्होंने जेल, त्याग और संघर्ष की कठिन यातनाएं झेलीं। उनसे जुड़े अभिलेख, विरासत को संरक्षित रखने के लिए निर्देश दिया।

श्री डेका ने रायपुर में ऐसी पहचान योग्य जगहों की पहचान करने तथा वहां स्मारक, सूचना पट्ट या मेमोरियल गैलरी के रूप में संरक्षित करने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि यह कार्य प्रशासन की पहल और समाज के सहयोग से मिलकर किया जाना चाहिए, तभी उनकी स्मृतियां अविस्मरणीय बन पाएंगी।

रेमन डेका