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उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया ऑक्सीजोन विकास कार्याे का लोकार्पण….

रायपुर:  प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने नगर पालिक निगम केारबा के वार्ड क्र. 32 पोड़ीबहार बांसबाड़ी उद्यान में ऑक्सीजोन विकास कार्यों का लोकार्पण किया, वहीं पोड़ीबहार बस्ती के विभिन्न स्थानों में किए जाने वाले 03 विकास कार्येा का भूमिपूजन भी उनके हाथों किया गया। लोकार्पण भूमिपूजन कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा की गई, वहीं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर सहित निगम की मेयर इन काउंसिल के सदस्यगण, पार्षदगण आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।

उद्योग मंत्री ने किया ऑक्सीजोन विकास कार्याे का लोकार्पण

 

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा पोड़ीबहार मुक्तिधाम के सामने स्थित बांसबाड़ी उद्यान में एन.सी.ए.पी. मद से ऑक्सीजोन का निर्माण 01 करोड़ 60 लाख 11 हजार रूपये की लागत से किया गया है, जिसका लोकार्पण आज उद्योग मंत्री के हाथों किया गया। इसी प्रकार निगम द्वारा वार्ड क्र. 32 पोड़ीबहार में मंदिर के समीप प्रभारी मंत्री मद से 07 लाख रूपये की लागत से आर.सी.सी. छत का निर्माण, वार्ड क्र. 32 पोड़ीबहार अंतर्गत महालक्ष्मी इंटरप्राईजेेस से सुरेशचंद मंगल के घर तक जिला खनिज न्यास मद से 06 लाख रूपये की लागत से सी.सी.रोड व नाली का निर्माण तथा वार्ड क्र. 32 अंतर्गत यादव के घर से सी.पी.पटेल घर तक जिला खनिज न्यास मद से 06 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली का निर्माण किया जाना हैं, जिनका भूमिपूजन भी केबिनेट मंत्री श्री देवांगन के करकमलों से किया गया। मंत्री श्री देवांगन ने इन विकास कार्याे का विधिवत भूमिपूजन किया तथा शीघ्र कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य कराते हुए समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

उद्योग मंत्री ने किया ऑक्सीजोन विकास कार्याे का लोकार्पण

उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार राज्य के सर्वागीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है, विकास के सभी क्षेत्रों में हमारे छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है, विगत दो वर्षाे के दौरान पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए राज्य सरकार ने एक जनहितैषी सरकार की छबि अंकित की है। उन्होने कहा कि जहॉं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है, यहॉं की बरसों पुरानी समस्याएं दूर हो रही हैं तथा कोरबा के विकास के लिए धनराशि की केाई कमी भविष्य में भी नहीं होने दी जाएगी, यह मैं आश्वस्त करता हूॅं। इस मौके पर मंत्री श्री देवांगन ने महापौर श्रीमती राजपूत के आग्रह पर उक्त ऑक्सीजोन बांसबाड़ी के बाउण्ड्रीवाल निर्माण की घोषणा की।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा की देवतुल्य जनता की समस्याओं को दूर करना, उन्हें समस्त मौलिक सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है, मेरा सौभाग्य है कि हमें प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरूण साव एवं कोरबा के विधायक व प्रदेश के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का लगातार मार्गदर्शन, सहयोग व आशीर्वाद कोरबा के विकास के लिए मुझे प्राप्त हो रहा है। निर्माण कार्याे हेतु धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही है तथा हम निर्माण कार्याे से संबंधित जो भी मांग उनकेे सामने रखते हैं, वह प्राथमिकता के साथ पूरी होती है।

स्कूलों के प्रति प्रेम करने वाले समर्पित शिक्षकों की जरूरत, संसाधनों की कोई कमी नहीं – स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव…..

रायपुर: स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा है कि राज्य में शिक्षक एवं शैक्षणिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। जरूरत अपने स्कूल के प्रति प्रेम ओर समर्पण करने वाले और पढ़ाई में रूचि दिखाने वाले समर्पित शिक्षकों की है। राज्य सरकार अच्छे शिक्षकों को जहां पुरस्कृत करेगी वहीं लापरवाह शिक्षकों को सजा देने में भी कोई कोताही नहीं बरतेगी। श्री यादव आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। श्री यादव ने इस अवसर पर स्कूलों के निरीक्षण हेतु जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के उपयोग के लिए तैयार ऐप को भी लांच किया।

स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर

मंत्री श्री यादव नेे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों के निरंतर निरीक्षण पर जोर दिया। श्री यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर संकुल समन्वयक तक निरंतर स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परेदशी, समग्र शिक्षा की एमडी डॉ. प्रियंका शुक्ला, डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी सहित संभाग के सभी आठों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी शामिल थे।

