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Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी सशस्त्र सेना झंडा दिवस की शुभकामनाएं, कहा-यह दिन राष्ट्र के सजग प्रहरियों के…

देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन राष्ट्र के सजग प्रहरियों के अविस्मरणीय बलिदानों और सेवाओं को स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है.

आगे सीएम धामी ने कहा, अदम्य साहस, पराक्रम एवं देश की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले तथा विषम परिस्थितियों में आम नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने वाले हमारे वीर सैनिकों पर भारत के प्रत्येक नागरिक को गर्व है.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रत्येक नागरिक से ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष’ में सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए अपना योगदान देने की अपील की है.

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027: देवडोलियों की भव्य शोभायात्रा की तैयारियां तेज, समिति के सदस्यों ने की CM धामी से मुलाकात….

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में उत्तराखण्ड की देवडोलियों तथा लोक देवताओं के प्रतीकों एवं चल विग्रहों के स्नान और शोभा यात्रा की भव्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेला हमारी महान धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महापर्व है।

धार्मिक वैभव और समृद्ध लोक परंपरा

सीएम धामी ने कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में राज्य की देवडोलियों के दिव्य स्नान एवं भव्य शोभायात्रा के आयोजन के माध्यम से देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड के धार्मिक वैभव और समृद्ध लोक परंपरा के साक्षी बनने का सौभाग्य अर्जित कर सकेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार लोगों से किए गए हर वादे को पूरा करती है। चुनाव से पहले हमने जनता से UCC का वादा किया था, और हमने वह वादा पूरा किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस संबंध में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर कुम्भ मेला में देवडोलियों की शोभायात्रा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने का आग्रह किया था। प्रतिनिधिमंडल में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षमणी व्यास सहित अन्य पदाधिकारी सम्मिलित थे।

Uttarakhand News: विंटर टूरिज्म सेक्टर को मिल रही गति, सभी तीर्थ स्थानों के साथ चारधाम के शीतकालीन पूजा स्थलों में विद्युत आपूर्ति के निर्देश…

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य के विंटर टूरिज्म सेक्टर को सतत गति मिल रही है। शीतकालीन अवधि के दौरान तीर्थयात्रियों एवं देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार तथा उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि०(यूपीसीएल) द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल द्वारा समस्त क्षेत्रीय इकाइ‌यों को निर्देशित किया गया है कि शीतकालीन अवधि के दौरान मसूरी, औली, लैंसडौन, जोशीमठ, धनौल्टी, ऋषिकेश, हरिद्वार, अल्मोडा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, चकराता, राजाजी नेशनल पार्क, टिहरी, देवप्रयाग, चंबा, हर्षिल आदि प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थाटन स्थलों के साथ-साथ चारधाम के शीतकालीन पूजा स्थलों में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाए।

प्रबंध निदेशक ने कहा है कि शीतकाल में राज्य के इन महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों का भारी आवागमन होता है, जिससे पर्यटन कारोबार को प्रोत्साहन मिलता है तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। ऐसे परिप्रेक्ष्य में यूपीसीएल का यह दायित्व है कि किसी भी पर्यटक या उपभोक्ता को विद्युत आपूर्ति संबंधी असुविधा हो।

यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक के अनुसार पर्यटन क्षेत्रों से संबंधित सभी 33/11 केवी उपसंस्थानों, एचटी एलटी लाइनों, 11 केवी फीडरों तथा स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम का दैनिक अनुश्रवण किया जा रहा है। आकस्मिक परिस्थितियों से त्वरित निपटने हेतु सभी महत्त्वपूर्ण स्थलों पर कंडक्टर, केबल, पोल, ट्रांसफार्मर सहित आवश्यक सामग्री की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे विद्युत व्यवधान की स्थिति में न्यूनतम समय में आपूर्ति पुनः सुचारू की जा सके।

