मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य

पशु रेस्क्यु वाहन से दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को मिलेगी त्वरित चिकित्सा सुविधा – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा…..

रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पशु संरक्षण और संवेदनशील सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पशु रेस्क्यु वाहन का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। 13 लाख 60 हजार रूपए की लागत के इस वाहन को श्री विजय शर्मा द्वारा विधायक मद से प्रदान किया गया है।

लोकार्पण के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से वाहन की तकनीकी विशेषताओं, उपयोगिता और संचालन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही वाहन का परीक्षण कराते हुए घायल पशुओं को सुरक्षित रूप से वाहन में लाने एवं ले जाने की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस आधुनिक पशु रेस्क्यु वाहन के माध्यम से सड़क दुर्घटना अथवा अन्य कारणों से घायल पशुओं को त्वरित रूप से घटनास्थल से पशु चिकित्सालय तक पहुंचाया जा सकेगा। उपचार के उपरांत पशुओं को सुरक्षित रूप से गौशाला अथवा पशु शेल्टर तक ले जाने की भी समुचित व्यवस्था वाहन में उपलब्ध है। इससे घायल एवं असहाय पशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा और उनकी जान बचाने में प्रभावी सहायता मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गौ संरक्षण और पशु कल्याण के प्रति पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पशु रेस्क्यु वाहन जैसी सुविधाएं न केवल पशुओं के जीवन की रक्षा करेंगी, बल्कि आम नागरिकों और पशुपालकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहन का नियमित, समुचित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी सतत निगरानी और रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डॉ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 02 स्क्वायर बेलर मशीनों का किया लोकार्पण…..

रायपुर: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर से आधुनिक तकनीक से युक्त 02 स्क्वायर बेलर मशीनों का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया।

इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मशीनों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं उद्देश्य के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि स्क्वायर बेलर मशीन अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जो एक घंटे में लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में हार्वेस्टर से कटे हुए पैरा को चौकोर बंडल (बेल) के रूप में तैयार करती है। इन बंडलों का उपयोग आगे चलकर गौ-वंश के लिए चारे के रूप में किया जाएगा, जिससे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

यह भी जानकारी दी गई कि स्क्वायर बेलर मशीनों के उपयोग से खेतों में पैरा जलाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इससे न केवल किसानों को अवशेष प्रबंधन में सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी और गौ संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चारे के सुव्यवस्थित संग्रहण और परिवहन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 02 स्क्वायर बेलर मशीनों का किया लोकार्पण

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसान हित, गौ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। स्क्वायर बेलर मशीन जैसी पहल से कृषि अवशेषों का सार्थक उपयोग होगा और किसानों को आर्थिक एवं पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर लाभ मिलेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मशीनों के नियमित, समुचित और प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डॉ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

भव्य भोरमदेव कॉरिडोर का भूमिपूजन 01 जनवरी को : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कॉरिडोर का करेंगे भूमिपूजन…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कबीरधाम जिले के भोरमदेव कॉरिडोर का 01 जनवरी को भूमिपूजन करेंगे। इस कॉरिडोर के लिए केन्द्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है। इसके अंतर्गत ऐतिहासिक और धार्मिक केंद्र भोरमदेव मंदिर परिसर एवं आसपास के स्थलों के समग्र विकास किया जाएगा।

भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित किए जा रहे भूमिपूजन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, लोकसभा संसद श्री संतोष पाण्डेय विधायक श्रीमती भावना बोहरा, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा सहित अनेक पूर्व विधायक, आयोग निगम मंडल के अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप तैयार की गई यह परियोजना धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन विकास का त्रिवेणी संगम बनेगी। इसके पूरा होने से भोरमदेव क्षेत्र विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा, वहीं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

भोरमदेव कॉरिडोर में मुख्य मंदिर से लेकर मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोदा जलाशय तक फैले ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ते हुए उनका संरक्षण और विकास किया जाएगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन, पुरातत्व विभाग एवं कबीरधाम जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार की है।

भोरमदेव मंदिर परिसर का भव्य विकास के अंतर्गत मुख्य मंदिर में छह आकर्षक प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जिनमें नागद्वार प्रमुख होगा। परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल संग्रहालय का निर्माण, पिलर हॉल, गार्डन, चिल्ड्रन पार्क, प्रसाद मंडप, अनुष्ठान भवन, यज्ञ स्थल, और सीढ़ियों का निर्माण किया जाएगा।

मंदिर परिसर के तालाब का सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ यहां म्यूजिकल फाउंटेन भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए ठहरने हेतु डोम, छायायुक्त मार्ग, स्टेज और भंडारा भवन का निर्माण प्रस्तावित है। पूरे परिसर और आसपास के ऐतिहासिक स्थलों को शामिल करते हुए प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, पेयजल, बिजली, ड्रेनेज सिस्टम, वृक्षारोपण और सड़क उन्नयन आदि के कार्य होंगे।

CG:बेमेतरा कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के सख्त निर्देशन में अवैध धान खरीदी के विरुद्ध जिलेभर में व्यापक कार्रवाई…राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने 4,782 बोरी धान किया जब्त, अनुमानित कीमत 44 लाख रुपये… डिप्टी कलेक्टर पिंकी मनहर की ताबड़तोड़ कार्यवाही

संजू जैन:7000885784
बेमेतरा :जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के स्पष्ट एवं सख्त निर्देशन में जिले में अवैध धान खरीदी, भंडारण एवं व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज राजस्व विभाग एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ निरीक्षण एवं छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से खरीदे एवं संग्रहित धान के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई। इस अवसर पर धान खरीदी नोडल डिप्टी कलेक्टर सुश्री पिंकी मनहर, खाद्य अधिकारी ओमकार सिंह, सीसीबी नोडल राजेंद्र वारे, तहसीलदार यू मानकर, नायब तहसीलदार जयंत पटले, उमेश लहरी सहित मंडी टीम उपस्थित थे
यह कार्रवाई शासन की धान उपार्जन नीति के उल्लंघन, किसानों के हितों के संरक्षण तथा समर्थन मूल्य प्रणाली को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में भी स्पष्ट किया गया था कि अवैध धान खरीदी, बिचौलियों की भूमिका एवं नियमों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

*आज की कार्रवाई का विस्तृत विवरण*
*आज की गई संयुक्त कार्रवाई के दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थित व्यापारिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान संबंधित इकाइयों से धान की खरीदी, भंडारण एवं परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेजों की मांग की गई। जांच में कई स्थानों पर नियमानुसार अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके फलस्वरूप धान को अवैध मानते हुए नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की गई। आज की कार्रवाई में हनुमंत राइस मिल, खमरिया (एम) से 488 बोरी धान, टीकाराम राइस मिल, भंसुली से 294 बोरी धान, मान्या ट्रेडर्स, बीजा से 3,500 बोरी धान, चेतन अनाज भंडार, बीजा से 300 बोरी धान, बेदामी राइस मिल, बीजा से 200 बोरी धान जप्त किया गया | इस प्रकार कुल जब्ती 4,782 बोरी धान जिसका अनुमानित कुल मूल्य लगभग 44 लाख रुपये है |*
जब्त किए गए धान के संबंध में विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रकरणों में जांच जारी है एवं दस्तावेजों की सत्यता की जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों/संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*अवैध धान परिवहन पर कलेक्टर का सख्त निर्देश*
जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने अवैध धान परिवहन को लेकर भी अत्यंत कठोर रुख अपनाते हुए आज स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी स्तर पर अवैध धान परिवहन को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने आदेशित किया है कि खाद्य विभाग, राजस्व विभाग एवं मंडी समिति की टीमें संयुक्त रूप से नहीं बल्कि अलग–अलग, स्वतंत्र रूप से एवं समानांतर रूप से क्षेत्रवार भ्रमण कर सघन जांच करेंगी, ताकि अवैध धान परिवहन, खरीदी एवं भंडारण की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि अलग-अलग टीमों द्वारा की जाने वाली इस कार्रवाई से निगरानी और अधिक सशक्त होगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत की संभावना समाप्त होगी। निर्देशानुसार, बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन किए जा रहे धान को तत्काल जप्त किया जाएगा तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि यह कार्रवाई नियमित, आकस्मिक एवं सतत रूप से जारी रहे, जिससे जिले में अवैध धान परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

*कलेक्टर का सख्त रुख – अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस*
जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध धान खरीदी, भंडारण एवं परिवहन के किसी भी प्रयास को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जाए। उन्होंने कहा है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि जिले में निरंतर, आकस्मिक एवं व्यापक स्तर पर अभियान जारी रहेगा।

*किसानों के हित में प्रशासन का स्पष्ट संदेश*
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज केवल शासन द्वारा अधिकृत धान उपार्जन केंद्रों में ही विक्रय करें। किसी भी प्रकार की अवैध खरीदी, बिचौलियों अथवा अनधिकृत व्यापारियों के प्रलोभन में न आएं। यदि किसानों को कहीं अवैध धान खरीदी, भंडारण या परिवहन की जानकारी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन, खाद्य विभाग अथवा राजस्व विभाग को दें। प्रशासन द्वारा यह भी कहा गया है कि किसानों की पहचान का गोपनीयता के साथ संरक्षण किया जाएगा तथा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

*आगे भी जारी रहेगी सघन कार्रवाई*
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। राइस मिलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, गोदामों एवं परिवहन साधनों की नियमित एवं आकस्मिक जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जब्ती, सीलिंग, प्रकरण दर्ज करने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के नेतृत्व में जिला प्रशासन अवैध धान खरीदी पर पूर्णतः अंकुश लगाने, पारदर्शी उपार्जन व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

CG – दिल दहला देने वाला हादसा : खड़े ट्रेलर में लगी आग, जिंदा जलकर सीट पर सो रहे 3 साल के मासूम की मौत, परिवार में मचा कोहराम……

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां खड़े ट्रेलर में आग लगने से 3 साल के मासूम की जलकर मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है और मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है। यह मामला रतनपुर के सांधी पारा का है। घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया है।

रतनपुर टीआई निलेश पांडेय ने बताया कि सांधीपारा में रहने वाले संजय यादव ड्राइवर हैं। काम के बाद वे ट्रेलर को अपने घर के पास ही खड़ा रखते थे। बुधवार को काम के बाद वे अपने घर आए थे। वाहन को घर के पास खड़ा कर वे घर पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान उनका तीन साल का बेटा अनमोल ट्रेलर के केबीन में चढ़कर सो गया। इधर बुधवार की दोपहर कुछ लोगों ने ट्रेलर के केबीन से धुंआ निकलते देखकर संजय को इसकी सूचना दी। तब तक आग भड़क चुकी थी। आसपास के लोगों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद किसी ने केबीन के अंदर झांककर देखा। केबीन की सीट पर एक बालक की जली हुई लाश थी। इसे देख आसपास के बच्चों की तलाश की गई। तभी पता चला कि अनमोल गायब है।

पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि अनमोल हमेशा केबीन में चढ़कर खेलता था। बुधवार को भी वह घर के पास ही खेल रहा था। परिजनों को इसकी जानकारी नहीं थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया है। वहीं मासूम की मौत के बाद माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं मोहल्ले में भी शोक की लहर हैं।

CG – IAS प्रमोशन ब्रेकिंग : नए साल का आईएएस अफसरों को मिला पदोन्नति का तोहफा, 5 IAS अफसर बनाए गए संयुक्त सचिव, देखें आदेश…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन हुआ है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार 6 आईएएस अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। 2001 बैच की आईएएस अधिकारी शहला निगार को प्रमुख सचिव बनाया गया है. वहीं 2017 बैच के आईएएस आकाश छिकारा, रोहित व्यास, मयंक चतुर्वेदी, कुणाल दुदावत और चंद्रकांत वर्मा को संयुक्त सचिव बनाया गया है।

ऑनलाइन 24×7 टोकन सुविधा से धान खरीदी हुई सरल : 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही धान खरीदी तथा धान उपार्जन केंद्रों पर लागू सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाया है।

प्रदेशभर में ऑनलाइन 24×7 टोकन प्रणाली लागू होने से धान विक्रय की प्रक्रिया अधिक सहज और परेशानी-मुक्त हो गई है। किसान अब घर बैठे टोकन प्राप्त कर निर्धारित समय पर उपार्जन केंद्र पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़, लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या समाप्त हो गई है।

इसी क्रम में जांजगीर जिले के ग्राम सुकली के किसान श्री भीम गोंड़ ने धान उपार्जन केंद्र पेंड्री में 116 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के कारण पूरी प्रक्रिया आसान हो गई। निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण, तौल और विक्रय की सभी प्रक्रियाएं सहजता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण हुईं।

किसान भीम गोंड़ ने बताया कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों का शासन की व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब किसान अपनी उपज पूरे आत्मसम्मान और निश्चिंतता के साथ बेच पा रहे हैं, जो किसान-हितैषी सुशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि शासन की पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के उपयोग से खेती अब केवल आजीविका का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह सम्मानजनक आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है।

प्रदेश में धान खरीदी कार्य प्रशासनिक निगरानी और डिजिटल व्यवस्थाओं के साथ निरंतर संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक पात्र किसान को समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल रहा है और राज्य में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

CG – गर्भवती महिला की मौत : घर के आंगन में सांप ने तीन बार डसा, इलाज के दौरान तोड़ा दम, किलकारी गूंजने से पहले पसरा मातम……

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक घर के आंगन में किलकारी गूंजने वाली थी। इस बात से गर्भवती महिला के पति और परिजन बेहद खुश थे। आने वाले नए मेहमान के इंतजार में थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। गभर्वती महिला को जहरीले सांप ने डस लिया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। महिला की मौत से गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरु कर दी है।

यह घटना करतला थाना क्षेत्र की है। क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक गर्भवती महिला को जहरीले सांप ने डस लिया। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मामले की जानकारी मिलते ही तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंचे। इसके बाद महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरु कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, मृतका के पहचान राधिका मांझी के रूप में हुई है, जो कि बोतली के आश्रीत गांव टेंगरमार में अपने ससुराल में रहती थी। 10 महीने पहले ही उसकी शादी फिरत राम मांझी के साथ हुई थी। मंगलवार दोपहर राधिका जब खाना खाकर बाथरूम जा रही थी ,तभी आंगन में उसका पैर सांप से ऊपर पड़ गया। इसके बाद सांप ने एक नहीं बल्कि तीन बार उसे डस लिया। राधिका की चिख पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे करतला स्वास्थय केंद्र में भर्ती कराया।

करतला स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत बिगड़ते ही जिला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां पहुंचते ही राधिका ने दम तोड़ दिया। राधिका की मौत के बाद जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने इसकी सूचना तहसीलदार को दी। सूचना मिलते ही तहसीलदार मौके पर पहुंचे और परिजनों के बयान लेकर जांच शुरु कर दी।

सड़क सुरक्षा उपायों का सबकी सहभागिता से हो बेहतर क्रियान्वयन, सड़क दुर्घटनाएं नही हो और यातायात को बेहतर बनायें – मुख्य सचिव विकासशील…

रायपुर: राज्य सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के दिए निर्देश।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा है कि सुनिश्चित करे कि 108 एम्बुलेंस समय पर दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिाकरियों को इसकी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति के समुचित उपचार हेतु ट्रामा सेंटरों को सुदृढ़ किया जावे। सड़क सुरक्षा एवं स्वप्रेरणा से सुगम यातायात प्रबंधन कार्य हेतु अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों केा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सड़क सुरक्षा की लगातार मानिटरिंग करने और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करने के निर्देश दिए है।