स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर

तीन वर्षीय समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश

मंत्री श्री यादव ने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय अधोसंरचना के मजबूत विकास, शैक्षणिक माहौल के संवर्धन और शिक्षण गुणवत्ता में ठोस सुधार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और दीर्घकालिक योजनाएँ ही स्थायी सुधार की नींव बनेंगी।

स्कूलों के सतत् निरीक्षण पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिया जोर

ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य 

शिक्षा मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उन्होंने बताया कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही डीईओ, बीईओ और बीआरसी अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, दौरा चार्ट तैयार करने और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार हो सके।

शैक्षणिक परिणाम सुधार हेतु लक्ष्य निर्धारित 

वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री यादव ने कक्षा 10 वीं का परिणाम 85 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 90 प्रतिशत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल उत्तीर्ण तक सीमित नहीं रहे बल्कि विद्यार्थियों को उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण कराना है। उन्होंने सभी जिलों को मासिक परीक्षा की सतत निगरानी, ब्लूप्रिंट आधारित अध्ययन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और कुशल शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने को कहा है।

बेसिक लर्निंग पर विशेष फोकस 

मंत्री ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए धारा- प्रवाह हिंदी पढ़ने को बढ़ावा देने हेतु विशेष योजना तैयार करने को कहा। साथ ही माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की बेसिक गणित और अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के अपार आईडी को 100 प्रतिशत पूरा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूलों की यू-डाइस को भी अपडेट करने के निर्देश दिए।  बिलासपुर और सक्ति जिले में अपार आईडी के निर्माण की कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और इसमें अगले एक सप्ताह में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। ड्रॉपआउट रोकने को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही और समुदाय व पालकों के साथ नियमित संवाद को भी आवश्यक बताया।

सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित स्वत्व देयकों का त्वरित निराकरण करें 

बैठक में मंत्री श्री यादव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पासबुक और स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेने के लिए कहा, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अधोसंरचना एवं मॉडल स्कूल विकास कार्यों की गति तेज करने के निर्देश 

मंत्री ने भवनविहीन विद्यालयों के अधोसंरचना कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा इस वर्ष मॉडल स्कूलों के चयन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीईओ के लिए लक्ष्य आधारित गोपनीय प्रतिवेदन प्रणाली लागू करने की बात कही। पीएम श्री विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इन विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने प्रयास किया जाए।

पंचायतों को दें स्कूल मरम्मत का जिम्मा

मंत्री श्री यादव ने स्कूल मरम्मत के छोटे-छोटे काम स्थानीय ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में आमतौर पर शौचालय निर्माण, शौचालय मरम्मत, पोताई, बिजली, पानी के काम होते है। देखा गया है कि अन्य एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराने पर काफी विलंब होता है। पंचायतों के माध्यम से काम होने से स्थानीय समुदाय का इसमें लगाव भी होता है और बहुत सारी समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती है। उन्होंने 31 जनवरी तक शौचालय संबंधी सभी काम पूर्ण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

गायत्री मंत्र मानव जीवन को ऊर्जावान और संस्कारित बनाते हैं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित भव्य 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को आध्यात्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि “मां महामाया की पावन भूमि हसौद में 251 कुंडों में एक साथ सम्पन्न हो रहा यह महायज्ञ छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊंचाई देता है।”

मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा—“500 वर्षों के बाद अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हुआ, काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प हुआ। छत्तीसगढ़ तो स्वयं भगवान श्रीराम का ननिहाल है—माता कौशल्या की पावन भूमि है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों की उन्नति और कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला का दर्शन किया है।

मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 सिद्धियों और शक्तियों के प्रतीक हैं, जो मानव जीवन को ऊर्जा, सदाचार और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार के कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र भेंट किया।

इस अवसर पर कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही देशभर से आए अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

140 नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद – कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हसौद में परिणय-सूत्र में बंधने वाले 140 नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया।

जैतखाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हसौद प्रवास के दौरान जैतखाम पहुँचकर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति, कल्याण एवं निरंतर प्रगति की कामना की।

मुख्यमंत्री हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा, समानता, सामाजिक समरसता तथा ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश हमें समाज में सद्भाव और एकता का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने जनसमूह से आह्वान किया कि इन आदर्शों को आत्मसात कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

जीवन की सफलता केवल डिग्री लेने में नहीं, बल्कि संस्कृति एवं संस्कारों को अपनाकर जीवन जीने में- राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा….

रायपुर: दुर्ग जिले के धमधा तहसील अन्तर्गत शासकीय महाविद्यालय पेंड्रावान (धमधा) के नवीन भवन का भूमिपूजन आज प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। चार करोड़ पैंसठ लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन के निर्माण से क्षेत्र के बारहवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना और अधिक सुलभ होगा।

समारोह में क्षेत्रीय विधायक श्री ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे तथा श्री सुरेंद्र कौशिक सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि जीवन की सफलता केवल डिग्री प्राप्त करने में नहीं है, बल्कि संस्कृति एवं संस्कारों को अपनाकर जीवन जीने में है। उन्होंने महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना करते हुए संस्कृतिक दल के लिए अपने निजी आवंटन से 5,100 रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। मंत्री श्री वर्मा ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार शांति और विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा बस्तर में नक्सलवाद उन्मूलन में सफलता हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विजन के साथ 2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनाना सरकार का लक्ष्य है।

शासकीय महाविद्यालय पेंड्रावान (धमधा) में नए भवन के लिए 4 करोड़ 65 लाख रुपये का भूमिपूजन

मंत्री श्री वर्मा ने साथ ही पेंड्रावान और बोरी महाविद्यालय में आहाता (परिसर) निर्माण के आश्वासन के साथ महाविद्यालय के विज्ञान प्रयोगशाला के लिए आवश्यक सामग्री की खरीद हेतु 5 लाख रुपये की धनराशि देने की भी घोषणा की। क्षेत्रीय विधायक श्री ईश्वर साहू ने अपने उदबोधन में बताया कि यह परियोजना ग्रामीण जनता की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाओं को पूरा करेगी और सरकार द्वारा समय से पहले योजनाओं को क्रियान्वित करने के प्रयासों को रेखांकित किया।

महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती उषाकिरण अग्रवाल ने महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों तथा आवश्यकताओं से मंत्री को अवगत कराया। सरपंच श्रीमती प्रतिमा सिन्हा ने स्वागत उद्बोधन में ग्राम एवं क्षेत्र की अन्य मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी तथा ग्रामवासी भारी संख्या में उपस्थित रहे।

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 : आयोजन के लिए नौ सदस्यीय सलाहकार समिति गठित….

रायपुर: अगले वर्ष 23 दिसंबर से नवा रायपुर में होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव के लिए राज्य शासन ने सलाहकार समिति का गठन कर दिया है। इस समिति में नौ सदस्य बनाए गए हैं। समिति में सदस्य के रूप में श्री अनंत विजय, डॉ. सुशील त्रिवेदी, श्री सतीश कुमार पंडा, श्रीमती जयमति कश्यप, श्री संजीव कुमार सिन्हा, श्री शंशाक शर्मा, श्री पंकज कुमार झा और श्री विवेक आचार्य को भी शामिल किया गया है। समिति रायपुर साहित्य उत्सव के सफल और प्रभावी आयोजन के लिए विशेष सलाह देगी। इसके साथ ही साहित्यकारों के चयन और आयोजन के विषयों पर भी आयोजकों को सहयोग करेगी। जनसंपर्क संचालनालय के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल समिति के सदस्य सचिव होंगे।

उल्लेखनीय है कि नए वर्ष की शुरुआत के साथ आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा। इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा।

Uttarakhand News: PRD स्थापना दिवस पर जवानों के लिए बड़ी सौगात : उपचार अवधि में भी ड्यूटी पर माने जाएंगे जवान, मिलेगा 6 महीने का मानदेय…..

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल निदेशालय में प्रान्तीय रक्षक दल (PRD) के ‘स्थापना दिवस’ के अवसर पर रैतिक परेड का निरीक्षण किया. इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पीआरडी जवानों के बच्चों को छात्रवृत्ति और दिवंगत पीआरडी स्वयंसेवकों के आश्रितों को सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए. मुख्यमंत्री ने पीआरडी जवानों के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना, ड्यूटी के दौरान चिकित्सालय में भर्ती होने की स्थिति में उपचार के दौरान ड्यूटी पर ही मानने और उन्हें अधिकतम 6 महीने का मानदेय देने और ग्राम अस्थल रायपुर में खेल मैदान के निर्माण की घोषणा की.