प्रबंध निदेशक के मुताबिक, सभी अधीक्षण अभियन्ताओं एवं अधिशासी अभियन्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित उपसंस्थानों एवं फीडरों का सघन निरीक्षण करने तथा संपूर्ण टीम को हाई अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यूपीसीएल के संबंधित कार्मिकों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्युत आपूर्ति पर प्रभाव डालने वाले कारकों को ध्यान में रखते हुए, लाईनों के पास स्थित पेड़ों एवं टहनियों की लोपिंग-चोपिंग समय से पूर्ण कर ली जाए । प्रबंध निर्देशक ने अवगत कराया है कि सभी ट्रॉली ट्रांसफॉर्मरों की उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति का परीक्षण कर उन्हें किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।

यूपीसीएल ने पुनः आश्वस्त किया है कि राज्य के सभी प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थलों तथा तीर्थ क्षेत्रों में सुरक्षित, निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना उसके शीर्ष प्राथमिकता है, और इसके लिए सभी आवश्यक उपाय निरंतर जारी हैं।

CM धामी ने विभिन्न संगठनों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों से किया संवाद, कहा- प्राप्त हुए महत्वपूर्ण सुझावों को नीतिगत निर्णयों में किया जाएगा शामिल….

देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पर्यटक आवास गृह बैजनाथ, बागेश्वर में मंथन एवं संवाद कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों एवं एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राप्त हुए महत्वपूर्ण सुझावों को आगामी योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में सम्मिलित किया जाएगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यटक आवास गृह परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण भी किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हमारी सरकार विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तीव्र गति से कार्य कर रही है. समेकित विकास की परिकल्पना के अनुरूप हम इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत बनाने, सेवाओं की गुणवत्तापूर्ण पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर CM धामी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- बाबा साहेब ने जीवनपर्यंत शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए किया संघर्ष….

देहरादून. शासकीय आवास पर भारत के संविधान निर्माता, ‘भारत रत्न’ बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

सीएम धामी ने कहा, बाबा साहेब ने जीवनपर्यंत शिक्षा, समानता और स्वाभिमान की ज्योति प्रज्वलित रखी. उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक समरसता और न्याय के उनके सपने को साकार करने की दिशा में हमने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है.

शिक्षकों की मनमानी समय से पूर्व करते हैं स्कूल की छुट्टी बच्चों ने लगाया आरोप।


((नयाभारत लखनपुर)):–
सरगुजा जिले का आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से चरमरा गई है किसी न किसी मामले को लेकर शिक्षा विभाग हमेशा सुर्खियों में रहता है। समय से पूर्व स्कूल छुट्टी करने का मामला सामने आया है जहां बच्चों ने आरोप लगाया है कि प्रतिदिन दोपहर 3:बजे स्कूल की छुट्टी शिक्षकों के द्वारा कर दी जाती है। दरअसल पुरा मामला लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पुहपुटरा के चिलबिल प्राथमिक शाला का है। इस स्कूल में दो शिक्षक पदस्थ है। शिक्षक राकेश पांडे अवकाश पर है। शिक्षिका मरियम तिर्की के द्वारा संकुल समन्वयक व खंड शिक्षा अधिकारी को बिना किसी सूचना के 5 दिसंबर दिन शुक्रवार की दोपहर लगभग 3:00 बजे स्कूल की छुट्टी कर दी गई। जब स्थानीय मीडिया कर्मी वहां पहुंचे और शिक्षिका से स्कूल कि छुट्टी के संबंध में पूछा तो उनके द्वारा कहा गया शिक्षक की अवकाश होने पर स्कूल के टाइम में संकुल केंद्र जाकर ऑफिशियल का किताब लेने जाने के लिए स्कूल की छुट्टी कर दिया है। वही संबंध में बच्चों ने आरोप लगाया है कि प्रतिदिन शिक्षकों के द्वारा दोपहर 3:00 बजे स्कूल का छुट्टी कर दिया जाता है। अब देखने वाली बात होगी कि किस प्रकार की कार्रवाई इन शिक्षकों के ऊपर विभागीय अधिकारियों के द्वारा की जाती है या फिर नोटिस जारी कार्रवाई के नाम पर खाना पूर्ति कर दिया जाएगा। नियमों को ताक पर शिक्षकों के द्वारा मनमानी तरीके से स्कूल का संचालन किया जा रहा है। लखनपुर विकासखंड क्षेत्र के स्कूलों में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। स्कूली बच्चों ने आरोप लगाया है कि यहां पर स्कूल की छुट्टी 3 बजे ही कर दी जाती हैं तो वही शिक्षक आए दिन कभी शिक्षक शिक्षिका दूसरे तीसरे स्कूल नहीं आते हैं।

