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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर “बस्तर पंडुम 2026” की तैयारियां शुरू, जनजातीय संस्कृति को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देश पर छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की लोक-संस्कृति, परंपरा और विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए बस्तर पंडुम 2026 के आयोजन की तैयारियां शुरु कर दी गई है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में “बस्तर पंडुम 2026” का आयोजन जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगात्मक स्वरूप में किया जाएगा। यह आयोजन बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, नृत्य, गीत-संगीत, पारंपरिक व्यंजन, बोली-भाषा, वेश-भूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, नाट्य एवं जनजातीय जीवन-पद्धति के संरक्षण और संवर्धन का एक भव्य मंच बनेगा।

राज्य शासन ने बस्तर संभाग के सभी सात जिलों-बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर-में इस उत्सव को व्यापक सहभागिता के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग की 1885 ग्राम पंचायतों से जुड़े 32 जनपद मुख्यालयों में 12 विधाओं पर आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ग्राम पंचायत स्तर से चयनित लोक कलाकारों और कला दलों को निःशुल्क ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में आमंत्रित किया जाएगा। पहले चरण में जनपद स्तरीय प्रतियोगिताएं 10 से 20 जनवरी 2026 के बीच आयोजित होंगी। प्रत्येक विधा से एक-एक विजेता दल का चयन किया जाएगा, जिन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। जनपद स्तर पर आयोजन के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत को 5 लाख रुपये का बजट आबंटित किया गया है।

दूसरे चरण में जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 24 से 29 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी। जिला स्तर पर प्रत्येक विधा के विजेता दल को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले को 10 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। अंतिम और सबसे भव्य चरण के रूप में संभाग स्तरीय प्रतियोगिता 2 से 6 फरवरी 2026 तक जगदलपुर, जिला बस्तर में आयोजित होगी। इसमें सातों जिलों से चयनित 84 विजेता दल भाग लेंगे। संभाग स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये तथा शेष 48 प्रतिभागी दलों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

इस महोत्सव की विशेषता यह होगी कि इसमें केवल वही कलाकार भाग ले सकेंगे, जो बस्तर संभाग के वास्तविक मूल निवासी हैं और जनजातीय लोक कला विधाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, गांवों और कस्बों में अपनी कला से पहचान बना चुके वरिष्ठ कलाकारों के साथ-साथ नवोदित कलाकारों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।

प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों को पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह (फोटो फ्रेम) प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। आयोजन को जनउत्सव का स्वरूप देने के लिए समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, आदिवासी मुखियाओं, जनप्रतिनिधियों एवं संस्कृति प्रेमियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

इस संपूर्ण आयोजन के लिए संचालनालय, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। संस्कृति विभाग से श्री युगल तिवारी, नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक (मोबाइलः +91-94063-98080) को आयोजन का दायित्व सौंपा गया है। समन्वय हेतु श्री प्रशांत दुबे (मोबाइलः +91-75093-62263) एवं श्री भाविन राठौर (मोबाइलः +91-99071-41307) को नामांकित किया गया है। सभी जिलों को अपने-अपने स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि “बस्तर पंडुम 2026” को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से आयोजित किया जाए, ताकि बस्तर की लोक-संस्कृति की असली पहचान को सहेजते हुए उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और बड़ी सौगात : जशपुर जिले की 10 सड़कों के लिए 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति, ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी…..

रायपुर: नववर्ष से ठीक पहले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में आवागमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए कुल 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्षों से लंबित इन सड़कों की मांग पूरी होने से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।

स्वीकृत कार्यों में एनएच-43 रोड (मुड़ापारा) से चर्चपारा होते हुए सुकबासुपारा तक सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार रुपये, ग्राम पंचायत कछार से सरपंच बस्ती चौक पक्की सड़क से तिरसोठ तक के लिए 3 करोड़ 41 लाख रुपये, कांसाबेल के डांडपानी से खूटेरा पहुंच मार्ग हेतु 4 करोड़ 52 लाख रुपये तथा पाले पखना से जुनवाईंन पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इसी क्रम में कांसाबेल के सेमरकछार भट्टीटोली से लपई पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 69 लाख रुपये, ग्राम पंचायत कर्रबेवरा से पखनापारा माड़ो गुफा तक पहुंच मार्ग हेतु 1 करोड़ 88 लाख रुपये, ग्राम पंचायत घरजियाबथान के ठाकुरमुड़ा से रघुनाथपुर जोड़ा तालाब मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत पाकरगांव से तुरवाआमा होते हुए चौराआमा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत भगरपुर से भगोरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 60 लाख रुपये तथा अटल चौक से पंडरीपानी होते हुए तिलंगा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 43 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और बड़ी सौगात

इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। इससे किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच और अधिक सुलभ होगी।

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नए वर्ष से पूर्व जिले को यह महत्वपूर्ण विकास सौगात देकर वर्षों पुरानी मांग पूरी की है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जशपुर जिले के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी…..

रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

CG – सनकी प्रेमी का कारनामा : प्रेमिका को फोन कर घर से बाहर मिलने बुलाया, फिर कर दिया ये कांड, आरोपी नागपुर से गिरफ्तार……

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से प्रेम संबंध में हिंसा की एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अपनी प्रेमिका की हत्या करने के इरादे से उसके गले पर ब्लेड से हमला कर फरार हुए आरोपी को दुर्ग पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पुलगांव थाना क्षेत्र के जेवरा सिरसा चौकी अंतर्गत सिल्ली सगनी गांव निवासी 20 वर्षीय अमन निषाद के रूप में हुई है। पुलिस ने सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अमन निषाद और पीड़िता के बीच पिछले तीन से चार वर्षों से प्रेम संबंध था। बताया गया कि पीड़िता नाबालिग है। कुछ माह पहले अमन ने परिवार की सहमति से किसी अन्य युवती से विवाह कर लिया। इस बात की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने उससे दूरी बना ली और संबंध तोड़ दिए। इसी बात को लेकर आरोपी मानसिक रूप से असंतुलित और आक्रोशित रहने लगा।

घटना 24 दिसंबर की रात की बताई जा रही है। रात करीब 12:30 बजे आरोपी ने पीड़िता को फोन कर घर से बाहर बुलाया। दोनों के बीच बातचीत के दौरान आरोपी ने उस पर शादी का दबाव बनाना शुरू किया। पीड़िता द्वारा साफ इनकार करने पर अमन का गुस्सा भड़क उठा। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता का गला दबाते हुए धमकी दी कि “अगर तू मेरी नहीं हो सकती, तो मैं तुझे किसी और की भी नहीं होने दूंगा।”

इसके बाद आरोपी ने अपने पास रखे ब्लेड से पीड़िता के गले पर दो से तीन बार वार कर दिए। अचानक हुए हमले से पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके गले से खून बहने लगा। दर्द और डर के कारण पीड़िता जोर-जोर से चिल्लाने लगी, जिससे आसपास के लोग सतर्क हो गए। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी मौके से फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही जेवरा सिरसा चौकी में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पीड़िता को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच सकी।

जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से जानकारी मिली कि आरोपी महाराष्ट्र के नागपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद दुर्ग पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने नागपुर पहुंचकर दबिश दी और आरोपी अमन निषाद को गिरफ्तार कर लिया।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1.    मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई।

2.    मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई।

3.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है।

4.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक

वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी।

5.    मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि – 
उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल

सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी

6.    मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

7.    मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

8.    मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

9.    मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

10.    मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।

मंत्रिपरिषद के निर्णय (पिडीएफ)

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी….

रायपुर: दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल….

रायपुर: केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU) ग्रामीण रोजगार में वनोपज और औषधीय पौधों के संग्रह, प्रसंस्करण और मूल्य-वर्धन (value addition) के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीणों, खासकर महिलाओं, के लिए आय और रोजगार के नए अवसर पैदा करती है। दुर्ग जिला के पाटन विकासखंड के जामगांव एम में स्थापित केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई ग्रामीण रोजगार, वनोपज प्रसंस्करण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से बाजार में उपलब्ध
यह इकाई लगभग 111 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है, जहां छत्तीसगढ़ शासन और राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के माध्यम से वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से वनोपज और औषधीय पौधों का क्रय, संग्रहण और प्रसंस्करण किया जा रहा है। यहां तैयार किए जा रहे हर्बल उत्पाद ‘छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से बाजार में उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है।

प्रसंस्करण इकाई से मिल रहा स्थानीय लोगों को रोजगार
प्रसंस्करण इकाई क्रमांक- 01 में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं। यहां आंवला, बेल और जामुन से जूस, कैंडी, लच्छा, मुरब्बा, शरबत, पल्प और आरटीएस पेय जैसे शुद्ध हर्बल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों का विक्रय एनडब्ल्यूएफपी मार्ट और संजीवनी स्टोर के माध्यम से किया जाता है। इस इकाई ने मात्र एक वर्ष में लगभग 44 लाख रुपये मूल्य के उत्पादों का निर्माण और विक्रय कर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने में अहम योगदान दिया है।