समीक्षा बैठक के प्रारंभ में सचिव परिवहन श्री एस. प्रकाश के प्रारंभिक विभागीय गतिविधियों की विस्तार से से जानकारी दी। श्री संजय शर्मा अध्यक्ष अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) ने संबंधित विभागों द्वारा संपादित कार्यों तथा अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत चिन्हाकित 152 ब्लैक स्पॉट्स में से 102 में सुधार कार्य पूर्ण शेष 50 में सुधारात्मक उपाय शीघ्र किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। यातायात के नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध पुलिस विभाग द्वारा 8,15,954 प्रकरणों पर कार्यवाही 33,22,39,300 रूपए तथा परिवहन विभाग द्वारा राशि 38.52 करोड़ शमन शुल्क वसूल किये गए।

छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक संपन्न

इस वर्ष विभिन्न जिलों में 150 सड़क सुरक्षा समितियां समीक्षा बैठक संपन्न हुई है। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार हेतु 8 जिलों अस्पताल में सीटीस्कैन की जंाच, समस्त जिला अस्पतालों 24ग7 एक्सरे, लेबोट्री जांच,इमरजेंसी संबंधित आवश्यक दवाईयां, इन्जेक्षन उपलब्ध, समस्त जिलों के विशेषज्ञ, चिकित्सा, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस वर्ष शाला सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा से संबंधित यातायात जागरूकता के लगभग 4,47,200 प्रशिक्षण के माध्यम से तथा 7,19,000 यूट्यूब के माध्यम से शिक्षक तथा विद्यार्थी लाभान्वित हुए है। समग्र शिक्षा द्वारा मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा संबंधी प्रषिक्षण में 1200 स्त्रोत व्यक्ति, 46,000 शिक्षक एवं 4 लाख छात्र-छात्राओं तथा राज्य साक्षरता मिशन द्वारा संपन्न वाद-विवाद प्रतियोगिता में सड़क सुरक्षा से 1,38,000 शिक्षकगण/विद्यार्थी/समुदाय लाभान्वित हुए।

यातायात जागरूकता के 15,319 कार्यक्रम, शैक्षणिक संस्थानों में संपन्न हुए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में 3,72,406 एलईडी स्ट्रीट लाईट लगाये गये, 1,02,410 अतिरिक्त लाईट्स की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में करीब में 5388 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावितों के धनरहित उपचार के लिये निर्दिष्ट चिकित्सालयों का आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण, घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्तियों, गुड सेमेरिटन को यथाशीघ्र सम्मान राशि प्रदाय करने के निर्देश दिये गये। राज्य में सर्वाधिक सडक दुर्घटनाओ एवं इससे होने वाली मृत्यु एवं घायलों के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा, जगदलपुर (बस्तर) जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा कर कार्ययोजना तैयार प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये गये।

मुख्य सचिव द्वारा जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में हिट एण्ड रन प्रकरणों के प्रभावितों को राहत के लिये गठित जिला दावा निपटान समिति को प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण तथा जी.आई. सी के अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर दावा निपटान की प्रक्रिया में तेजी लाने, मालवाहक वाहनों में यात्री परिवहन को रोकने अन्य वैकल्पिक प्रबंध, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट, शराब सेवन कर वाहन चलान के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए।

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने अवगत कराया कि शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के पाठ्यक्रमों मे सड़क सुरक्षा विषयक पाठों के परिमार्जन का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसे आगामी शिक्षा सत्र से लागू करने सहित प्रत्येक शैक्षणिक संस्थानों में रोड़ क्लब गठित कर नियमित गतिविधियों से सड़क सुरक्षा का वातावरण तैयार किया जायेगा। श्री एस. प्रकाश सचिव परिवहन ने व्हीकल ट्रेकिंग प्लेटफार्म कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर, आटोमैटेड टेस्टिंग स्टेशन ड्रायविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च संस्थान, क्षेत्रीय ड्रायविंग प्रशिक्षण केन्द्र, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा परिवहन सुविधा केन्द्र पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा प्रदूषण जांच केन्द्र, बस संगवारी ऐप, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेषन प्लेट, ई-ट्रैक, इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग संहित अन्य सड़क सुरक्षा प्रयासों के संबंध में जानकारी दी गई। इसी क्रम में अवगत कराया गया कि प्रदेश में दोपहर 03 बजे से लेकर रात्रि 09 बजे के मध्य शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक दुर्घटनाएं हो रही है। इन दुर्घटनाओं में सर्वाधिक दोपहिया वाहन चालक/सवारों की मृत्यु की प्रमुख वजह बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना है। सड़क सुरक्षा माह का आयोजन बेहतर किया जावे। शहरों के निकास पर प्रभावी प्रवर्तन हो ताकि दुर्घटनाओं में कमी आ सकें। हेलमेट एवं सीटबेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जावे।

ब्लैक स्पॉट्स में जांच समिति द्वारा दिये गये सुझाव अनुरूप समय सीमा पर आवश्यक सुधार का कार्य किया जावे। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट्स में सुधारात्मक उपाय उपरांत दुर्घटनाओं में कितनी कमी आई, इसका विश्लेषण होना चाहिए। ब्लैक स्पॉट्स तय होने के पश्चात् सुधार उपाय करने से बेहतर होगा कि, पहले से रोड़ डिजाईन सही हो, यह सुनिश्चित किया जावे। एनएचएआई एवं एनएच को समय पर स्वप्रेरणा से तत्परता के साथ कार्य संपादन करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में श्री बसवराजू, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, डॉ. कमलप्रीत सिंह सचिव लोक निर्माण विभाग, श्री प्रदीप गुप्ता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात, श्रीमति नेहा चंपावत सचिव गृह विभाग सहित स्वास्थ्य सेवाये, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, जनसंपर्क, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, समस्त संभाग आयुक्त, तथा पुलिस महानिरीक्षक रेंज, सर्वाधिक सड़क दुर्घटना के जिला कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकगण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा परिदृश्य संबंधी वर्चुअल समीक्षा बैठक मंत्रालय में संपन्न हुई।

औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में संशोधन : छत्तीसगढ़ को और अधिक निवेश-अनुकूल एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की बड़ी पहल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अन्य राज्यों की तुलना में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट एवं निवेश-अनुकूल बनाया गया है। इससे राज्य में औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावनाएँ सुदृढ़ हुई हैं।

मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य के मूल निवासियों के लिए स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार का सृजन सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा रोजगार सृजन अनुदान से संबंधित नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले विशेष सेक्टर के उद्यम — जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, आईटी आदि के एमएसएमई इकाइयों को भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को दिए जाने वाले वेतन पर अनुदान प्राप्त होगा।

सेवा क्षेत्र के दायरे का विस्तार करते हुए, मंत्रिमंडल ने कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स एवं ऐप-आधारित एग्रीगेटर, तथा NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब को भी नीति के अंतर्गत सम्मिलित किया है। इन संस्थाओं को अब औद्योगिक विकास नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन एवं अनुदान का लाभ मिलेगा।

पर्यटन एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास को गति देने के उद्देश्य से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पाँच सितारा होटलों तथा अन्य जिलों में तीन सितारा होटलों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक संशोधन किए गए हैं। इसी प्रकार राज्य में बड़े निजी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि NIRF Ranking में शीर्ष 100 में शामिल शिक्षण संस्थानों द्वारा राज्य में परिसर स्थापित किए जाने पर उन्हें नीति के अंतर्गत विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवाओं को विश्व-स्तरीय शिक्षा एवं बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत ये संशोधन छत्तीसगढ़ को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन निर्णयों से राज्य में निवेश बढ़ने, व्यापक रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति को और अधिक तेज एवं संतुलित बनाने में सहायता मिलेगी।