शिक्षिका मरियम तिर्की।
इस संबंध में शिक्षिका मरियम तिर्की ने कहा कि शिक्षक राकेश पांडे के अवकाश पर होने से एफएलएन का बुक लेने संकुल केंद्र जाना था इसलिए स्कूल की छुट्टी किया गया। रविवार को होने वाले महा परीक्षा को लेकर ब्लॉक मुख्यालय पेपर लेने भी जाना था।
“””””संकुल समन्वयक साकेत गिरी।”””””

इस संबंध में संकुल समन्वयक साकेत गिरी से मोबाइल फोन से बात करने कहा कि बिना किसी सूचना के शिक्षिका के द्वारा स्कूल की छुट्टी किया गया है जो कि गलत है। उन्हें समय अनुसार स्कूल स्कूल का संचालन सुबह 10 से शाम 4:00 बजे तक करना है।

CG – DSP पर प्यार, धोखा और ब्लैकमेलिंग का लगा आरोप, मोहब्बत के फेर में ढाई करोड़ की ठगी, जानें महिला अफसर अपनी सफाई में क्या कहा……

रायपुर। रायपुर के खम्हारडीह थाने में दर्ज शिकायत ने छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे को हिला दिया है। मामले में राज्य पुलिस सेवा की महिला DSP कल्पना वर्मा पर व्यापारी दीपक टंडन ने प्यार का जाल बुनकर ब्लैकमेलिंग, रिश्वत लेने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।

दीपक टंडन ने बताया कि उनकी शादी 2011 में हुई थी। वर्ष 2021 में उनकी मुलाकात डीएसपी कल्पना वर्मा से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हुआ, जो करीब चार साल तक चला। आरोप है कि इस दौरान कल्पना वर्मा ने लगातार पैसों की मांग की और वह अब तक दो करोड़ रुपये से ज्यादा दे चुका है।

दीपक का कहना है कि जब डीएसपी ने शादी का दबाव बनाया, तो उसने अपनी पत्नी को तलाक देने से साफ इनकार कर दिया। इसी के बाद पैसों को लेकर विवाद बढ़ा और दीपक ने अपने पैसे वापस करने की मांग शुरू की।

वहीं दीपक की पत्नी बरखा टंडन का कहना है कि उनके पति रात 3 बजे तक डीएसपी कल्पना वर्मा से वीडियो कॉल पर बात करते थे। मना करने पर भी दीपक नहीं मानते थे। बरखा ने आरोप लगाया कि कल्पना वर्मा ने दीपक की पत्नी से 45 लाख रुपये का चेक लेने का दबाव बनाया और चेक की रकम भी निकाल ली गई। बरखा का कहना है कि पैसे लेने के बाद डीएसपी ने उल्टा उनके ही खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवा दी। बरखा और दीपक अब अपनी रकम वापस मांग रहे हैं। इसके अलावा दंपति ने स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है।

डीएसपी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

इस पूरे मामले में डीएसपी कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है। साथ ही उन्होंने कहा ये जानबूझकर उन्हें फंसाने की कोशिश हो रही है।

CG Open School : छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल परीक्षा 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू, इस तारीख तक कर सकते हैं आवेदन, देखिये पूरी डिटेल……

