जलभराव से जूझता कथा स्थल – आस्था या अव्यवस्था?”
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसके कंधो पर?

भीलवाड़ा। वस्त्रनगरी में 9 से 15 सितंबर तक प्रस्तावित श्री शिव महापुराण कथा को लेकर आजादनगर में स्थित मेडिसिटी मैदान की हालत देखकर श्रद्धालु सकते में हैं। चारों ओर फैला कीचड, अधूरी व्यवस्थाएं और अव्यवस्थित स्थल यह दर्शा रहे हैं कि आयोजन समिति समय रहते तैयारियों को लेकर गंभीर नहीं हैं। इतने बड़े धार्मिक आयोजन के लिए लाखो की संख्या में श्रद्धालु आने वाले हैं, लेकिन कथा स्थल की वर्तमान स्थिति न केवल अव्यवस्था को उजागर कर रही है बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रही है कि आखिर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? आस्था के नाम पर आखिरी वक्त पर कामचलाऊ इंतजाम कर देने की परंपरा कब तक जारी रहेगी? समय रहते ठोस तैयारी नहीं हुई तो यह आयोजन श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट कर सकता है। यह नजारा मेडिसिटी मैदान का है, शुक्रवार को मूसलाधार बारिश के चलते यह मैदान कीचड़ में तब्दील हों गया।
मूसलाधार बारिश से मैदान कीचड़ में तब्दील?
मूसलाधार बारिश ने मेडिसिटी मैदान की असलियत उजागर कर दी है। चारों ओर कीचड़, जलभराव और अव्यवस्थित तैयारियां यह बता रही हैं कि ‘आस्था के नाम पर केवल???’ भव्य आयोजन के लिए चुना गया मेडिसिटी मैदान अब कीचड़ और जलभराव के दलदल में तब्दील हो चुका है। आखिर इतनी बड़ी कथा के लिए मैदान का चुनाव सोच-समझकर हुआ था या नहीं?