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल

20 हजार मीट्रिक टन क्षमता का केंद्रीय वेयरहाउस
इकाई क्रमांक- 02 में चार बड़े गोदाम बनाए गए हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 20,000 मीट्रिक टन है। यहां राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त वनोपज का सुरक्षित भंडारण किया जाता है। वर्तमान में कोदो, कुटकी, रागी, हर्रा कचरिया, चिरायता, कालमेघ, पलास फूल और साल बीज सहित विभिन्न वनोपज का संग्रह किया गया है। इन उत्पादों का विक्रय संघ मुख्यालय रायपुर द्वारा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इन दोनों इकाइयों के संचालन से अब तक 5,200 से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजित हो चुका है।

पीपीपी मॉडल पर हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट यूनिट की स्थापना
जामगांव एम में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट की स्थापना की गई है। यह यूनिट छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और स्फेयर बायोटेक कंपनी के संयुक्त प्रयास से बनी है, जिसका लोकार्पण वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा किया गया था। लगभग 6 एकड़ क्षेत्र में बनी इस यूनिट में गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मुसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा और शतावरी जैसे औषधीय पौधों से अर्क निकाला जा रहा है। इन अर्कों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं और वेलनेस उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।

ग्रामीणों और संग्राहकों को स्थायी लाभ
हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट के माध्यम से ग्रामीण संग्राहकों से वनोपज और औषधीय पौधों का पूर्ण क्रय सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उन्हें उचित मूल्य और नियमित आय मिल रही है। इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है और नए रोजगार अवसर भी सृजित हो रहे हैं। जामगांव एम की केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई, वेयरहाउस और हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट वनोपज की मूल्यवृद्धि के साथ-साथ ग्रामीणों और संग्राहकों के लिए आजीविका के मजबूत साधन बन रहे हैं।

CG – हेड मास्टर सस्पेंड : स्कूल में आकर करता था ये घटिया हरकत, DEO ने हेड मास्टर को किया निलंबित, जाने पूरा मामला…..

बलरामपुर–रामानुजगंज। जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक शाला बैरडीहखुर्द में पदस्थ प्रधान पाठक बीरबल यादव के खिलाफ आपत्तिजनक और अश्लील हरकतों की शिकायत मिली है। प्रधान पाठक गांव की महिलाओं को संबंध बनाने के लिए दबाव बनाते हैं। महिलाओं का आरोप है कि प्रधान पाठक उनसे अश्लील बातें करते हैं और शारीरिक संबंध बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों से दबाव बनाते हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने हेड मास्टर को निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

हेड मास्टर की हरकतों को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने गंभीरता से लिया। सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों को ग्रामीणों ने बताया कि गांव की महिलाएं और किशोरियां शिक्षक की अश्लील हरकत से खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रधान पाठक गांव की महिलाओं को पत्नी बनाने की बात कर अनुचित संबंध बनाने का दबाव डालते हैं और अश्लील बात करते हैं। प्रधान पाठक पर महिलाओं को प्राइवेट पार्ट दिखाने का भी आरोप है। प्रधान पाठक की अश्लील हरकत का वीडियो भी ग्रामीणों ने मोबाइल में कैद कर लिया है और डीईओ को शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीईओ ने जांच कमेटी का गठन कर मामले की जांच का निर्देश दिया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने हेड मास्टर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।

DEO ने जारी किया निलंबन आदेश

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अनुसार बीरबल प्रसाद यादव प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला बैरडीहखुर्द विकासखण्ड कुसमी के द्वारा संस्था में खाना बनाने वाली सहायिका, ग्रामीण महिला को नशे की हालत में अपना प्राइवेट पार्ट दिखाकर अश्लील हरकत करने एवं शराब के नशे में विद्यालय में अध्ययनरत् छात्र, छात्राओं से मारपीट व गाली गलौज करने संबंधी शिकायत संज्ञान में आने पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कुसमी को तत्काल टीम गठित कर जांच करते हुए जॉच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। निर्देश के परिपालन में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कुसमी, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कुसमी, 01 प्राचार्य एवं संकुल समन्वयक के साथ-साथ तीन महिला शिक्षिकाओं का जांच टीम बनाकर स्थल पर जाकर जांच किया गया।

उक्त जांच में बीरबल प्रसाद यादव प्रधान पाठक के ऊपर लगाये गए आरोपों की पुष्टि होने का प्रतिवेदन विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कुसमी के पत्र के द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के अभिमत अनुसार बीरबल प्रसाद यादव प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला बैरडीहखुर्द विकासखण्ड कुसमी जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के विरूद्ध प्राप्त शिकायत प्रथम दृष्टया प्रमाणित पायी गई है। यादव का आचरण अशिष्ट, अभद्र एवं अशोभनीय है तथा महिलाओं के प्रति कार्यस्थल पर लैंगिक अपराध की श्रेणी में आता है। जो शिक्षकीय कार्य के प्रति अशोभनीय एवं निंदनीय है। यादव अपने कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति घोर लापरवाह एवं उदासीन है।

बीरबल प्रसाद यादव प्रधान पाठक का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन है। शासकीय कर्तव्य के प्रति उपर्युक्त लापरवाही के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत बीरबल प्रसाद यादव प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला बैरडीहखुर्द विकासखण्ड कुसमी जिला बलरामपुर-रामानुजगंज को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित किया जाता है।

निलंबन अवधि में बीरबल प्रसाद यादव का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बलरामपुर विकासखण्ड बलरामपुर नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में इन्हे मूल नियम 53 के तहत् नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

CG कैबिनेट ब्रेकिंग : साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, इन वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50% की छूट……

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में आम लोगों, किसानों, आदिवासी परिवारों, उद्योग और उपभोक्ताओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया।

यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। इस निर्णय का लाभ पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को मिलेगा। सरकार ने इस संबंध में सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

CG – 2 लोगों की लाश मिलने से मचा हड़कंप, खेत में मिला महिला का शव, लहूलुहान हालत में पड़ा था युवक, जांच में जुटी पुलिस……

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अलग-अलग जगहों पर दो लोगों की लाश मिली है। पानी से भरे खेत में एक महिला की लाश मिली है। जबकि डांस देखने गए युवक की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गयी।

मामला जिले के रजगामार पुलिस चौकी अंतर्गत कोरकोमा गाँव और उरगा थाना क्षेत्र का है। कोरकोमा में एक महिला की लाश खेत में मिली है। वहीँ, उरगा थाना क्षेत्र के लबेद गांव में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ डांस देखने गया था लेकिन वापस नहीं लौटा। वह घायल हालत में मिला और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी

पहली घटना, रजगामार पुलिस चौकी अंतर्गत कोरकोमा गाँव की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे खेत से महिला की लाश मिली है। किसान जोगीराम राठिया ने फसल की बुआई के लिए खेत में पानी भरा हुआ है। जब वह खेत गया तो उसे पानी से भरे खेत में एक अज्ञात महिला का शव मिला। महिला की लाश मिलते ही हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गयी।

महिला की उम्र 40 से 45 वर्ष बताई जा रही है। उसके शव को पोस्टमोर्टम के लिए भेजा गया है। मृतका की पहचान नहीं हो सकती है। बताया जा रहा है उसे गाँव में देखा नहीं गया है। आसपास के थानों में इसकी सूचना दी गयी है। जल्द ही इसका खुलासा हो जायेगा।

दूसरी घटना, उरगा थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान सक्ती जिले के नगरदा गांव निवासी 35 वर्षीय सुखदेव केवट के रूप में हुई है। सुखदेव केवट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। सुखदेव केवट सोमवार रात अपने दोस्तों के साथ डांस देखने बाइक से कोरबा जिले के उरगा थाना अंतर्गत तुमान गांव गया था। उसके बाद वो कबड्डी प्रतियोगिता देखने चले गया।

वहां से सुखदेव सिगरेट पीने की बात कहकर अपनी बाइक लेकर चला गया। सभी दोस्त डांस देखने के बाद मंगलवार सुबह घर पहुंच गए। लेकिन सुखदेव नहीं पहुंचा था। सुखदेव को ढूंढने की कोशिश भी गयी। लेकिन कुछ पता नहीं सका। इसी बीच तुमान के एक दुकानदार के वॉट्सऐप स्टेटस पर फोटो डली मिली। उससे पूछने पर दुकानदार ने बताया कि युवक घायल अवस्था मिला था उसे जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जब परिजन और दोस्त जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे तो पता चला सुखदेव की मौत हो चुकी थी। उसकी मौत कैसे हुई अभी इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।