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल से जुडी अपडेट सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर ने हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी मुख्य/अवसर परीक्षा मार्च–अप्रैल 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक़, छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर ने हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी मुख्य/अवसर परीक्षा मार्च–अप्रैल 2026 के प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अगले वर्ष होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने इक्छुक विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो गयी है। जो आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 है। इस दौरान सामान्य शुल्क के साथ आवेदन पत्र भरे जायेंगे। इसके पश्चात् विद्यार्थी को विलंब शुल्क के साथ आवेदन करना पडेगा। विद्यार्थी ₹500 विलंब शुल्क के साथ 18 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।

कैसे प्राप्त करें आवेदन फॉर्म

विद्यार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों आवेदन फॉर्म पा सकते हैं। ऑफलाइन फॉर्म के लिए छात्र-छात्राएं पास के अध्ययन केंद्र जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते है। साथ ही इससे सम्बंधित प्रवेश से संबंधित सभी जानकारी पा सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म डाउनलोड करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट http://www.sos.cg.nic.in पर जाना होगा। वेबसाइट ओपन करते ही होम स्क्रीन पर आवेदन फार्म मार्च-अप्रैल 2026 दिखेगा। उसके नीचे परीक्षा मार्च-अप्रैल 2026 के लिए प्रथम बार और अवसर टैब दिखेंगे। जिसपर क्लीक करके आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।

धान उपार्जन केंद्रों में बेहतर व्यवस्थाओं से किसानों के लिए धान विक्रय हुआ आसान…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया गया है। शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रदेशभर के धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि किसान बिना किसी बाधा के सुगमता से अपना धान विक्रय कर पा रहे हैं।

इसी क्रम में सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम मुडेसा निवासी किसान श्री मीना राम विश्वकर्मा ने धान खरीदी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनकी 1 एकड़ 16 डिसमिल भूमि से उत्पन्न 21 क्विंटल धान को वे मेंड्राकला उपार्जन केंद्र में बेचने पहुंचे, जहां उन्हें टोकन कटाने से लेकर धान की तौल तक किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

किसान श्री विश्वकर्मा ने बताया कि उपार्जन केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण, गुणवत्ता जांच और अन्य प्रक्रियाएं तत्काल पूर्ण कर ली गईं। केंद्र में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध था और धान की तौल पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ हो रहा है और उनकी आय में वृद्धि हुई है। श्री विश्वकर्मा ने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

जिला प्रशासन द्वारा शासन के निर्देशों के अनुसार सभी उपार्जन केंद्रों में बैठने की व्यवस्था, पेयजल, नमी मापक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, टोकन प्रणाली और पर्याप्त बारदाने जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया गया है। निरंतर निरीक्षण और मॉनिटरिंग के कारण खरीदी कार्य पूरी तरह सुचारू और पारदर्शी रूप से संचालित हो रहा है, जिससे किसानों को कहीं भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

कोंडापल्ली में संचार क्रांति का नया सवेरा: मोबाइल नेटवर्क पहुंचते ही नाच उठे ग्रामीण….

रायपुर: दूरसंचार, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ जहाँ देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य जीवन का आधार बन चुकी हैं, वहीं बस्तर संभाग के कुछ सुदूर वनांचलों ने दशकों तक इन सुविधाओं को कभी देखा ही नहीं था। ऐसे ही एक इलाके, बीजापुर जिले के ग्राम कोंडापल्ली, में अभूतपूर्व उत्सव का माहौल देखने को मिला जब गाँव में पहली बार मोबाइल नेटवर्क आया।

कोंडापल्ली तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित एक घना वनांचल है, जहाँ वर्षों से सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में गाँव में मोबाइल टॉवर स्थापित होना स्थानीय समुदाय के लिए केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि दुनिया से जुड़ने का प्रतीक बन गया।

