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दिव्यांग नेमी सिंह को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदान की पेट्रोल चलित स्कूटी….

रायपुर: उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की संवेदनशील पहल से एक बार फिर दिव्यांगजन को आत्मनिर्भरता की राह मिली है। विकासखंड बोड़ला के ग्राम सरेखा निवासी एक पैर से दिव्यांग श्री नेमीसिंह साहू को आज विधायक कार्यालय कवर्धा में पेट्रोल चलित स्कूटी प्रदान की गई।

एक कृषक परिवार से आने वाले श्री नेमीसिंह साहू ने लगभग बारह वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर खो दिया था। दिव्यांगता के कारण उन्हें दैनिक आवागमन और जीवनयापन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अपने प्रतिदिन के कार्यों के लिए आना-जाना उनके लिए अत्यंत मुश्किल हो गया था।

दिव्यांग नेमी सिंह को उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रदान की पेट्रोल चलित स्कूटी

अपनी समस्या को लेकर श्री साहू ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को आवेदन दिया था। उनकी आवश्यकता और सामाजिक – आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने तुरंत सहायता दिलाने के निर्देश दिए थे। जिसके तहत आज उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने खुद उन्हें उनके वाहन की चाभी भेंट की। स्कूटी पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। नेमीसिंह ने वर्षों से कोई वाहन नहीं चलाया था तो जैसे ही उन्होंने स्कूटी चालू की और स्कूटी डगमगाई उपमुख्यमंत्री ने उन्हें थाम लिया और अपने सामने उनसे स्कूटी चालन की प्रैक्टिस भी कराई।

स्कूटी पाकर भावुक नेमी सिंह साहू ने कहा कि अब उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए अब दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह स्कूटी उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने इस सहयोग के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी।

उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में 100 से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

नगरी अंचल में हरित क्रांति की नींवः फुटहामुड़ा नहर से 22 गांवों को मिलेगी स्थायी सिंचाई….

रायपुर: धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में बहुप्रतीक्षित फुटहामुड़ा नहर निर्माण परियोजना अब तेज़ी से मूर्त रूप ले रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

गंगरेल जलाशय के सैंडल डैम, ग्राम फुटहामुड़ा से प्रारंभ होकर लगभग 19.74 किलोमीटर लंबी यह नहर परियोजना नगरी विकासखंड के 22 ग्रामों के लगभग 1940 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी। परियोजना के पूर्ण होने से खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों का रकबा बढ़ेगा, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता और आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक स्तर पर भी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं। मुख्य नहर से प्रभावित 10 ग्रामों में 14.33 हेक्टेयर भूमि का भू-अर्जन पूरा हो चुका है, वहीं वन प्रकरण से प्रभावित 24.42 हेक्टेयर भूमि की अंतिम स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। इन स्वीकृतियों के बाद निर्माण कार्य में आने वाली सभी प्रमुख बाधाएं समाप्त हो गई हैं और कार्य अब निर्बाध गति से आगे बढ़ रहा है।

जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अनुसार, यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होने से कृषि आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र से होने वाले पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

फुटहामुड़ा नहर से 22 गांवों को मिलेगी स्थायी सिंचाई

ज्ञात हो कि फुटहामुड़ा नहर परियोजना नगरी विकासखंड के किसानों को दीर्घकालीन लाभ देने वाली योजना है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो, ताकि यह परियोजना कृषि समृद्धि के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा दे सके। उल्लेखनीय है कि हाल ही में उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और आवश्यक संसाधनों की समीक्षा की गई थी। अधिकारियों के मार्गदर्शन में अब कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। फुटहामुड़ा नहर परियोजना को नगरी अंचल में हरित क्रांति की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

CG Politics : इस पार्टी को लगा बड़ा झटका, एक साथ इतने नेताओं ने थामा भाजपा का दामन……

बलरामपुर। गोंडवाना गणराज्य पार्टी (जीजीपी) को एक बड़ा झटका लगा है। 15 लोगों ने एक साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में प्रवेश किया। इस अवसर पर विधायक शकुन्तला सिंह पोर्ते ने इन सभी लोगों को भाजपा में शामिल कराया। यह ज्वाइनिंग समारोह पुल के उद्घाटन के बाद आयोजित किया गया, जिसे स्थानीय नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में देखा।

भाजपा में शामिल हुए लोगों में स्थानीय प्रभावशाली नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने अपने क्षेत्र में पार्टी का मजबूत समर्थन बनाने का भरोसा जताया। विधायक शकुन्तला सिंह पोर्ते ने इस मौके पर कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले सभी नए सदस्य पार्टी के विकास और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर में कांवड़िया विश्राम गृह निर्माण का किया भूमिपूजन, 1.54 करोड़ की लागत से होगा तैयार….

रायपुर: पवित्र सावन माह में अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर दुर्गम एवं कठिन रास्तों से पदयात्रा करते हुए कवर्धा स्थित भगवान बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक करने आने वाले हजारों श्रद्धालु कांवड़ियों के लिए आज एक ऐतिहासिक सौगात मिली। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कांवड़ियों की सुविधा और विश्राम के लिए 1 करोड़ 54 लाख 72 हजार रूपए की लागत से बनने वाले श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) के निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। भूमिपूजन कार्यक्रम से पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भगवान बूढ़ा महादेव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डाॅ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डाॅ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेश राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा सहित समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि, श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित थे।

कांवड़ियों को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की बड़ी सौगात

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान बूढ़ा महादेव न केवल कवर्धा बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। यह स्थल सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र रहा है। प्रत्येक वर्ष पवित्र सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़िये अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कठिन एवं दुर्गम मार्गों से पैदल यात्रा करते हुए भगवान बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। कांवड़ियों की इस कठिन तपस्या, अटूट आस्था एवं श्रद्धा को दृष्टिगत रखते हुए उनके विश्राम एवं आवश्यक सुविधाओं के लिए श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आरामदायक रूप से ठहरने की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के अमरकंटक क्षेत्र में भी कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए शीघ्र ही भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छत्तीसगढ़ सहित कवर्धा एवं अन्य जिलों से अमरकंटक जाने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को वहां ठहरने की बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी।

कांवड़ियों को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की बड़ी सौगात

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर उज्जैन एवं बनारस की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे भोरमदेव मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है, जो कवर्धा को धार्मिक एवं पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समस्त नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से इस ऐतिहासिक अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया।

सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) निर्माण  पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व और आस्था का विषय है। कवर्धा की ख्याति आज पूरे देश में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से स्थापित हो चुकी है। श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर को श्रद्धालुओं द्वारा ‘छोटा काशी’ के रूप में जाना जाता है। श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में 24 घंटे चलने वाला राम नाम संकीर्तन भगवान की विशेष कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक है, जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है।

कांवड़ियों को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की बड़ी सौगात

पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह ने कहा कि आज भगवान बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) निर्माण कार्य का शुभारंभ अत्यंत हर्ष का विषय है। अन्य शिवालयों में सामान्यतः एक ही शिवलिंग की पूजा-अर्चना का विधान है, जबकि भगवान पंचमुखी श्री बूढ़ा महादेव मंदिर में एक साथ 25 शिवलिंगों के दर्शन एवं पूजा का पुण्य लाभ प्राप्त होता है।

नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि आज का दिन कवर्धा नगर एवं समस्त श्रद्धालु कांवड़ियों के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का अवसर है। पवित्र सावन माह में मां नर्मदा का जल लेकर भगवान बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक करने आने वाले कांवड़ियों के लिए कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) एक बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि यह वह सुविधा है, जिसका कांवड़ियों को वर्षों से इंतजार था।

सावन माह में कावंडियों को मिलेगी सुविधा

नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भवन सावन माह के दौरान एक माह तक विशेष रूप से कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ठहरने की सुविधा मिलेगी। शेष 11 माह यह भवन नगरवासियों के लिए विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए उपलब्ध रहेगा।

मखाना खेती से बदलेगी धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर…

रायपुर: कृषि विविधीकरण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में धमतरी जिले ने एक और ठोस कदम बढ़ाया है। विकासखंड नगरी के ग्राम सांकरा से 40 इच्छुक महिला किसान समूह का एक दल रायपुर जिले के विकासखंड आरंग अंतर्गत ग्राम लिंगाडीह पहुंचा, जहाँ उन्होंने मखाना प्रोसेसिंग एवं आधुनिक खेती तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अध्ययन भ्रमण एवं प्रशिक्षण की संपूर्ण व्यवस्था जिला उद्यानिकी विभाग, धमतरी द्वारा की गई। ख़ास कर कलेक्टर धमतरी ने मखाना खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी को लेकर रुचि ले रहे हैं ।

ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी

अब जल्द ही धान से आगे सोच से मखाना खेती से धमतरी की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक तस्वीर बदलेगी ।  छोटी छोटी डबरी से समृद्धि तक धमतरी की महिलाओं को मखाना खेती में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह दिखायी दे रही है । शासकीय प्रयासों का प्रतिफल है कि मखाना खेती से धमतरी में आर्थिक सशक्तिकरण होगा ।

मखाना का उत्पादन लागत और बाजार संभावनाओं पर विस्तार से दी जानकारी

कलेक्टर के सतत प्रयासों से धमतरी जिले के ग्राम राखी, पीपरछेड़ी, दंडेसरा, राँकाडोह एवं सांकरा में लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में डबरी चिन्हांकन कर मखाना खेती की शुरुआत हो चुकी है। महिला किसानों ने  स्थानीय ओजस फार्म का भ्रमण करते हुए मखाना की खेती, कटाई, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी संपूर्ण श्रृंखला को नजदीक से समझा। फार्म प्रबंधक श्री संजय नामदेव ने किसानों को बताया कि मखाना की खेती के लिए जलभराव वाली डबरी, तालाब या जल संरचनाएं उपयुक्त होती हैं। उन्होंने तकनीकी पहलुओं, बीज चयन, उत्पादन लागत और बाजार संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी तथा यह भी बताया कि उचित प्रशिक्षण एवं सरकारी सहयोग से यह फसल किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

स्थायी आय का मजबूत स्रोत विकसित

इस अवसर पर श्री शिव साहू ने मखाना खेती के व्यावसायिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह फसल कम जोखिम वाली है और इससे स्थायी आय का मजबूत स्रोत विकसित किया जा सकता है। महिला किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मखाना खेती से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का नया अवसर दिखाई दे रहा है।
डबरी से समृद्धि तक : महिलाओं ने मखाना खेती में देखी आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह
एक किलो मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप तैयार

बिहार के दरभंगा निवासी मखाना प्रोसेसिंग विशेषज्ञ श्री रोहित साहनी फोड़ी ने प्रसंस्करण की बारीकियां समझाते हुए बताया कि 1 किलो मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप तैयार होता है, जिसकी बाजार कीमत 700 रुपये से 1000 रुपए प्रति किलो तक होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसान स्वयं उत्पादन के साथ प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करें, तो प्रति एकड़ लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

औसत उत्पादन 10 क्विंटल तक प्राप्त

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रमुख वैज्ञानिक ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जानकारी देते हुए बताया कि प्रति एकड़ लगभग 20 किलो बीज की आवश्यकता होती है और औसत उत्पादन 10 क्विंटल तक प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि छह माह की अवधि वाली इस फसल में कीट-व्याधि का प्रकोप नगण्य होता है तथा चोरी जैसी समस्याएं भी नहीं होतीं, जिससे यह किसानों के लिए सुरक्षित विकल्प बनती है।

किसानों ने मखाना बोर्ड एवं राज्य शासन की योजनाओं की दी गई जानकारी

उप संचालक उद्यानिकी, धमतरी  डॉ.पूजा कश्यप साहू के मार्गदर्शन में ग्रामीण उद्यानिकी अधिकारी श्री चंद्रप्रकाश साहू एवं बीटीएम श्री पीताम्बर भुआर्य के साथ आए किसानों ने मखाना बोर्ड एवं राज्य शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। डॉ.पूजा ने बताया कि मखाना की खेती को प्रोत्साहन देने हेतु प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं सब्सिडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

 राज्य का पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम व्यावसायिक मखाना उत्पादन आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा प्रारंभ किया गया था, जहाँ राज्य का पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र भी स्थापित हुआ।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
आज मखाना उत्पादन छत्तीसगढ़ की नई कृषि पहचान बन रहा है। धमतरी की महिला किसानों का यह प्रयास न केवल कृषि नवाचार का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन,प्रशिक्षण और प्रशासनिक संकल्प से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।

CG – जिस बकरे को रेबीज संक्रमित कुत्ते ने काटा, उसी को खा गए 400 लोग…फिर जो हुआ….. गांव में मचा हड़कंप…..

सरगुजा। जिले में रेबिज संक्रमित कुत्ते के काटे गए बकरे की बलि दे दी और उस मांस को गांव के लगभग 400 ग्रामीणों ने खा लिया। इसके बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग ने गांंव में कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं।

यह पूरा मामला सरगंवा गांव का है। इस गांव के 400 में हड़कंप मच हुआ है, क्योंकि उन्हें खाने में रेबिज संक्रमित कुत्ते की ओर से काटे गए बकरे का मांस परोस दिया गया। ऐसे में अब ग्रामीणों को रैबिज फैलने का डर सताने लगा है। मामले की जानकारी जैसे ही स्वास्थ्य विभाग को लगी तो तुरंत कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, गांव निकाली पूजा का आयोजन किया गया था। इस दौरान 12 से 15 बकरे की बली दी गई। इसके बाद बली के बकरे के मांस का बंटवारा कर दिया गया, जिसे गांव के लगभग 400 लोगों ने खाया। वहीं अब खबर है कि जिन बकरों की बली दी गई है उनमें से एक बकरे को रेबीज संक्रमित कुत्ते ने काट लिया था। घटना की जानकारी जैसे ही गांव में फैला तो हड़कंप मच गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के सरपंच नारायण प्रसाद और उप सरपंच कृष्ण सिंह ने गांव के नान्हू राजवाड़े से बकरा खरीदा था। उनमें से एक बकरे को रेबीज संक्रमित कुत्ते ने काट लिया था, जिसकी बलि चढ़ाकर मांस को बांट दिया गया। वहीं अब मांस को खाने के बाद ग्रामीणों को रेबिज फैलने का डर सता रहा है।

इधर सरपंच और उप सरपंच ने गांव में हड़कंप मचने के बाद इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी। रेबिज संक्रमित कुत्ते की ओर से काटे गए बकरे का मांस खाने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में 31 दिसंबर को कैंप लगाने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

धान उपार्जन केंद्रों की सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसानों को राहत….

रायपुर: प्रदेश में धान उपार्जन कार्य पारदर्शी, सुव्यवस्थित और किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। प्रशासन की सतत निगरानी और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते राज्य के विभिन्न जिलों में किसानों को धान विक्रय में सहूलियत मिल रही है और खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल एवं समयबद्ध हो गई है।

सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत शिवपुर के किसान श्री राजेंद्र प्रसाद ने धान उपार्जन केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान की पैदावार अच्छी हुई है और उनके पास कुल 148 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने धान उपार्जन समिति के माध्यम से पहले चरण में 50 क्विंटल धान का टोकन कटवाया, जिसमें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।

किसान राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास की प्रक्रिया पूर्ण की गई, नमी परीक्षण किया गया और तत्पश्चात तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। धान विक्रय की संपूर्ण प्रक्रिया नियमानुसार, पारदर्शी और सुव्यवस्थित रही। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, बैठने और छाया जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, जिससे प्रतीक्षा अवधि में भी किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों को धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन, सब्जी सहित अन्य फसलों की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हो रही है।

किसान राजेंद्र प्रसाद ने वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था को सराहनीय बताते हुए कहा कि सरकार की किसान-हितैषी नीतियों से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिसके कारण धान विक्रय प्रक्रिया पूरी तरह सुगम हो गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने की प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा…..

रायपुर: स्वास्थ्य सेवाओं में तेज़ और प्रभावी सुधार की दिशा में केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने बैठक में राज्यों को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि “टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाएगा तथा जनभागीदारी आधारित मॉडल से स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ किया जाएगा।”

बैठक के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सचिव स्वास्थ्य श्री अमित कटारिया, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री रणबीर शर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इस दौरान श्री नड्डा ने दवा विनियमन को कड़ा करने, निदान सुविधाओं का विस्तार करने, टेलीमेडिसिन व रोगी-केंद्रित देखभाल को बढ़ावा देने तथा जनभागीदारी को व्यापक रूप से सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में स्वास्थ्य परामर्श अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से औषधि प्रबंधन, निदान सेवाओं और जनस्वास्थ्य पहलों को नई दिशा मिलेगी और इनका प्रभाव सीधे नागरिकों तक पहुँचेगा।

केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि राज्यों के सभी रक्तकोष निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें तथा उनकी नियमित निगरानी व निरीक्षण को कठोर बनाया जाए। नि:शुल्क औषधि एवं निदान योजना के अंतर्गत अधिकतम जनसंख्या को लाभान्वित करने, खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम को प्राथमिकता देने और खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्यों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने और उनके माध्यम से क्षय रोगियों के लिए पोषण एवं खाद्य सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। श्री नड्डा ने कहा कि जोखिमग्रस्त आबादी में एक्स-रे आधारित जाँच को तीव्र गति से पूर्ण कर समयबद्ध निदान सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं सभी जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेवाएँ संचालित कर कैंसर उपचार को सुदृढ़ किया जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा ने की प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा

उन्होंने निर्देश दिए कि मातृ मृत्यु दर (MMR), शिशु मृत्यु दर (IMR) एवं नवजात मृत्यु दर (NMR) में कमी लाने हेतु निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए, जबकि गैर-संचारी रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य आधारित तरीके से पूरी की जाए। इसी क्रम में कुष्ठ नियंत्रण के लिए प्रत्येक तिमाही सक्रिय रोगी खोज अभियान, MMR और IMR पर उन्मुखीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि TB कार्यक्रम को मज़बूत करने के लिए 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें राज्यों को उपलब्ध कराई जाएँगी। बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए पृथक अस्पताल स्थापित करने की माँग भी केंद्र के समक्ष रखी गई । श्री नड्डा ने छत्तीसगढ़ की प्रगति की सराहना करते हुए मानव संसाधन में अतिरिक्त सहयोग हेतु केंद्र के सहयोग का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) प्रणाली ट्रस्ट मॉडल पर संचालित होती रहेगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से खाद्य एवं औषधि नमूनों की जाँच बढ़ाई जाएगी और खाद्य सुरक्षा क्षमता विस्तार हेतु राज्य आवश्यक स्थान उपलब्ध कराएँगे, जिसके लिए केंद्र वित्तीय मदद प्रदान करेगा।

विस्तृत चर्चा के पश्चात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “केंद्र और राज्य की साझेदारी ही स्वास्थ्य सुधारों की आधारशिला है। हमारा लक्ष्य केवल सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि परिणामों पर केंद्रित बदलाव है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे।”

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों और आगामी कार्ययोजना की दी जानकारी….

रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों और आगामी कार्ययोजना की दी जानकारी

उन्होंने इस दौरान पिछले दो वर्षों में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए कार्यों तथा विभाग की आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी पत्रकार-वार्ता में मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकार-वार्ता (पीडीएफ)

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना की…

रायपुर: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

जनजातीय गौरव और विकास की राह पर आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम – कार्तिक यात्रा का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।