सीएम धामी ने कहा कि पीआरडी जवान, धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश में सुरक्षा और जनसेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. पीआरडी जवान प्रदेश में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने, सुरक्षा व्यवस्था, लिपिकीय कार्यों और विभिन्न विभागीय दायित्वों, प्राकृतिक आपदाओं में चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में कार्य कर प्रदेश की सेवा कर रहे हैं. चार धाम यात्रा के दौरान भी जवानों ने धैर्य, संवेदनशीलता और सजगता के साथ लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा कराने में सहयोग किया.

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने पीआरडी जवानों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. राज्य गठन के समय पीआरडी जवानों को मात्र 65 रुपये प्रतिदिन भत्ता मिलता था. अब उसमें 10 गुना वृद्धि करते हुए उसे 650 रुपये प्रतिदिन किया गया है. पीआरडी जवानों के आश्रित बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है. राज्य सरकार ने मृत और घायल पीआरडी जवानों और उनके आश्रितों को 70 लाख रुपये से ज्यादा की सहायता राशि प्रदान की है.

मुख्यमंत्री ने कहा 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हुए पीआरडी जवानों को 18 लाख रुपये का एकमुश्त सेवा-भत्ता भी प्रदान किया है. साम्प्रदायिक दंगों में ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रूपये किया गया है. पीआरडी जवान की अति- संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु होने पर देय राशि 75 हजार रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये की है. सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की दशा में मिलने वाली राशि को भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है. उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक दंगों और अति-संवेदनशील ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले स्वयंसेवकों के अंतिम संस्कार के लिए नई नियमावली में अलग से प्रावधान किया है. प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले नुकसान के लिए भी संबंधित अधिकारी की संस्तुति पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान भी पीआरडी जवानों के लिए किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों की सेवा के प्रति निष्ठा और समर्पण का सम्मान करते हुए वर्ष 2023 में मृत और अपंग जवानों के आश्रितों को पीआरडी जवान के रूप में पंजीकृत करना प्रारंभ किया गया. जिसके बाद अब तक पंजीकृत 190 आश्रितों में से 133 आश्रितों को रोजगार भी प्रदान किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि इस माह 149 पंजीकृत आश्रितों को विभागीय अर्द्ध सैन्य प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. जिससे वे अपने कौशल में वृद्धि कर सकेंगे और भविष्य में पीआरडी सेवा के विभिन्न दायित्वों को और अधिक दक्षता और तत्परता के साथ निभाने में सक्षम होंगे.

Uttarakhand News: मानव-वन्यजीव संघर्ष खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री धामी की सख्त समीक्षा, अधिकारियों को दिए सटीक और कड़े निर्देश….

देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक ली. इस दौरान उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को खत्म करने के लिए वन विभाग के साथ ही शासन-प्रशासन के स्तर पर भी प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना की सूचना मिलने के 30 मिनट के अन्दर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच जाए. इसके लिए संबंधित DFO और RO की जिम्मेदारी तय की जाए. प्रभावितों को आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए.

सीएम धामी ने पौड़ी में मानव -वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के दृष्टिगत पौड़ी के DFO को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का अधिक भय है, ऐसे क्षेत्रों में स्कूली बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और घर तक लाने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जाए.

मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में किसी परिवार के कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर सम्बंधित परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े, ऐसी स्थिति में आजीविका में सहयोग के लिए वन विभाग दो सप्ताह के अंदर नीति बनाकर प्रस्तुत करे. जनपदों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जिन भी उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें यथाशीघ्र उपलब्ध कराया जाए.

उन्होंने कहा कि हमारी पहली जिम्मेदारी वन्यजीवों से लोगों के जीवन को बचाना है, इसके लिए नई तकनीकी के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाए. जंगली जानवर आबादी क्षेत्रों में न आए, इसके स्थायी समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए. वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी रखें, साथ ही ग्रामीणों के साथ अपना संवाद मजबूत रखें. बस्तियों के आस पास झाड़ियों को विशेष अभियान चलाकर साफ किया जाए, साथ ही बच्चों और महिलाओं को विशेष तौर पर वन्य जीवों की मौजूदगी को लेकर जागरुक किया जाए.

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास योजनाओं और आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए 210 करोड़ की दी वित्तीय स्वीकृति, जानिए कहां कितनी रकम की जाएगी खर्च….

देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं, आपदा प्रबंधन कार्यों और मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए 210 करोड़ से भी अधिक लागत की योजनाओं की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपदों की मांग के अनुरूप आपदा में राहत एवं बचाव कार्यों के सफल संचालन के लिए 71 बोलेरो वाहन के लिए 7.24 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है. पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए एन.एच.-109 के लगभग 7 कि.मी. लम्बाई के पुन: संरेखण के निर्माण के लिए 188.55 करोड़ की योजना का अनुमोदन प्रदान किया गया है.

मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा सीएम घोषणाओं से संबंधित कार्यों के लिए 14 करोड़ से अधिक की स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं, जिनमें जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला में हरकोट से थामडी कुण्ड एवं जलथ से फगुनी उड्यार तक सम्पर्क मार्ग के लिए 88.76 लाख, दोबाटा से मर्ताली तक 3.02 कि.मी. मोटर मार्ग के निर्माण के लिए 84.12 लाख, विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट में विकासखण्ड मूनाकोट के अंतर्गत ग्राम नैनीपातल से भगवती मंदिर तक सी.सी. सम्पर्क मार्ग निर्माण के लिए 45.74 लाख की योजना सम्मिलित है.

जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में नाबार्ड मद से औद्यानिकी विकास किए जाने के लिए धनराशि 98.18 लाख तथा पूर्णागिरी तहसील में मिनी विकास भवन-बार भवन के निर्माण के लिए 533.79 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का भी अनुमोदन प्रदान किया गया है. इसके साथ ही जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र चकराता के अंतर्गत ग्राम पंचायत काण्डी, चामा, गाता में सार्वजनिक टीन शैड के निर्माण के लिए 55.95 लाख और जनपद उधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र खटीमा में 300 हैण्डपम्प लगाए जाने के लिए 499.65 लाख की योजना की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है. मुख्यमंत्री ने विकासखण्ड नारसन के ग्राम मुकीमपुर में भारत ऑयल एण्ड वेस्ट मैनेजमेंट फैक्ट्री के पास बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु सोलानी नदी के बाएं किनारे पर सी.सी. द्वारा दो स्पर के निर्माण हेतु ₹ 24.37 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने का भी अनुमोदन प्रदान किया है.

‘एक जेल-एक प्रोडक्ट’ योजना पर जोर : मुख्यमंत्री धामी ने दिए राज्य का अलग मॉडल विकसित करने के निर्देश…..

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में जेल विकास बोर्ड की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य की सभी जेलों में ‘एक जेल-एक प्रोडक्ट‘ का विकास किया जाए. कारागारों में निरूद्ध बन्दियों के कौशल विकास के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं. आईटीआई के माध्यम से भी जेलों में अलग-अलग ट्रेड के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा कि जेलों के विकास के लिए राज्य का अपना अलग मॉडल विकसित किया जाए.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जेलों में बनाये गए उत्पादों का सरकारी कार्यालयों में उपयोग किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर जेलों में भोजन व्यवस्थाओं को भी देखें. बैठक में निर्णय लिया गया कि केन्द्रीय कारागार सितारगंज, जिला कारागार अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी, उप कारागार हल्द्वानी और रूड़की में लॉंड्री मशीन की स्थापना की जाएगी. जिला कारागार देहरादून और हरिद्वार में इसकी स्थापना से अच्छे परिणाम आए थे. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कारागारों में चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

बैठक में प्रदेश की खुली जेल सितारगंज में कच्ची घानी सरसों तेल संयंत्र की स्थापना पर सहमति बनी. सितारगंज और हरिद्वार जेल में मशरूम फार्मिंग की सहमति भी दी गई. बैठक में जानकारी दी गई कि जिला कारागार हरिद्वार, अल्मोड़ा, केन्द्रीय कारागार सितारगंज और उपकारागार हल्द्वानी में बेकरी यूनिट की स्थापना से लगभग 12 लाख रूपये आय अर्जित हुई है. सितारगंज खुली जेल में गौशाला की स्थापना से 10 लाख रूपये की आय हुई है.

CG – ससुर बना जल्लाद : अपनी ही नई नवेली बहु के साथ किया ऐसा घिनौना काम, महिला की हो गई ये हालत……

कवर्धा। कवर्धा ज़िले के लोहारा थाना के बांधाटोला इलाके में एक सैप्टिक टैंक में 20 दिन पुरानी नवविवाहिता की लाश मिली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है। इस पूरे मामले में हत्या की आशंका महिला के ससुर पर जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है।

पूरा मामला लोहारा थाना के बांधाटोला इलाके का है। पूरे गांव में उस वक़्त हड़कंप मच गया, जब सैप्टिक टैंक से सड़ी-गली हालत में नवविवाहिता की लाश मिली। महिला की लाश लगभग 20 दिन पुरानी बताई जा रही है, जो बुरी तरह से सड़ चुकी थी। आपको बता दें कि महिला ने ठीक दो महीने पहले ही इंटरकास्ट मैरिज की थी।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में ससुर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, वहीं अन्य परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।