जैसे ही टॉवर के सक्रिय होने की घोषणा हुई, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। महिलाएँ, पुरुष, बच्चे — सभी रैली के रूप में टॉवर स्थल तक पहुँचे। पारंपरिक विधि से टॉवर की पूजा-अर्चना की गई। माँदर की थाप पर लोग भावुक होकर नाच उठे। यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था।

इस उत्सव में केवल कोंडापल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों के लोग भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि “बाहरी दुनिया से पहला वास्तविक जुड़ाव” है। सुरक्षा बलों के जवानों ने भी ग्रामीणों की खुशी में शामिल होकर मिठाइयाँ वितरित कीं।

अब मोबाइल नेटवर्क ग्रामीणों के लिए बैंकिंग, आधार, राशन, स्वास्थ्य योजनाओं, पेंशन और शैक्षणिक सुविधाओं का प्रवेश-द्वार बनेगा। जिनके लिए यह सेवाएँ अब तक दूर का सपना थीं, उनके लिए यह दिन जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है।

दशकों की प्रतीक्षा समाप्त: कोंडापल्ली में पहली बार मोबाइल नेटवर्क, गांव में उत्सव का माहौल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित नियद नेल्ला नार योजना का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाकर लोगों में विश्वास बढ़ाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। योजना के तहत सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बैंकिंग, संचार सहित प्रशासनिक सेवाओं को तेज़ी से पहुँचाने का काम किया जा रहा है।

योजना का दायरा व्यापक है — 69 नवीन कैम्पों के आसपास स्थित 403 ग्रामों में 09 विभागों की 18 सामुदायिक सेवाएँ और 11 विभागों की 25 व्यक्तिमूलक योजनाएँ पहुँचाई जा रही हैं, ताकि ग्रामीण किसी भी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहें।

इस पूरी प्रक्रिया में संचार अधोसंरचना सबसे प्रभावी साबित हो रही है। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में 728 नए टॉवर स्थापित किए गए हैं — जिनमें 116 एलडब्ल्यूई कार्यक्रम से, 115 आकांक्षी जिलों में, और 467 टावर 4G नेटवर्क के रूप में लगाए गए हैं। इसके साथ ही 449 टॉवरों का 2G से 4G में उन्नयन किया गया है।

कोंडापल्ली में नियद नल्ला नार योजना से तेज़ी से बदलाव आए हैं। दिसम्बर 2024 में कैम्प स्थापित होने के बाद पहली बार प्रशासन गाँव तक नियमित रूप से पहुँचने लगा। यहाँ लंबे समय से बंद पड़ी सड़क का पुनर्निर्माण बार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने अपने जिम्मे लिया है और 50 किलोमीटर सड़क का कार्य प्रगति पर है।

गाँव में दो महीने पहले ही पहली बार विद्युत लाइन पहुँची है। बिजली आने के बाद से बच्चों की पढ़ाई, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण जीवन में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार सेचुरेशन शिविर आयोजित कर सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुँचाया जा रहा है।

कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क के आगमन से यह स्पष्ट हो गया है कि विकास की किरण अब उन इलाकों तक भी पहुँच रहा है, जो वर्षों से प्रतीक्षा में थे। संचार सुविधा के इस नए सवेरे ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि अब उनका गाँव भी राज्य के अन्य हिस्सों की तरह आधुनिक सुविधाओं से जुड़कर आगे बढ़ेगा।

बीजापुर जिले के कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क का पहुँचना सिर्फ एक टॉवर का खड़ा होना नहीं है, यह उन लोगों के सपनों का उठ खड़ा होना है जो वर्षों से दुनिया से कटे हुए थे। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर का हर गांव–हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, डिजिटल सुविधाओं तक पहुँचे और अवसरों के नए द्वार उनके लिए खुलें। यह सिर्फ संचार की शुरुआत नहीं, बल्कि विश्वास, बदलाव और नई संभावनाओं के युग का आरंभ है। – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय